
Greater Noida Phase-2 ग्रेटर नोएडा। उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा के निकट ही एक नया शहर 40 हजार हेक्टेयर भूमि पर बसाया जाएगा। यह नया शहर ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने मास्टर प्लान को सैद्धांतिक सहमति जरुर दे दी हो, लेकिन मास्टर प्लान के पास होने में कई तरह की बाधाएं पैदा हो रही है। इन बाधाओं को दूर करने के बाद ही एक नए शहर का सपना साकार हो सकेगा।
आपको बता दें कि यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण यीडा द्वारा जेवर ऐयरपोर्ट के पास एक नया शहर बसाया जा रहा है। इसके लिए यमुना प्राधिकरण की ओर से आवासीय भूखंड प्लाट की योजना भी लांच की गई थी। इस योजना में आवेदन करने की आज आखिरी तारीख है। ठीक इसी प्रकार ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने भी नया शहर 'ग्रेटर नोएडा फेस-2' बसाने के लिए मास्टर प्लान तैयार किया था।
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की अगस्त माह में हुई बोर्ड बैठक में प्राधिकरण के फेस-2 (मास्टर प्लान 2041) मास्टर प्लान को सैद्धांतिक सहमति मिल गई थी। फेस-2 करीब 40 हजार हेक्टेयर में बसाया जाएगा।
Read Also - G20 Summit 2023: दिल्ली एयरपोर्ट के पास इस बात को लेकर छिड़ गया विवादप्राधिकरण सूत्रों के अनुसार, मास्टर प्लान में सभी स्टेक होल्डरों से बातचीत होनी है। इसमें सिंचाई विभाग, पर्यावरण प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, वन विभाग, जिला प्रशासन आदि शामिल है। अगर मास्टर प्लान के एरिया कोई नहर, नाला आदि है तो इसकी सही जानकारी सिंचाई विभाग ही देगा। अगर कोई वेटलैंड या अन्य ग्रीनरी है तो इस वन विभाग बताएगा। तालाब, झील, पोखर आदि की जानकारी जिला प्रशासन देगा, इसलिए यह बातचीत जरूरी है। फेस-2 में अधिकांश गांव गौतमबुद्ध नगर जिले के हैं। फेस-2 हापुड़ और बुलंदशहर सीमा तक पहुंच जाएगा। फेस-2 मास्टर प्लान लागू होने से गांवों के विकास का रास्ता भी साफ हो जाएगा।
ग्रेटर नोएडा के फेस-2 मास्टर प्लान की योजना वर्ष 2007 में बनी थी। लंबे समय तक इस दिशा में कोई काम ही नहीं किया गया। तीन साल पहले ही मास्टर प्लान बनकर तैयार हो जाना चाहिए था। अब इस दिशा में तेजी आई है। उम्मीद है कि जल्द ही मास्टर प्लान बन जाएगा और उसे लागू किया जाएगा।
मास्टर प्लान में देरी से तमाम दिक्कतें आ गई हैं। फेस-2 में अवैध निर्माण काफी हो गया है। गोदाम, वेयरहाउस, दुकान, स्कूल आदि बन गए। मास्टर प्लान के बाद परियोजनाओं को धरातल में उतारने पर ये निर्माण भी बाधा बन सकते हैं, इसलिए जरूरी है कि मास्टर प्लान तैयार करके उसे लागू कर दिया जाए। Greater Noida Phase-2