
Greater Noida Farmer Protest : ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण पर पीड़ित किसानों द्वारा लगाकर महापड़ाव जारी है। आज धरने के 29वें दिन किसानों का प्रतिनिधि मंडल डीएम मनीष कुमार वर्मा से मिला और उन्हें किसानों के 10% आबादी प्लाट, सर्किल रेट में लंबे समय से रुके हुए रेट रिवीजन और उसी रुके हुए रेट रिवीजन के कारण किसानों के अत्यधिक कम मुआवजा के बारे में अवगत कराया गया। साथ ही जिलाधिकारी को प्राधिकरण द्वारा जानबूझकर किसानों के लंबित अन्य मुद्दों साढे 17% प्लाट कोटा, आबादियों के लीज बैक, 120 वर्ग मीटर का न्यूनतम प्लाट, समझौते के अनुसार भूमिहीनों का 40 वर्ग मीटर का प्लाट, एवं अन्य मुद्दों से अवगत कराया। आज के धरने की अध्यक्षता बाबा रतिराम ने की संचालन जगबीर नंबरदार ने किया।
किसान सभा के जिलाध्यक्ष नरेंद्र भाटी ने डीएम को अवगत कराते हुए कहा कि हमारी सभी मांगें पुरानी है कुछ भी नया नहीं है। सभी मुद्दों के संबंध में पहले से समझौते और कानून और नियम बने हुए हैं परंतु प्राधिकरण द्वारा जानबूझकर किसानों के मुद्दों की उपेक्षा की है समझौतों को लागू नहीं किया गया है। इसलिए किसानों ने मजबूर होकर यह कदम उठाया है। प्रतिनिधि मंडल के सदस्य निशांत रावल ने कहा कि किसान आर पार की लड़ाई के मूड में है। धरना तभी उठेगा जब किसानों के मुद्दे हल हो जाएंगे।
धरने को कांग्रेस कार्य समिति के राष्ट्रीय सदस्य अजय चौधरी ने संबोधित किया। किसान सभा के उपाध्यक्ष ब्रह्मपाल, सूबेदार महाराज सिंह, प्रधान राजीव नगर, राजेश प्रधान, संदीप भाटी, मोहित भाटी जुनपत, तेजपाल प्रधान घोड़ी, यतेंद्र मैनेजर मायेचा, अजय पाल भाटी रामपुर ने संबोधित किया। सैकड़ों महिलाओं ने धरने में बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया किसान सभा के संयोजक वीर सिंह नागर ने धरने को संबोधित करते हुए कहा कि हर दिन किसानों की और खासकर महिलाओं की संख्या बढ़ती ही जा रही है। 28 तारीख को ऐतिहासिक ट्रैक्टर रैली होने वाली है। और 6 तारीख को डेरा डालो घेरा डालो प्रोग्राम के तहत हजारों की संख्या में किसान प्राधिकरण पर अपना डेरा जमाएंगे डेरा तभी उठेगा जब किसानों के मुद्दे हल हो जाएंगे।
किसान सभा के प्रवक्ता डॉ. रुपेश वर्मा ने धरने को संबोधित करते हुए कहा कि हमने सभी स्तर के अधिकारियों को अपने मुद्दों से अवगत करा दिया है। एसडीएम से लेकर चेयरमैन तक सभी किसानों के मुद्दों से अच्छी तरह वाकिफ हो चुके हैं। आज हमने डीएम को भी अपने मुद्दों से अवगत करा दिया है। सांसद सुरेंद्र नागर को भी मुद्दों से अवगत करा दिया गया है। अब सरकार अथवा सत्ताधारी पार्टी का कोई भी व्यक्ति यह नहीं कह सकता कि किसानों की तरफ से मुद्दों को अवगत कराने में किसी तरह की ढील बरती गई है। फैसला सरकार और अफसरों को लेना है कुछ भी नया नहीं है। पुराने समझौते कानून और नियमों को लागू करने की मांग किसान कर रहे हैं। सरकार द्वारा दिखाई जा रही उदासीनता 2024 के लोकसभा चुनाव में भारी पड़ सकती है।
आज ग्राम शयोराजपुर एवं इमलिया में किसान सभा की सदस्यता, कमेटी निर्माण और आंदोलनों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने के लिए महापंचायतों का आयोजन किया गया। राजीव नागर ने संबोधित करते हुए कहा कि यह क्षेत्र 1857 के क्रांतिकारियों का क्षेत्र है सभी संगठन विपक्षी पार्टियां किसानों के साथ हैं। मुद्दों को हल करने के बाद ही धरना समाप्त होगा। Greater Noida