इस विशेष आलेख में नरेंद्र मोदी के राजनीतिक सफर, प्रधानमंत्री के रूप में उनकी नीतियों, विदेश नीति, आर्थिक कूटनीति, मेक इन इंडिया, आत्मनिर्भर भारत और भारतीय संस्कृति की वैश्विक पहचान जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई है।

Noida News : 15 अगस्त 1947 को जब भारत ने सदियों की गुलामी की जंजीरों को तोड़कर स्वतंत्रता प्राप्त की, तब देश के सामने चुनौतियों का पहाड़ खड़ा था। देश विभाजन की त्रासदी से गुजर रहा था, रियासतों के एकीकरण की चुनौती सामने थी, औद्योगिक आधार बेहद कमजोर था और आर्थिक स्थिति भी चिंताजनक थी। भारत एक ऐसे दौर में प्रवेश कर रहा था, जहां उसे अपने पैरों पर खड़े होकर दुनिया के सामने अपनी पहचान बनानी थी। आजादी के समय भारत के पास आधुनिक उद्योगों का अभाव था। बुनियादी ढांचा सीमित था और अनेक आवश्यक वस्तुओं के लिए विदेशों पर निर्भरता थी। दुनिया के कई हिस्सों में भारत की छवि गरीबी, पिछड़ेपन और औपनिवेशिक शोषण से जूझते देश की थी। विदेशी यात्रियों द्वारा भारत की गरीबी और धार्मिक स्थलों के आसपास की परिस्थितियों को देखकर बनाई गई धारणाओं ने भी लंबे समय तक भारत की छवि को प्रभावित किया। कहीं सपेरों की तस्वीर दिखाई गई तो भारत को “सांपों का देश” कहा गया और कहीं भिक्षा मांगते लोगों की तस्वीरों के आधार पर भारत को गरीब देश के रूप में प्रस्तुत किया गया। जबकि वास्तविकता यह थी कि सदियों की गुलामी और औपनिवेशिक आर्थिक नीतियों ने भारत की अर्थव्यवस्था को गहरा नुकसान पहुंचाया था। Noida News
यह भी इतिहास का तथ्य है कि स्वतंत्रता के बाद के दशकों में भारत ने अनेक क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति की। लोकतंत्र को मजबूत किया गया, शिक्षा और विज्ञान के क्षेत्र में संस्थान बने, कृषि उत्पादन बढ़ा, अंतरिक्ष कार्यक्रम ने नई ऊंचाइयां हासिल कीं और औद्योगिक आधार का विस्तार हुआ। लेकिन यह भी समझना होगा कि स्वतंत्रता के समय भारत जिस स्थिति में खड़ा था, वहां से आधुनिक भारत तक पहुंचने की यात्रा आसान नहीं थी। 1947 में जिस देश को विरासत में लगभग शून्य से विकास की शुरुआत करनी पड़ी, उसी देश ने धीरे-धीरे अपनी क्षमता का विस्तार किया। फिर आया वर्ष 2014। Noida News
वर्ष 2014 भारतीय राजनीति के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ बनकर सामने आया। गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में अपनी पहचान बना चुके नरेंद्र मोदी राष्ट्रीय राजनीति के केंद्र में आए और भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व में लोकसभा चुनाव में बहुमत हासिल हुआ। एक सामान्य परिवार से निकलकर देश के सर्वोच्च राजनीतिक पद तक पहुंचने वाले नरेंद्र मोदी ने अपनी राजनीतिक शैली और विकास के एजेंडे के साथ राष्ट्रीय राजनीति में नई ऊर्जा पैदा की। उनके समर्थकों के लिए 2014 का परिवर्तन केवल सत्ता परिवर्तन नहीं, बल्कि देश की राजनीतिक दिशा में बड़ा बदलाव था। प्रधानमंत्री के रूप में नरेंद्र मोदी ने अपनी सरकार की नीतियों का केंद्र विकास, आधारभूत संरचना, डिजिटल तकनीक, आत्मनिर्भरता, निवेश, निर्यात, रक्षा उत्पादन और वैश्विक स्तर पर भारत की सक्रिय भूमिका को बनाया। Noida News
आज भारत की तस्वीर 1947 के भारत से बिल्कुल अलग दिखाई देती है। देश में राष्ट्रीय राजमार्गों का विस्तार हुआ है। नए एक्सप्रेसवे बने हैं। रेलवे के आधुनिकीकरण पर काम हुआ है। नए हवाई अड्डे विकसित किए जा रहे हैं। बंदरगाहों और लॉजिस्टिक ढांचे को आधुनिक बनाने की दिशा में प्रयास हुए हैं। भारत में डिजिटल भुगतान और डिजिटल सार्वजनिक ढांचे का विस्तार दुनिया के लिए भी चर्चा का विषय बना है। स्टार्टअप और टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में भारतीय युवाओं ने अपनी प्रतिभा का परिचय दिया है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि दुनिया के अनेक बड़े तकनीकी संस्थानों और बहुराष्ट्रीय कंपनियों में भारतीय मूल के इंजीनियर, वैज्ञानिक, प्रबंधक और टेक्नोक्रेट महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। यह भारतीय प्रतिभा की वैश्विक स्वीकार्यता का प्रमाण है। Noida News
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की सांस्कृतिक विरासत को भी नई पहचान मिली। संयुक्त राष्ट्र में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की पहल और उसके बाद दुनिया के अनेक देशों में योग दिवस का व्यापक आयोजन भारत की सांस्कृतिक विरासत की वैश्विक पहुंच का महत्वपूर्ण उदाहरण बना। योग केवल भारत की प्राचीन परंपरा नहीं है, बल्कि आज दुनिया के करोड़ों लोग इसे स्वास्थ्य और जीवनशैली से जोड़कर देखते हैं। Noida News
प्रधानमंत्री की विदेश यात्राओं पर अक्सर राजनीतिक बहस होती रही है। लेकिन विदेश नीति को केवल यात्रा की संख्या से नहीं, बल्कि उसके परिणामों और कूटनीतिक उद्देश्यों के संदर्भ में देखना चाहिए। भारत की विदेश नीति में व्यापार, निवेश, तकनीकी सहयोग, ऊर्जा सुरक्षा, रक्षा सहयोग और भारतीय उत्पादों के लिए नए बाजारों की तलाश महत्वपूर्ण विषय रहे हैं। यदि भारतीय उत्पाद दुनिया के बाजारों में अधिक मात्रा में पहुंचते हैं तो निर्यात बढ़ता है, विदेशी मुद्रा अर्जित होती है और देश में उत्पादन तथा रोजगार को बढ़ावा मिल सकता है। यही कारण है कि मेक इन इंडिया”, “आत्मनिर्भर भारत” और निर्यात बढ़ाने की नीति को भारत की आर्थिक रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया गया है। Noida News
भारत जैसे विशाल देश के लिए ऊर्जा सुरक्षा अत्यंत महत्वपूर्ण है। कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में उतार-चढ़ाव का सीधा असर भारतीय अर्थव्यवस्था पर पड़ता है। इसलिए ऊर्जा के वैकल्पिक स्रोतों, नवीकरणीय ऊर्जा, सौर ऊर्जा, जैव ईंधन और अन्य विकल्पों पर जोर देना भविष्य की जरूरत है। इसी प्रकार खाद्य सुरक्षा भी राष्ट्रीय सुरक्षा का महत्वपूर्ण हिस्सा है। भारत आज दुनिया के बड़े कृषि उत्पादक देशों में शामिल है और अनेक कृषि उत्पादों के अंतरराष्ट्रीय बाजार में उसकी महत्वपूर्ण भूमिका है। Noida News
एक समय भारत रक्षा उपकरणों के लिए बड़ी मात्रा में विदेशी आपूर्तिकर्ताओं पर निर्भर था। पिछले वर्षों में भारत में रक्षा उत्पादन बढ़ाने, स्वदेशी हथियार प्रणालियों के विकास और रक्षा निर्यात को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया गया है। आज भारत लड़ाकू विमान, मिसाइल, युद्धपोत, तोप, हेलीकॉप्टर और अनेक आधुनिक रक्षा प्रणालियों के स्वदेशी निर्माण की दिशा में आगे बढ़ रहा है। यह यात्रा अभी पूरी नहीं हुई है, लेकिन आत्मनिर्भर रक्षा उत्पादन की दिशा में बढ़ते कदम भारत की रणनीतिक क्षमता के लिए महत्वपूर्ण हैं। Noida News
भारत पारंपरिक रूप से शांति का समर्थक रहा है। लेकिन शांति का अर्थ यह नहीं कि देश अपने राष्ट्रीय हितों और सुरक्षा से समझौता करे। आज भारत विभिन्न अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपनी बात अधिक आत्मविश्वास के साथ रखता है। अनेक वैश्विक संकटों के समय भारत ने मानवीय सहायता पहुंचाने और जरूरतमंद देशों की सहायता करने की पहल की है। भारत की विदेश नीति का एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी है कि वह अपने राष्ट्रीय हितों के साथ-साथ वैश्विक सहयोग और मानवीय सहायता की भूमिका को महत्व देता है। Noida News
नरेंद्र मोदी का जन्म 17 सितंबर 1950 को गुजरात के वडनगर में हुआ। सामान्य परिवार से निकलकर देश के प्रधानमंत्री पद तक पहुंचने और लंबे समय तक राष्ट्रीय राजनीति के केंद्र में बने रहने की उनकी यात्रा भारतीय लोकतंत्र की एक महत्वपूर्ण राजनीतिक कहानी है। आज 17 सितंबर को उनका जन्मदिन देश के अनेक हिस्सों में अलग-अलग कार्यक्रमों के माध्यम से मनाया जा रहा है। उनके समर्थक इस अवसर को सेवा, जनकल्याण और सामाजिक कार्यों से जोड़कर देखते हैं। जन्मदिन मनाने की सबसे सार्थक परंपरा वही हो सकती है जिसमें उत्सव के साथ समाज के जरूरतमंद लोगों की सहायता भी जुड़ी हो। Noida News
भारत ने लंबी यात्रा तय की है, लेकिन मंजिल अभी बाकी है। गरीबी, बेरोजगारी, महंगाई, शिक्षा की गुणवत्ता, स्वास्थ्य सेवाएं, किसानों की आय, पर्यावरण, शहरी सुविधाएं और सामाजिक असमानता जैसी चुनौतियां अभी भी देश के सामने हैं। इसलिए किसी भी सरकार के कार्यों का मूल्यांकन केवल उपलब्धियों से नहीं, बल्कि शेष चुनौतियों और भविष्य के लक्ष्यों के संदर्भ में भी होना चाहिए। भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लिए सरकार के साथ-साथ उद्योग, वैज्ञानिक, किसान, श्रमिक, युवा, महिलाएं और देश का प्रत्येक नागरिक अपनी भूमिका निभा सकता है। Noida News
1947 का भारत और 2026 का भारत एक जैसा नहीं है। आज भारत अंतरिक्ष से लेकर डिजिटल तकनीक तक, कृषि से लेकर रक्षा उत्पादन तक और स्टार्टअप से लेकर वैश्विक कूटनीति तक अनेक क्षेत्रों में अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहा है। इस परिवर्तन का श्रेय केवल किसी एक व्यक्ति को देना इतिहास की पूरी तस्वीर नहीं होगी, क्योंकि राष्ट्र निर्माण करोड़ों नागरिकों, वैज्ञानिकों, सैनिकों, किसानों, श्रमिकों, उद्यमियों और नीति निर्माताओं के सामूहिक प्रयास से होता है। लेकिन यह भी उतना ही सत्य है कि किसी भी दौर का नेतृत्व देश की दिशा और प्राथमिकताओं को प्रभावित करता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समर्थक उनके नेतृत्व को भारत के वैश्विक आत्मविश्वास और विकास की नई दिशा से जोड़कर देखते हैं। आज उनके जन्मदिवस पर मेरी कामना है कि भारत निरंतर प्रगति करे, देश में शांति और समृद्धि बनी रहे तथा भारत विश्व में अपनी क्षमता, प्रतिभा और मानवीय मूल्यों के आधार पर और मजबूत पहचान बनाए। ईश्वर से प्रार्थना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दीर्घायु और स्वस्थ जीवन प्रदान करें तथा वे देश की सेवा करते रहें। हम सभी भारतीयों की यही कामना होनी चाहिए कि भारत आने वाले प्रत्येक वर्ष में एक नई उपलब्धि हासिल करे और दुनिया के सामने एक मजबूत, समृद्ध, आत्मनिर्भर तथा शांतिप्रिय राष्ट्र के रूप में अपनी पहचान और मजबूत करे। Noida News
लेखक : अजीत सिंह, नोएडा के वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता है।
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