एमिटी यूनिवर्सिटी ने मिलाया जिम्स के साथ हाथ

नोएडा में स्थापित एमिटी यूनिवर्सिटी ने एक बड़ी पहल की है। एमिटी यूनिवर्सिटी ने बड़ी पहल करते हुए ग्रेटर नोएडा में स्थापित राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान (जिम्स) के साथ हाथ मिलाया है।

एमिटी यूनिवर्सिटी नोएडा
एमिटी यूनिवर्सिटी नोएडा
locationभारत
userआरपी रघुवंशी
calendar20 Mar 2026 06:06 PM
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Noida News : नोएडा में स्थापित एमिटी यूनिवर्सिटी ने एक बड़ी पहल की है। एमिटी यूनिवर्सिटी ने बड़ी पहल करते हुए ग्रेटर नोएडा में स्थापित राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान (जिम्स) के साथ हाथ मिलाया है। नोएडा की एमिटी यूनिवर्सिटी तथा ग्रेटर नोएडा के जिम्स ने शुक्रवार को एक महत्वपूर्ण समझौते की घोषणा करते हुए बताया है कि दोनों संस्थान मिलकर देश तथा समाज की भलाई के लिए महत्वपूर्ण काम करेंगे।

छात्रों को क्लिनिकल प्रशिक्षण और अनुसंधान के अवसर प्रदान करेगे जिम्स और एमिटी

छात्रों को क्लिनिकल प्रशिक्षण, अनुसंधान और नवाचार के अवसर प्रदान करने के लिए आज एमिटी इंस्टीटयूट ऑफ बिहेवियरल हेल्थ एंड एलाइड साइंसेस और ग्रेटर नोएडा के राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान (जिम्स)के मध्य समझौता पत्र हस्ताक्षर किया गया। इस समझौता पत्र एमिटी विश्वविद्यालय की वाइस चांसलर डा बलविंदर शुक्ला की उपस्थिती में ग्रेटर नोएडा के राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान के निदेशक बिग्रेडियर राकेश गुप्ता और एमिटी विश्वविद्यालय की संयुक्त कुलसचिव श्रीमती आशा प्रेमनाथ ने हस्ताक्षर किये। इस अवसर पर ग्रेटर नोएडा के राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान के निदेशक बिग्रेडियर राकेश गुप्ता सहित जिम्स की डीन डा रंभा पाठक, एचओडी डा अभिषेक भारती और एसोसिएट प्रोफेसर डा किरन जाखर ने एमिटी विश्वविद्यालय के चांसलर डा अतुल चौहान ने मुलाकात भी की। इस समारोह में एमिटी विश्वविद्यालय के एडिशनल प्रो वाइस चांसलर डा सुनिल कुमार खत्री, डीन (एजुकेशन) डा एस के श्रीवास्तव और एमिटी इंस्टीटयूट ऑफ बिहेवियरल हेल्थ एंड एलाइड साइंसेस की निदेशक डा कल्पना श्रीवास्तव भी उपस्थित थी।


जनता के कल्याण के लिए हो रहा है काम

इस समझौता पत्र हस्ताक्षर समारोह में ग्रेटर नोएडा के राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान के निदेशक बिग्रेडियर राकेश गुप्ता ने संबोधित करते हुए कहा कि हमारा संस्थान आमजन के स्वास्थ्य और कल्याण को बेहतर बनाने के कार्य कर रहा है। हमारे मरीज और अनुसंधान हमारी सबसे बड़ी शक्ति है और इसी क्रम एमिटी इंस्टीटयूट ऑफ बिहेवियरल हेल्थ एंड एलाइड साइंसेस जैसे प्रख्यात संस्थानों के साथ मिलकर हम अनुसंधान व नवाचार के क्षेत्र  में मिलकर आगे बढ़ना चाहते है। यह ऐतिहासिक समझौता पत्र दोनो संस्थानों को विकास को अवसर प्रदान करेगा और इसका बेहतरीन उपयोग प्रशिक्षण, शिक्षा, अनुसंधान व नवाचार के लिए होगा। एमिटी विश्वविद्यालय की वाइस चांसलर डा बलविंदर शुक्ला ने कहा कि यह एक ऐतिहासिक समझौता पत्र हैं जो मानिसक एंव व्यवहारिक स्वास्थ्य के अलावा अन्य क्षेत्रों में भी सहयोग और संयुक्त अनुसंधान की संभावनाओं को तलाशनें में हमारी सहायता करेगा। वर्तमान समय में किसी भी देश की उन्नती संस्थानों के अनुसंधान व नवचार पर आधारित होती है ऐसे में नेपथ्य में कार्य करने की बजाय आपसी सहयोग संयुक्त अनुसंधान, छात्रों के मध्य नये कौशल और रोगों के निवारण के नये तरीके ईजाद करेगा जो देश को विकसित भारत 2047 का लक्ष्य हासिल करने में भी सहायक होगा।


नियमित समीक्षा की जाएगी समझौते की

एमिटी विश्वविद्यालय के एडिशनल प्रो वाइस चांसलर डा सुनिल कुमार खत्री ने कहा कि इस समझौता पत्र को एमिटी इंस्टीटयूट ऑफ बिहेवियरल हेल्थ एंड एलाइड साइंसेस तक सीमित ना रखकर बल्कि एमिटी के अन्य संस्थानों द्वारा फार्मेसी, बायोतकनीकी, मॉलेक्यूलर रिसर्च आदि मेें आपसी सहयोग की संभावनाओं को देखा जा सकता है। कई ऐसे अनुसंधान व प्रशिक्षण क्षेत्र है जहां मिलकर कार्य किया जा सकता है। किसी भी समझौता पत्र के हस्ताक्षर के बाद उसका नियमित मूल्यांकन आवश्यक है जिससे कार्य में प्रगति होती रहे। एमिटी इंस्टीटयूट ऑफ बिहेवियरल हेल्थ एंड एलाइड साइंसेस की निदेशक डा कल्पना श्रीवास्तव ने स्वागत करते हुए कहा कि हमारा संस्थान मानसिक स्वास्थय और व्यवहारिक स्वास्थय के क्षेत्र में उत्कृष्ट है। इस समझौता पत्र के अंर्तगत छात्रों को जिम्स में क्लिनिक प्रशिक्षण के अवसर प्राप्त होगें, इसके अतिरिक्त ओपीडी, केस इतिहास और थिरेपी सत्रों में अनवारण भी मिलेगा। डा श्रीवास्तव ने बताया कि हर बैच में 4 से 6 छात्र होगें और प्रशिक्षण की अवधि 3 से 6 माह की होगी। छात्रो को वास्तिविक केस संभालने के अवसर प्राप्त होगा, निदान कौशल विकसित होगा। संयुक्त अनुसंधान के अवसरों के साथ जिम्स से डाटा कलेक्शन सहयोग, आरसीआई इंन्सपेक्शन मे सहयोग के अवसर भी प्राप्त होगे। इस अवसर पर एमिटी विश्वविद्यालय के अधिकारी व वैज्ञानिक उपस्थित थे। Noida News

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भाजपा नेता के पिता का निधन

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता मनोज गुप्ता के पिता चित्रसेन गुप्ता का निधन होने की दु:खद खबर आई है। नोएडा में भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष रहे मनोज गुप्ता के पिता चित्रसेन गुप्ता के निधन से नोएडा में शोक व्याप्त हो गया है।

चित्रसेन गुप्ता
चित्रसेन गुप्ता
locationभारत
userआरपी रघुवंशी
calendar20 Mar 2026 03:52 PM
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Noida News : भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता मनोज गुप्ता के पिता चित्रसेन गुप्ता का निधन होने की दु:खद खबर आई है। नोएडा में भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष रहे मनोज गुप्ता के पिता चित्रसेन गुप्ता के निधन से नोएडा में शोक व्याप्त हो गया है। यह समाचार लिखे जाने तक नोएडा क्षेत्र के भंगेल में स्थित शमशान घाट पर चित्रसेन गुप्ता के अंतिम संस्कार की तैयारियां चल रही हैं। नोएडा के भाजपा नेताओं ने श्री गुप्ता के निधन पर शोक व्यक्त किया है।

बीमार चल रहे थे मनोज गुप्ता के पिता चित्रसेन गुप्ता

नोएडा में भाजपा के पूर्व अध्यक्ष मनोज गुप्ता के पिता चित्रसेन गुप्ता पिछले कुछ दिनों से बीमार चल रहे थे। मनोज गुप्ता के परिवारजनों ने बताया कि बीमारी के कारण 5 दिन पहले चित्रसेन गुप्ता को नोएडा के सेक्टर-128 में स्थित मैक्स अस्पताल में भर्ती कराया गया था। आज अचानक अस्पताल में उनका निधन हो गया। चित्रसेन गुप्ता लगभग 70 वर्ष के थे। 

अपने पीछे भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं चित्रसेन गुप्ता

नोएडा भाजपा के पूर्व महानगर अध्यक्ष मनोज गुप्ता के पिता चित्रसेन गुप्ता बेहद मिलनसार तथा व्यवहारिक इंसान थे। चित्रसेन गुप्ता अपने पीछे भरा-पूरा परिवार छोडक़र गए हैं। उनके दो पुत्र मनोज गुप्ता तथा पंकज गुप्ता नोएडा क्षेत्र में अपना विशेष स्थान रखते हैं। चित्रसेन गुप्ता के आकस्मिक निधन पर भाजपा के अनेक नेताओं ने शोक संवेदना व्यक्त की है। Noida News


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नोएडा से ग्रेनो वेस्ट तक मेट्रो का रास्ता साफ, DPR पर फैसला जल्द

नोएडा और ग्रेटर नोएडा वेस्ट के बीच बेहतर कनेक्टिविटी का इंतजार कर रहे लोगों के लिए राहत भरी खबर है। नोएडा-ग्रेनो वेस्ट मेट्रो परियोजना अब मंजूरी के अहम पड़ाव पर पहुंच गई है। नोएडा मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (एनएमआरसी) ने इस प्रस्तावित लाइन की अंतिम रिपोर्ट शहरी विकास मंत्रालय को भेज दी है।

मेट्रो अपडेट
मेट्रो अपडेट
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar20 Mar 2026 02:36 PM
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Noida News : नोएडा और ग्रेटर नोएडा वेस्ट के बीच बेहतर कनेक्टिविटी का इंतजार कर रहे लोगों के लिए राहत भरी खबर है। नोएडा-ग्रेनो वेस्ट मेट्रो परियोजना अब मंजूरी के अहम पड़ाव पर पहुंच गई है। नोएडा मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (एनएमआरसी) ने इस प्रस्तावित लाइन की अंतिम रिपोर्ट शहरी विकास मंत्रालय को भेज दी है। माना जा रहा है कि अब इस रूट की डीपीआर को जल्द स्वीकृति मिल सकती है। यह प्रस्तावित कॉरिडोर सेक्टर-51 से ग्रेटर नोएडा वेस्ट के सेक्टर-4 तक तैयार किया जाएगा। लंबे समय से इस रूट की मांग की जा रही थी, क्योंकि इस इलाके में आबादी तेजी से बढ़ी है और रोजाना बड़ी संख्या में लोग नोएडा तक आवागमन करते हैं।

7.5 किलोमीटर लंबा होगा नोएडा-ग्रेनो वेस्ट मेट्रो रूट

प्रस्तावित नोएडा-ग्रेनो वेस्ट मेट्रो लाइन की कुल लंबाई करीब 7.5 किलोमीटर होगी। इस कॉरिडोर पर यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए पांच स्टेशन विकसित किए जाने की योजना है। परियोजना की अनुमानित लागत करीब 1250 करोड़ रुपये बताई जा रही है। इस खर्च को नोएडा अथॉरिटी और ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी मिलकर वहन करेंगी। शुरुआती चरण में इस रूट का निर्माण प्राथमिकता पर किया जाएगा, जबकि आगे के विस्तार पर फैसला भविष्य की जरूरतों और अन्य परिवहन परियोजनाओं की प्रगति के आधार पर लिया जाएगा।

किन-किन क्षेत्रों को जोड़ेगी नोएडा-ग्रेनो वेस्ट मेट्रो

इस नए रूट के जरिए नोएडा और ग्रेटर नोएडा वेस्ट के कई अहम सेक्टर सीधे जुड़ेंगे। प्रस्तावित नोएडा-ग्रेनो वेस्ट मेट्रो कॉरिडोर में जिन स्टेशनों को शामिल किया गया है, उनमें प्रमुख रूप से सेक्टर-51, सेक्टर-61, सेक्टर-70, सेक्टर-122, सेक्टर-123 और ग्रेटर नोएडा सेक्टर-4 का इलाका शामिल है। अंतिम स्टेशन किसान चौक के पास प्रस्तावित बताया जा रहा है। यह रूट खासतौर पर उन लोगों के लिए फायदेमंद माना जा रहा है, जो रोजाना ग्रेटर नोएडा वेस्ट से नोएडा के दफ्तरों, बाजारों और अन्य कामकाजी इलाकों तक आते-जाते हैं। अभी इस पूरे बेल्ट में सड़क यातायात पर दबाव काफी अधिक है, ऐसे में मेट्रो शुरू होने के बाद यात्रा आसान हो सकती है।

ट्रैफिक दबाव घटाने में अहम होगी नोएडा-ग्रेनो वेस्ट मेट्रो

ग्रेटर नोएडा वेस्ट और नोएडा के बीच लगातार बढ़ती आबादी ने यातायात व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव डाला है। पीक ऑवर में सड़कों पर लंबा जाम आम बात बन चुका है। ऐसे में नोएडा-ग्रेनो वेस्ट मेट्रो को सिर्फ एक परिवहन परियोजना नहीं, बल्कि शहरी राहत योजना के तौर पर भी देखा जा रहा है। इस मेट्रो लाइन के शुरू होने के बाद निजी वाहनों पर निर्भरता घट सकती है। इससे न केवल यात्रा समय कम होगा, बल्कि ईंधन खर्च और सड़क जाम की समस्या में भी कमी आने की उम्मीद है। खास बात यह है कि यह परियोजना नोएडा के मौजूदा मेट्रो नेटवर्क को ग्रेटर नोएडा वेस्ट की उभरती हुई रिहायशी आबादी से जोड़ने का काम करेगी।

एक साथ आगे बढ़ रहे हैं तीन बड़े मेट्रो विस्तार प्रोजेक्ट

एनएमआरसी फिलहाल मेट्रो विस्तार की कई योजनाओं पर समानांतर रूप से काम कर रहा है। नोएडा-ग्रेनो वेस्ट मेट्रो के अलावा बौड़ाकी तक विस्तार और बॉटेनिकल गार्डन से सेक्टर-142 तक मेट्रो विस्तार जैसे प्रोजेक्ट भी एजेंडे में शामिल हैं। इनमें से कुछ परियोजनाओं की डीपीआर को पहले ही मंजूरी मिल चुकी है। सूत्रों के मुताबिक, एनएमआरसी इन परियोजनाओं से जुड़े टेंडर एक साथ जारी करने की रणनीति पर काम कर रहा है। इससे निर्माण प्रक्रिया को गति मिलने की संभावना जताई जा रही है।

शहर की कनेक्टिविटी बदल सकती है यह परियोजना

अगर नोएडा-ग्रेनो वेस्ट मेट्रो को जल्द हरी झंडी मिलती है, तो इसका सीधा असर लाखों यात्रियों की दैनिक जिंदगी पर पड़ेगा। यह परियोजना केवल एक मेट्रो लाइन नहीं होगी, बल्कि नोएडा और ग्रेटर नोएडा वेस्ट के बीच आवागमन का नया ढांचा तैयार करेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि इस कॉरिडोर के विकसित होने से रिहायशी सेक्टरों की पहुंच बेहतर होगी, रियल एस्टेट को भी मजबूती मिलेगी और सार्वजनिक परिवहन का दायरा बढ़ेगा। आने वाले समय में यह रूट नोएडा-ग्रेनो वेस्ट क्षेत्र की शहरी जरूरतों के हिसाब से बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। Noida News

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