नोएडा में कार लोन फर्जीवाड़ा, गाड़ी लेते ही युवती गायब
बैंक का कहना है कि लोन प्रक्रिया के दौरान युवती ने यह आश्वासन भी दिया था कि वाहन ऋण का भुगतान पूरा होने तक वह कार का विक्रय नहीं करेगी। हालांकि कुछ समय बाद किस्तों का भुगतान अनियमित हो गया और ऋण खाता एनपीए (NPA) की श्रेणी में चला गया।

Noida News : नोएडा के थाना सेक्टर-63 क्षेत्र में भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की एक शाखा के प्रबंधक की शिकायत पर एक युवती के खिलाफ फर्जी दस्तावेजों के आधार पर वाहन ऋण (व्हीकल लोन) मंजूर कराने और किस्तें न चुकाने का मामला दर्ज किया गया है। बैंक का आरोप है कि लोन स्वीकृत कराने के लिए जीएसटी, आईटीआर और पहचान से जुड़े दस्तावेजों में गड़बड़ी पाई गई, जबकि कार खरीदने के बाद आरोपी युवती संपर्क से बाहर हो गई। यह मुकदमा न्यायालय के निर्देश पर दर्ज किया गया है।
खुद को क्रिस्टल ट्रेडर्स में प्रोपराइटर बताकर लिया लोन
SBI की सेक्टर-63 स्थित शाखा के प्रबंधक गोविंद बल्लभ जोशी ने न्यायालय में दी शिकायत में बताया कि ग्रेटर नोएडा वेस्ट की एक सोसायटी में रहने वाली लक्ष्मी कुमारी ने बैंक में वाहन ऋण के लिए आवेदन किया था। आवेदन के दौरान युवती ने खुद को मैसर्स क्रिस्टल ट्रेडर्स में प्रोपराइटर पद पर कार्यरत दर्शाया और आय तथा पहचान से जुड़े दस्तावेज जमा किए। बैंक के अनुसार दस्तावेजों के आधार पर 2 जुलाई 2024 को 16,41,000 रुपये का वाहन ऋण स्वीकृत किया गया। बैंक का कहना है कि लोन प्रक्रिया के दौरान युवती ने यह आश्वासन भी दिया था कि वाहन ऋण का भुगतान पूरा होने तक वह कार का विक्रय नहीं करेगी। हालांकि कुछ समय बाद किस्तों का भुगतान अनियमित हो गया और ऋण खाता एनपीए (NPA) की श्रेणी में चला गया।
कोर्ट के आदेश के बाद दर्ज हुई FIR
नोएडा में बैंक ने वसूली प्रक्रिया के तहत मांग पत्र (डिमांड नोटिस) भेजा, लेकिन भुगतान नहीं हुआ। इसके बाद जब बैंक ने कानूनी प्रक्रिया के तहत वाहन जब्ती की कार्रवाई आगे बढ़ाई तो जांच में सामने आया कि लोन स्वीकृत कराने के लिए दिए गए दस्तावेज संदिग्ध/फर्जी हो सकते हैं। बैंक का आरोप है कि युवती ने धोखाधड़ी की नीयत से बैंक को आर्थिक नुकसान पहुंचाया। प्रबंधक के मुताबिक पहले पुलिस में शिकायत दी गई थी, लेकिन कार्रवाई आगे नहीं बढ़ी। इसके बाद मामला न्यायालय पहुंचा। सुनवाई के बाद अदालत ने थाना सेक्टर-63 पुलिस को आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए। पुलिस का कहना है कि कोर्ट के आदेश पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। Noida News
Noida News : नोएडा के थाना सेक्टर-63 क्षेत्र में भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की एक शाखा के प्रबंधक की शिकायत पर एक युवती के खिलाफ फर्जी दस्तावेजों के आधार पर वाहन ऋण (व्हीकल लोन) मंजूर कराने और किस्तें न चुकाने का मामला दर्ज किया गया है। बैंक का आरोप है कि लोन स्वीकृत कराने के लिए जीएसटी, आईटीआर और पहचान से जुड़े दस्तावेजों में गड़बड़ी पाई गई, जबकि कार खरीदने के बाद आरोपी युवती संपर्क से बाहर हो गई। यह मुकदमा न्यायालय के निर्देश पर दर्ज किया गया है।
खुद को क्रिस्टल ट्रेडर्स में प्रोपराइटर बताकर लिया लोन
SBI की सेक्टर-63 स्थित शाखा के प्रबंधक गोविंद बल्लभ जोशी ने न्यायालय में दी शिकायत में बताया कि ग्रेटर नोएडा वेस्ट की एक सोसायटी में रहने वाली लक्ष्मी कुमारी ने बैंक में वाहन ऋण के लिए आवेदन किया था। आवेदन के दौरान युवती ने खुद को मैसर्स क्रिस्टल ट्रेडर्स में प्रोपराइटर पद पर कार्यरत दर्शाया और आय तथा पहचान से जुड़े दस्तावेज जमा किए। बैंक के अनुसार दस्तावेजों के आधार पर 2 जुलाई 2024 को 16,41,000 रुपये का वाहन ऋण स्वीकृत किया गया। बैंक का कहना है कि लोन प्रक्रिया के दौरान युवती ने यह आश्वासन भी दिया था कि वाहन ऋण का भुगतान पूरा होने तक वह कार का विक्रय नहीं करेगी। हालांकि कुछ समय बाद किस्तों का भुगतान अनियमित हो गया और ऋण खाता एनपीए (NPA) की श्रेणी में चला गया।
कोर्ट के आदेश के बाद दर्ज हुई FIR
नोएडा में बैंक ने वसूली प्रक्रिया के तहत मांग पत्र (डिमांड नोटिस) भेजा, लेकिन भुगतान नहीं हुआ। इसके बाद जब बैंक ने कानूनी प्रक्रिया के तहत वाहन जब्ती की कार्रवाई आगे बढ़ाई तो जांच में सामने आया कि लोन स्वीकृत कराने के लिए दिए गए दस्तावेज संदिग्ध/फर्जी हो सकते हैं। बैंक का आरोप है कि युवती ने धोखाधड़ी की नीयत से बैंक को आर्थिक नुकसान पहुंचाया। प्रबंधक के मुताबिक पहले पुलिस में शिकायत दी गई थी, लेकिन कार्रवाई आगे नहीं बढ़ी। इसके बाद मामला न्यायालय पहुंचा। सुनवाई के बाद अदालत ने थाना सेक्टर-63 पुलिस को आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए। पुलिस का कहना है कि कोर्ट के आदेश पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। Noida News












