नोएडा के पास गाजियाबाद की सनसिटी में 28 अक्टूबर को ‘जाणता राजा’ का अंतिम मंचन। दर्शकों के लिए निःशुल्क प्रवेश और भोजन प्रसाद की व्यवस्था।

Noida News : नोएडा के नजदीक एनएच-24 के पास गाजियाबाद स्थित सनसिटी में पिछले कई दिनों से दर्शकों के आकर्षण का केंद्र बना ऐतिहासिक महानाट्य ‘जाणता राजा’ बुधवार, 28 अक्टूबर को अपने अंतिम पड़ाव पर पहुंच जाएगा। छत्रपति शिवाजी महाराज के जीवन, संघर्ष, शौर्य और हिंदवी स्वराज की स्थापना की गाथा को भव्य मंच पर प्रस्तुत करने वाले इस महानाट्य का आज आखिरी मंचन होगा। ऐसे में उन लोगों के लिए यह अंतिम अवसर है, जो अब तक इस ऐतिहासिक नाटक को देखने नहीं पहुंच सके हैं। आयोजन समिति की ओर से घोषित कार्यक्रम के अनुसार, अंतिम दिन दर्शकों को बिना किसी टिकट के महानाट्य देखने का अवसर मिलेगा। मंचन समाप्त होने के बाद सभी के लिए भोजन प्रसाद की व्यवस्था भी की गई है। आयोजकों की इस घोषणा से अंतिम दिन बड़ी संख्या में दर्शकों के पहुंचने की उम्मीद है। ‘जाणता राजा’ केवल एक नाट्य प्रस्तुति नहीं, बल्कि भारतीय इतिहास, स्वाभिमान, संघर्ष, नेतृत्व और राष्ट्र चेतना से जुड़े प्रसंगों को जीवंत करने वाला भव्य मंचीय आयोजन है। पिछले छह दिनों से सनसिटी परिसर में चल रहे इस महानाट्य ने विद्यार्थियों, युवाओं और इतिहास में रुचि रखने वाले दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया है।
यह भी पढ़ें : नोएडा की पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने चलाया डंडा
छत्रपति शिवाजी महाराज का जीवन भारतीय इतिहास में साहस, रणनीति, स्वराज और जनकल्याण की भावना का महत्वपूर्ण अध्याय माना जाता है। ‘जाणता राजा’ में उनके जीवन से जुड़े ऐतिहासिक प्रसंगों को नाटकीय रूप में प्रस्तुत किया जाता है। इसका उद्देश्य दर्शकों को इतिहास के महत्वपूर्ण अध्यायों से जोड़ना और उस दौर के संघर्षों तथा परिस्थितियों का मंचीय अनुभव कराना है। महानाट्य के माध्यम से शिवाजी महाराज के संघर्ष, उनके नेतृत्व कौशल, मातृभूमि के प्रति समर्पण और स्वराज की स्थापना के संकल्प को दर्शकों के सामने रखा जा रहा है। जीजामाता की प्रेरणा और शिवाजी महाराज के जीवन मूल्यों से जुड़े प्रसंग भी इस आयोजन के आकर्षण का हिस्सा हैं। बुधवार को होने वाला अंतिम मंचन इस आयोजन को देखने का आखिरी अवसर होगा। खासतौर पर स्कूली विद्यार्थियों, युवाओं और परिवारों के लिए यह ऐतिहासिक प्रसंगों को एक अलग अंदाज में देखने और समझने का मौका है।
‘जाणता राजा’ आयोजन समिति के संयोजक विनय चौधरी ने घोषणा की है कि 28 अक्टूबर को महानाट्य के अंतिम मंचन के लिए दर्शकों से कोई टिकट नहीं लिया जाएगा। मंचन के बाद सभी दर्शकों के लिए भोजन प्रसाद की व्यवस्था भी रहेगी। आयोजन समिति की यह पहल उन लोगों को भी कार्यक्रम से जुड़ने का अवसर देती है, जो किसी कारण से पहले के दिनों में महानाट्य देखने नहीं पहुंच पाए थे। अंतिम दिन बिना टिकट प्रवेश की घोषणा के बाद अधिक लोगों के आयोजन स्थल तक पहुंचने की संभावना है। दर्शकों को सलाह है कि वे आयोजन स्थल पर पहुंचने से पहले कार्यक्रम के समय, प्रवेश व्यवस्था और उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी आयोजकों से प्राप्त कर लें, ताकि अंतिम दिन किसी प्रकार की असुविधा न हो।
यह भी पढ़ें : किसानों के 65 करोड़ रुपए लूट लिए बैंक वालों ने, ग्रेटर नोएडा पुलिस की लीपापोती
महानाट्य के छठे दिन, 27 अक्टूबर को भी सनसिटी परिसर में उत्साहपूर्ण माहौल रहा। पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं हमीरपुर से सांसद अनुराग ठाकुर, सांसद मनोज तिवारी और उत्तर प्रदेश भाजपा के उपाध्यक्ष सुरेश राणा ने कार्यक्रम में पहुंचकर दर्शकों को संबोधित किया। आयोजकों की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, अनुराग ठाकुर ने ‘जाणता राजा’ के लेखक पद्मविभूषण बाबासाहेब पुरंदरे को श्रद्धांजलि देते हुए इस महानाट्य को ऐतिहासिक धरोहर से जोड़ने वाला प्रयास बताया। उन्होंने शिवाजी महाराज के जीवन और हिंदवी स्वराज की स्थापना के संघर्ष का उल्लेख किया। सांसद मनोज तिवारी ने कहा कि वह तीसरी बार ‘जाणता राजा’ देखने पहुंचे हैं। उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि इस महानाट्य को देखने से उन्हें अपार ऊर्जा मिलती है। उत्तर प्रदेश भाजपा के उपाध्यक्ष सुरेश राणा ने देशभक्ति से जुड़ी कविता सुनाकर युवाओं में उत्साह भरा। इस दौरान परिसर में मौजूद विद्यार्थियों और दर्शकों ने वंदे मातरम तथा शिवाजी महाराज के जयघोष के साथ अपनी सहभागिता दर्ज कराई। Noida News :
महानाट्य के छठे दिन एक भावनात्मक दृश्य उस समय देखने को मिला, जब दिव्य प्रेम सेवा मिशन के अध्यक्ष डॉ. आशीष गौतम ने दर्शकों से मोबाइल की टॉर्च जलाकर छत्रपति शिवाजी महाराज और जीजामाता के प्रति सम्मान प्रदर्शित करने का आह्वान किया। इसके बाद परिसर में मोबाइल की रोशनी जगमगा उठी। आयोजकों के अनुसार, इस आयोजन में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों और अन्य दर्शकों की सहभागिता रही है। ऐतिहासिक प्रसंगों, कविताओं और सामूहिक जयघोष ने कार्यक्रम को विशेष स्वरूप दिया।
‘जाणता राजा’ का यह आयोजन दिव्य प्रेम सेवा मिशन के सेवा कार्यों को समर्पित है। मिशन के अध्यक्ष डॉ. आशीष गौतम सामाजिक सेवा, साधना और वंचित वर्गों के लिए किए जा रहे कार्यों के लिए जाने जाते हैं। प्रेस विज्ञप्ति में उनके तीन दशक के सेवा कार्यों का उल्लेख किया गया है। इस महानाट्य के जरिए इतिहास और सांस्कृतिक विरासत को जनसामान्य तक पहुंचाने का प्रयास किया गया है। आयोजन में विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, शिक्षाविदों और अन्य गणमान्य लोगों की मौजूदगी भी रही।
28 अक्टूबर को होने वाला अंतिम मंचन इस आयोजन का समापन होगा। पिछले छह दिनों से चल रहे कार्यक्रम में जहां विद्यार्थियों और युवाओं ने हिस्सा लिया, वहीं विभिन्न क्षेत्रों की प्रमुख हस्तियों की उपस्थिति ने भी इसे चर्चा में रखा। नोएडा और गाजियाबाद के आसपास रहने वाले लोगों के लिए सनसिटी में आयोजित यह कार्यक्रम ऐतिहासिक महानाट्य देखने का अवसर है। अंतिम दिन निःशुल्क प्रवेश और भोजन प्रसाद की व्यवस्था इसे और महत्वपूर्ण बनाती है। छत्रपति शिवाजी महाराज के जीवन और स्वराज के संघर्ष को भव्य मंचीय प्रस्तुति में देखने के इच्छुक दर्शकों के लिए बुधवार का दिन आखिरी मौका है। अब सबकी निगाहें ‘जाणता राजा’ के अंतिम मंचन पर टिकी हैं, जिसके साथ सनसिटी में छह दिनों से जारी इस ऐतिहासिक आयोजन का समापन हो जाएगा। Noida News :
विज्ञापन