Health News : गर्मी में बार-बार बुखार होने पर कराएं मलेरिया की जांच: डा. दिनेश त्यागी
Bulandshahr News
भारत
चेतना मंच
30 Nov 2025 10:33 PM
Noida : नोएडा। कोई भी बुखार मलेरिया हो सकता है। इसलिए सभी मरीजों की रक्तपट्टी एवं रैपिड डायग्नोसिस टेस्ट किट से मलेरिया की जांच करवानी चाहिए। जिससे समय पर जांच से सामने आ सके कि व्यक्ति को सामान्य बुखार है या मलेरिया। डॉ दिनेश त्यागी, फेलिक्स हॉस्पिटल ने बताया कि प्रत्येक वर्ष पूरी दुनिया में यह दिन मलेरिया पर रोकथाम लगाने और इसके प्रति जागरूकता फैलाने के लिए मनाया जाता है। प्लॉस्मोडियम परजीवी के कारण होने वाला मलेरिया संक्रमित मच्छर के काटने से फैलता है।
रोग की गंभीरता परजीवी पर निर्भर करती है। मलेरिया सबसे ज्यादा मानसून और गर्मी के सीजन में होता है, क्योंकि इन दिनों मच्छरों की संख्या काफी बढ़ जाती है। मलेरिया के मच्छर ज्यादा तर उन जगहों पर पनपते हैं, जहां गंदगी होती है, गंदा पानी जमा होता है। मलेरिया एनोफेलीज मच्छर के काटने से होता है।एनोफेलीज मच्छर प्लॉस्मोडियम पैरासाइट से संक्रमित होता है और जब ये मच्छर किसी को काट लेता है, तो ये पैरासाइट ब्लड में प्रवेश करके लाल रक्त कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाने लगता है।
भारत में रेजिस्टेंट मलेरिया का जोन है। दूसरा जो फैल्सीपेरम मलेरिया और भी घातक मलेरिया होता है, जिसमें मरीज कोमा में जा सकता है, किडनी और लिवर दोनों अंग फेल हो सकते हैं। ब्लड प्रेशर भी कम हो सकता है। इसमें भी लक्षण समान ही होते हैं, इसमें व्यक्ति को हॉस्पिटल में भर्ती कराने की जरूरत भी पड़ सकती है और जल्द से जल्द प्रॉपर इलाज न दिया जाए, तो मरीज की मौत भी हो सकती है।
मलेरिया के लक्षण
-तेज बुखार के साथ ही सिर दर्द, बदन दर्द, ठंड लगना
-103 डिग्री से लेकर 105 डिग्री तक लगातार बुखार बने रहना
-कई बार मलेरिया का बुखार आता है और ठीक हो जाता
मलेरिया का इलाज
मलेरिया की पहचान के लिए मलेरियल पैरासाइट और मलेरियल एंटीजन टेस्ट किया जाता है। सामान्य मलेरिया में सही इलाज के साथ व्यक्ति तीन से पांच दिन में ठीक हो सकता है। यदि सीवियर फैल्सीपेरम मलेरिया में सही समय से इलाज ना मिले तो परिणाम घातक हो सकता है और मौत भी हो सकती है।
मच्छरों से बचाव के उपाय
-घर के आसपास सफाई रखें।
-कहीं भी पानी ना जमने दें।
-मच्छरदानी लगाकर सोएं।
-मॉस्किटो रेपलेंट का इस्तेमाल करें।-
-मच्छरों को भगाने वाली क्रीम व लेप लगाएं।
-पूरी आस्तीन के कपड़े पहने।