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Noida News : नोएडा में हाल ही में हुए श्रमिक आंदोलन का सीधा असर मजदूर दिवस पर भी पड़ा है। नोएडा की पुलिस कमिश्नर श्रीमती लक्ष्मी सिंह ने मजदूर दिवस के अवसर पर औद्योगिक क्षेत्रों में पुलिस को सतर्कता बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।

Noida News : नोएडा की फैक्ट्रियों में काम करने वाले श्रमिकों (मजदूर) के लिए अच्छी खबर नहीं है। दरअसल नोएडा की फैक्ट्रियों में काम करने वाले श्रमिकों को इस वर्ष-2026 में मजदूर दिवस को पुलिस के सख्त पहरे में मनाना पड़ेगा। आपको बता दें कि हर साल 1 मई को पूरी दुनिया में अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस मनाया जाता है। नोएडा की फैक्ट्रियों में काम करने वाले श्रमिक हर साल मजदूर दिवस को धूमधाम से मनाते हैं। इस वर्ष-2026 के मजदूर दिवस पर ऐसा नहीं हो पाएगा। नोएडा के मजदूरों को अपना मजदूर दिवस पुलिस के पहरे में मनाना पड़ेगा।
नोएडा में श्रमिक आंदोलन का सीधा असर मजदूर दिवस पर
नोएडा में हाल ही में हुए श्रमिक आंदोलन का सीधा असर मजदूर दिवस पर भी पड़ा है। नोएडा की पुलिस कमिश्नर श्रीमती लक्ष्मी सिंह ने मजदूर दिवस के अवसर पर औद्योगिक क्षेत्रों में पुलिस को सतर्कता बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने मजदूर दिवस के दिन सभी औद्योगिक सेक्टरों में बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात करने के निर्देश भी दिए हैं। इन निर्देशों से साफ जाहिर है कि नोएडा के मजदूरों को इस वर्ष मजदूर दिवस पुलिस के पहरे में ही मनाना पड़ेगा।
मजदूर दिवस के दिन के लिए नोएडा पुलिस की खास तैयारी
नोएडा पुलिस के प्रवक्ता ने बताया कि मजदूर दिवस के लिए पुलिस ने खास तैयारियां की हैं। उन्होंने बताया कि जिन सेक्टरों में फैक्ट्रियां स्थापित हैं उन सेक्टरों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया जा रहा है। साथ ही नोएडा पुलिस के अधिकारी तथा कर्मचारी अन्य सुरक्षा बलों को साथ लेकर फैक्टरी वाले सेक्टरों में लगातार फ्लैग मार्च कर रहे हैं। इस दौरान नोएडा पुलिस सोशल मीडिया के ऊपर भी विशेष नजर रख रही है। इस बात की पूरी कोशिश की जा रही है कि मजदूर दिवस के नाम का फायदा उठाकर कोई भी व्यक्ति मजदूरों को एकत्र करके किसी प्रकार का धरना, प्रदर्शन अथवा बवाल ना करने पाए। इस काम के लिए सोशल मीडिया पर 24 घंटे निगरानी की जा रही है। Noida News
श्रमिक नेताओं की भी की जा रही है निगरानी
इस दौरान नोएडा पुलिस ने नोएडा में सक्रिय मजदूर नेताओं की निगरानी भी बढ़ा दी है। हिन्द मजदूर सभा के नेता आर.पी. सिंह चौहान ने बताया कि नोएडा पुलिस ने उनके कार्यालय पर पुलिस बल तैनात कर दिया है। उन्होंने आश्चर्य व्यक्त किया कि उन्हें बताया ही नहीं जा रहा है कि उनके कार्यालय पर पुलिस बल क्यों तैनात किया गया है। उन्होंने कहा कि वें मजदूर दिवस को पूरे परम्परागत ढंग से मनाएंगे। इसी प्रकार की व्यवस्था नोएडा के दूसरे मजदूर नेताओं के दफ्तरों पर भी की गई है।
क्या होता है मजदूर दिवस
आपको बता दें कि हर साल पूरी दुनिया में 1 मई का दिन मजदूर दिवस के रूप में मनाया जाता है। इसी कारण 1 मई के दिन को अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस के नाम से जाना जाता है। मजदूर दिवस का इतिहास भी बहुत महत्वपूर्ण है। मजदूर दिवस का इतिहास अमेरिका में हुए मजदूर आंदोलन के साथ जुड़ा हुआ है। अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस की शुरुआत 19वीं सदी में हुई। उस समय मजदूरों से 12-16 घंटे तक काम कराया जाता था। 1 मई 1886 को अमेरिका के शिकागो में हजारों मजदूरों ने 8 घंटे काम की मांग को लेकर हड़ताल की। यह आंदोलन बाद में हेमार्केट अफेयर के रूप में प्रसिद्ध हुआ, जिसने पूरी दुनिया का ध्यान मजदूरों के अधिकारों की ओर खींचा। 1889 में सेकेंड इंटरनेशनल नामक संगठन ने 1 मई को मजदूर दिवस के रूप में मनाने का फैसला किया। इसके बाद धीरे-धीरे यह दिन कई देशों में मनाया जाने लगा। वर्तमान में यह अंतर्राष्ट्रीय दिवस बना हुआ है। भारत में पहली बार मजदूर दिवस 1923 में चेन्नई में मनाया गया था। इसे एम. सिंगारवेलु चेट्टियार ने आयोजित किया था। उस समय से यह दिन भारत में भी श्रमिकों के सम्मान और उनके अधिकारों की जागरूकता के लिए मनाया जाता है। Noida News
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