
Jewar Airport : देश की राजधानी दिल्ली से सटे ग्रेटर नोएडा के नजदीक बन रहे एशिया के सबसे बड़े जेवर एयरपोर्ट का आधे से ज्यादा निर्माण हो चुका है। खास बात यह है कि जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के निर्माण पर पूरे 30 हजार रुपये खर्च किए जाएंगे। उम्मीद जताई जा रही है वर्ष 2024 से यहां से फ्लाईट उड़ान भरना शुरू कर देगी।
देश के सबसे व्यस्त इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट से महज 72 किमी. की दूरी पर भारत का सबसे बड़ा जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट बन रहा है। पिछले साल मई से 1334 हेक्टेयर भूमि पर बन रहे इस एयरपोर्ट का आधे से ज्यादा काम हो चुका है। इस एयरपोर्ट को बनाने में 7 हजार मजदूर लगे हुए हैं। ये इंटरनेशनल एयरपोर्ट 30 हजार करोड़ में बनकर तैयार होगा।
एयरपोर्ट का निर्माण कार्य 1 अक्टूबर 2021 से शुरू होकर 29 सितंबर 2024 तक पूरा होना है। जब यह एयरपोर्ट बनकर तैयार हो जाएगा तो यह देश ही नहीं एशिया का सबसे बड़ा एयरपोर्ट होगा। आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह ड्रीम प्रोजेक्ट है। एयरपोर्ट को कार्गो हब भी बनाना है।
आपको बता दें कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का निर्माण टाटा प्रोजेक्ट्स द्वारा किया जा रहा है। इस कंपनी का नाम अप्रैल 2022 में सबसे कम बोली लगाने वाली कंपनी के रूप में सामने आया था। राज्य सरकार ने सितंबर 2024 में एयरपोर्ट का निर्माण पूरा करने की समय सीमा निर्धारित है, लेकिन अगले साल की शुरुआत में ही निर्माण कार्य पूरा कर एयरपोर्ट पर ट्रॉयल शुरू करने का लक्ष्य है। एयरपोर्ट पर चार से छह माह ट्रॉयल होगा। कॉमर्शियल यात्री सेवा तय समय में शुरू होगी। एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) टावर का निर्माण भी पूरा होने वाला है और टर्मिनल बिल्डिंग का निर्माण जारी है। भारतीय विमान पत्तन प्राधिकरण एयर स्पेस कांसेप्ट विकसित किया है।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कनेक्टिविटी को बढ़ाएगा। नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से नोएडा एयरपोर्ट तक मेट्रो की डीपीआर तैयार हो रही है। ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एक्सप्रेस-वे को नोएडा एयरपोर्ट से जोड़ेगा। दिल्ली एयरपोर्ट से गुरुग्राम, फरीदाबाद, राजमार्ग से दिल्ली-मुंबई एक्सप्रस-वे द्वारा साहूपुरा आइएमटी चौक पर पहुंच कर सीधे नोएडा एयरपोर्ट जा सकेंगे।
नोएडा एयरपोर्ट को जाने वाला ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे से राष्ट्रीय राजमार्ग फरीदाबाद, दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे, कुंडली-गाजियाबाद-पलवल-(केजीपी) एक्सप्रेस-वे( ईस्टर्न पेरिफेरल कारीडोर), यमुना एक्सप्रेस-वे को जोड़ेगा।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को दिल्ली-मुंबई कारीडोर, मथुरा नेशनल हाईवे, ईस्टर्न पेरीफेरल-वे, इंदिरा गांधी एयरपोर्ट दिल्ली और हरियाणा के बल्लभगढ़ से सीधे जोडने के लिए 32.5 किमी लंबे छह लेन के ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे का निर्माण किया जाएगा। जिसका 8.5 किमी का हिस्सा उत्तर प्रदेश से होकर व 24 किमी का हिस्सा हरियाणा से होकर गुजरेगा।