क्या इन्वेस्टर्स क्लिनिक के मालिक हनी कत्याल से जुड़े रियल एस्टेट विवाद में फ्लैट खरीदारों को राहत मिलेगी ? ग्रेटर नोएडा के बीटल ऑर्किड प्रोजेक्ट के खरीदारों ने EOW, दिल्ली में शिकायत देकर 5.73 करोड़ रुपये से जुड़े मामले में जांच और FIR दर्ज करने की मांग की है।

Noida News : नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद सहित उत्तर प्रदेश के अनेक शहरों में सक्रिय तथाकथित बिल्डर हनी कत्याल का एक और बड़ा कारनामा सामने आया है। नोएडा तथा ग्रेटर नोएडा के 100 से अधिक फ्लैट बॉयर्स अब तक चेतना मंच से संपर्क करके यह जानकारी दे चुके हैं कि इन्वेस्टर्स क्लिनिक का मालिक हनी कत्याल नोएडा तथा ग्रेटर नोएडा क्षेत्र का सबसे बड़ा घोटालेबाज है। नोएडा पुलिस इस घोटालेबाज के विरूद्ध गैंगस्टर एक्ट के तहत मामला दर्ज करने की तैयारी कर रही है। Noida News
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इन्वेस्टर्स क्लिनिक के मालिक हनी कत्याल का नाम एक बार फिर रियल एस्टेट विवाद को लेकर चर्चा में है। ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क-III स्थित बीटल ऑर्किड (Beetle Orchid) आवासीय परियोजना के फ्लैट खरीदारों ने आर्थिक अपराध शाखा (EOW), दिल्ली के समक्ष एक विस्तृत शिकायत प्रस्तुत की है। शिकायत में कथित धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात, जालसाजी और साजिश जैसे गंभीर आरोप लगाते हुए कुल 5 करोड़ 73 लाख 32 हजार 273 रुपये से जुड़े मामले की जांच कराने तथा FIR दर्ज करने की मांग की गई है। चेतना मंच में हनी कत्याल और इन्वेस्टर्स क्लिनिक से जुड़े विवादों पर पहले भी समाचार प्रकाशित होते रहे हैं। अब बीटल ऑर्किड परियोजना से जुड़े खरीदारों की शिकायत ने रियल एस्टेट कारोबार में निवेश करने वाले लोगों की चिंताओं को फिर सामने ला दिया है। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि उन्होंने अपने घर का सपना पूरा करने के लिए वर्षों पहले फ्लैट बुक किए, बड़ी रकम जमा कराई, लेकिन कब्जे, भुगतान और परियोजना की प्रगति को लेकर उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ। Noida News
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इन्वेस्टर्स क्लिनिक के मालिक हनी कत्याल का नाम इससे पहले भी चेतना मंच में प्रकाशित रियल एस्टेट विवादों से संबंधित समाचारों में सामने आया है। एक दिसंबर 2025 को प्रकाशित समाचार में नोएडा के सेक्टर-34 निवासी सुबोध बंसल की शिकायत का विवरण दिया गया था। उन्होंने अपने दिवंगत पति की व्यावसायिक हिस्सेदारी और ग्रेटर नोएडा के बुलेवार्ड वॉक प्रोजेक्ट से संबंधित कथित अनियमितताओं को लेकर आरोप लगाए थे। इसके अतिरिक्त, चेतना मंच ने नवंबर 2025 में प्रकाशित एक अन्य समाचार में नोएडा के सेक्टर-126 थाने में दर्ज एक मामले का उल्लेख किया था। उस समाचार के अनुसार, कानपुर निवासी रामप्रकाश गुप्ता ने फ्लैट दिलाने के नाम पर 47 लाख रुपये लिए जाने और फ्लैट नहीं मिलने का आरोप लगाया था। Noida News
EOW को दी गई शिकायत में खरीदारों ने दावा किया है कि उन्हें परियोजना को एक आधुनिक आवासीय योजना के रूप में प्रस्तुत किया गया था। शिकायत के अनुसार, खरीदारों को बेहतर निर्माण गुणवत्ता, आधुनिक सुविधाओं और निर्धारित समय में फ्लैट तैयार कर कब्जा देने का भरोसा दिलाया गया था। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि भुगतान करने के बाद भी परियोजना की प्रगति और कब्जा देने की स्थिति उनके लिए लगातार चिंता का विषय बनी रही। कई खरीदारों ने वर्षों तक इंतजार करने, अतिरिक्त रकम की मांग का सामना करने और अपनी जमा पूंजी को लेकर अनिश्चितता में रहने की बात कही है। शिकायत में कहा गया है कि कुछ खरीदारों को बकाया रकम जमा नहीं करने पर फ्लैट का आवंटन रद्द करने की चेतावनी दी गई। खरीदारों का दावा है कि वे पहले ही बड़ी रकम जमा कर चुके थे, इसलिए उनके लिए फ्लैट छोड़ना या रकम वापस लेने की कोशिश करना आसान नहीं था। Noida News
शिकायत में अलग-अलग फ्लैट खरीदारों की जमा रकम का विवरण दिया गया है। इसके मुताबिक, सभी शिकायतकर्ताओं से संबंधित भुगतान का कुल आंकड़ा 5,73,32,273 रुपये बताया गया है। इस सूची में राकेश कुमार गुप्ता, गीतिका ओबेरॉय कपूर, मीतू रस्तोगी, पूनम कुमार, गगनदीप कौर, कमलेश डबास, दानवीर सिंह और अमित कुमार सिंह, मोहम्मद मेराज आलम, प्रज्ञा राय, रवि साहा, सुधा सचदेवा, वैभव शर्मा, संदीप कुमार सिसोदिया, विक्रांत सिंह, विजय लक्ष्मी सिंह, गुलशन साबा, सईद फहीम, अर्चित त्रिपाठी, फातिमा समसी, सईद अब्दुल रहमान, दीप्ति कोहली, शम्मी मल्होत्रा, रूबी गुजराल, बिमलेश आदि खरीदारों के नाम शामिल हैं। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि भुगतान संबंधी रिकॉर्ड, रसीदें, मांग-पत्र और ईमेल जैसे दस्तावेज उनके दावों के समर्थन में उपलब्ध हैं। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि कुछ खरीदारों से शुरुआती भुगतान योजना और समझौतों के मुकाबले अधिक रकम मांगी गई। शिकायतकर्ताओं ने एस्केलेशन चार्ज, ब्याज और अन्य शुल्कों को लेकर आपत्ति जताई है। मोहम्मद मेराज आलम के मामले का उदाहरण देते हुए शिकायत में कहा गया है कि नवंबर 2012 में फ्लैट बुक किया गया था। उनके अनुसार, जनवरी 2024 में जारी मांग-पत्रों में भुगतान की रकम बढ़ने के बाद उसमें संशोधन भी हुआ। उन्होंने दावा किया कि मई 2024 में 5,57,304 रुपये का भुगतान करने के बावजूद कब्जे से संबंधित समस्या बनी रही। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि भुगतान और कब्जे के बीच लंबे समय तक अनिश्चितता बनी रही। उनका कहना है कि इस पूरे मामले में यह जांचना जरूरी है कि खरीदारों से मांगी गई अतिरिक्त रकम समझौते की शर्तों के अनुरूप थी या नहीं। Noida News
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि कुछ खरीदारों को पहले से जमा अतिरिक्त रकम वापस करने के बजाय अयोध्या में एक दूसरी परियोजना में निवेश करने का प्रस्ताव दिया गया था। शिकायतकर्ताओं का दावा है कि उन्होंने अपनी रकम वापस मिलने की उम्मीद में इस प्रस्ताव पर विचार किया, लेकिन बाद में कथित तौर पर उस परियोजना की स्थिति और पंजीकरण को लेकर सवाल सामने आए। Noida News
शिकायत के साथ संलग्न दस्तावेजों में बीटल ऑर्किड परियोजना के RERA रिकॉर्ड और निर्माण की स्थिति का उल्लेख किया गया है। शिकायतकर्ताओं ने परियोजना के पंजीकरण, निर्माण की प्रगति और कब्जा देने की समयसीमा से जुड़े पहलुओं पर जांच की मांग की है। उनका आरोप है कि परियोजना के संबंध में किए गए वादों और वास्तविक स्थिति के बीच बहुत बड़ा अंतर है। शिकायत में कई कंपनियों और उनसे जुड़े व्यक्तियों के नाम दर्ज हैं। इन नामों में सबसे प्रमुख नाम हनी कत्याल का ही है। शिकायतकर्ताओं ने मांग की है कि परियोजना के प्रचार, फ्लैटों की बुकिंग, भुगतान वसूली, समझौतों, निर्माण और कब्जा देने की प्रक्रिया में जिन लोगों की भूमिका रही, उनकी जिम्मेदारी की जांच की जाए। Noida News
शिकायत में भारतीय न्याय संहिता, 2023 के विभिन्न प्रावधानों का उल्लेख करते हुए कथित धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात, जालसाजी और आपराधिक साजिश के आरोपों की जांच कराने का अनुरोध किया गया है। हनी कत्याल के साथ ही साथ उनकी कंपनी इन्वेस्टर्स क्लिनिक में निदेशक उनके भाई सनी कत्याल, हनी कत्याल की पत्नी साक्षी कत्याल तथा गीता कत्याल को भी प्रमुख आरोपी तथा घोटालेबाज बताया गया है। Noida News
बीटल ऑर्किड परियोजना से जुड़े खरीदारों के लिए सबसे महत्वपूर्ण सवाल उनकी जमा पूंजी, फ्लैट के कब्जे और वर्षों से चली आ रही अनिश्चितता का समाधान है। शिकायतकर्ताओं ने मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच हो, भुगतान के रिकॉर्ड की पड़ताल की जाए तथा कानून के अनुसार तुरंत सख्त कार्रवाई की जाए। हनी कत्याल और इन्वेस्टर्स क्लिनिक से जुड़े पुराने विवादों के बीच इस शिकायत ने एक बार फिर रियल एस्टेट क्षेत्र में पारदर्शिता, खरीदारों के अधिकारों और बिल्डर के वादों की जवाबदेही पर सवाल खडेग किए हैं। Noida News
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