7 करोड़ यात्रियों की सुविधा के लिए तैयार जेवर एयरपोर्ट, जानिए क्या है इसकी खासियत?
भारत
चेतना मंच
21 Sep 2025 12:47 PM
नोएडा के जेवर में बन रहे जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट (Noida International Airport) का इंतजार आखिरकार खत्म होने वाला है। इसे एशिया का सबसे बड़ा और दुनिया का चौथा सबसे बड़ा एयरपोर्ट माना जा रहा है। केंद्रीय उड्डयन मंत्री रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ ने घोषणा की है कि यह एयरपोर्ट 30 अक्टूबर को उद्घाटन के लिए पूरी तरह तैयार होगा। Jewar Airport
आधुनिक तकनीक से तैयार ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट
5,845 हेक्टेयर क्षेत्र में फैला यह एयरपोर्ट अत्याधुनिक तकनीक से लैस है। यहां एक साथ 178 विमान खड़े हो सकेंगे जो इसे व्यावसायिक उड़ानों के लिहाज से बेहद सक्षम बनाता है। जेवर एयरपोर्ट की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह 6 रनवे वाला भारत का पहला एयरपोर्ट होगा। इसकी योजना को दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र की बढ़ती आबादी और बढ़ती एयर ट्रैफिक की मांग को ध्यान में रखकर बनाया गया है।
दिल्ली, आगरा, मथुरा और वृंदावन से बेहतर कनेक्टिविटी
जेवर एयरपोर्ट यमुना एक्सप्रेसवे से सीधे जुड़ा होगा, जिससे दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, आगरा, मथुरा और वृंदावन जैसे शहरों से आने-जाने का समय कम होगा। इसके साथ ही गंगा एक्सप्रेसवे, दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे और नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे से भी इसे जोड़ा जाएगा। नए एक्सप्रेसवे की मदद से यह नोएडा के मुख्य हिस्सों से भी अच्छी तरह जुड़ा रहेगा।
दिल्ली और मुंबई के एयरपोर्ट से कितना अलग है जेवर?
वर्तमान में दिल्ली का इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट (IGI) 4 रनवे और मुंबई का छत्रपति शिवाजी इंटरनेशनल एयरपोर्ट (CSMIA) 2 रनवे संचालित करता है। वहीं, जेवर में 6 रनवे होंगे, जो इसे दुनिया के बड़े एयरपोर्ट्स की कतार में खड़ा करेंगे। जेवर एयरपोर्ट के रनवे की चौड़ाई 60 मीटर और लंबाई लगभग 3.9 किलोमीटर होगी, जो स्विट्जरलैंड के ज्यूरिख एयरपोर्ट की तकनीक के सहयोग से तैयार किया गया है। तुलना करें तो दिल्ली का रनवे 4.43 किलोमीटर और मुंबई का 3.4 किलोमीटर लंबा है।
यात्रियों की बढ़ती संख्या के लिए बड़ी तैयारी
दिल्ली के IGI एयरपोर्ट पर सालाना करीब 4.5 करोड़ यात्री सफर करते हैं, जबकि मुंबई का CSMIA 5 करोड़ यात्री संभालता है। वहीं, जेवर एयरपोर्ट का पहला चरण सालाना 1.2 करोड़ यात्रियों के लिए तैयार किया जा रहा है, जिसे बाद में चरणबद्ध तरीके से बढ़ाकर 7 करोड़ यात्रियों की क्षमता तक पहुंचाया जाएगा।
दिल्ली के IGI एयरपोर्ट में तीन टर्मिनल हैं जिनमें टर्मिनल 1 और 2 घरेलू उड़ानों के लिए जबकि टर्मिनल 3 दोनों (डोमेस्टिक और इंटरनेशनल) के लिए इस्तेमाल होते हैं। मुंबई में दो टर्मिनल हैं, पहला डोमेस्टिक और दूसरा इंटरनेशनल तथा डोमेस्टिक दोनों के लिए। जबकि जेवर एयरपोर्ट पर चार टर्मिनल बनाए जा रहे हैं जो भविष्य में यात्री सुविधाओं को और बेहतर बनाएंगे। इन टर्मिनलों के डोमेस्टिक या इंटरनेशनल संचालन को लेकर फिलहाल विस्तार से जानकारी नहीं दी गई है। Jewar Airport