नोएडा में कार लोन फर्जीवाड़ा, गाड़ी लेते ही युवती गायब

बैंक का कहना है कि लोन प्रक्रिया के दौरान युवती ने यह आश्वासन भी दिया था कि वाहन ऋण का भुगतान पूरा होने तक वह कार का विक्रय नहीं करेगी। हालांकि कुछ समय बाद किस्तों का भुगतान अनियमित हो गया और ऋण खाता एनपीए (NPA) की श्रेणी में चला गया।

कार लोन फ्रॉड का मामला
कार लोन फ्रॉड का मामला
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar22 Jan 2026 04:20 PM
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Noida News : नोएडा के थाना सेक्टर-63 क्षेत्र में भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की एक शाखा के प्रबंधक की शिकायत पर एक युवती के खिलाफ फर्जी दस्तावेजों के आधार पर वाहन ऋण (व्हीकल लोन) मंजूर कराने और किस्तें न चुकाने का मामला दर्ज किया गया है। बैंक का आरोप है कि लोन स्वीकृत कराने के लिए जीएसटी, आईटीआर और पहचान से जुड़े दस्तावेजों में गड़बड़ी पाई गई, जबकि कार खरीदने के बाद आरोपी युवती संपर्क से बाहर हो गई। यह मुकदमा न्यायालय के निर्देश पर दर्ज किया गया है।

खुद को क्रिस्टल ट्रेडर्स में प्रोपराइटर बताकर लिया लोन

SBI की सेक्टर-63 स्थित शाखा के प्रबंधक गोविंद बल्लभ जोशी ने न्यायालय में दी शिकायत में बताया कि ग्रेटर नोएडा वेस्ट की एक सोसायटी में रहने वाली लक्ष्मी कुमारी ने बैंक में वाहन ऋण के लिए आवेदन किया था। आवेदन के दौरान युवती ने खुद को मैसर्स क्रिस्टल ट्रेडर्स में प्रोपराइटर पद पर कार्यरत दर्शाया और आय तथा पहचान से जुड़े दस्तावेज जमा किए। बैंक के अनुसार दस्तावेजों के आधार पर 2 जुलाई 2024 को 16,41,000 रुपये का वाहन ऋण स्वीकृत किया गया। बैंक का कहना है कि लोन प्रक्रिया के दौरान युवती ने यह आश्वासन भी दिया था कि वाहन ऋण का भुगतान पूरा होने तक वह कार का विक्रय नहीं करेगी। हालांकि कुछ समय बाद किस्तों का भुगतान अनियमित हो गया और ऋण खाता एनपीए (NPA) की श्रेणी में चला गया।

कोर्ट के आदेश के बाद दर्ज हुई FIR

नोएडा में बैंक ने वसूली प्रक्रिया के तहत मांग पत्र (डिमांड नोटिस) भेजा, लेकिन भुगतान नहीं हुआ। इसके बाद जब बैंक ने कानूनी प्रक्रिया के तहत वाहन जब्ती की कार्रवाई आगे बढ़ाई तो जांच में सामने आया कि लोन स्वीकृत कराने के लिए दिए गए दस्तावेज संदिग्ध/फर्जी हो सकते हैं। बैंक का आरोप है कि युवती ने धोखाधड़ी की नीयत से बैंक को आर्थिक नुकसान पहुंचाया। प्रबंधक के मुताबिक पहले पुलिस में शिकायत दी गई थी, लेकिन कार्रवाई आगे नहीं बढ़ी। इसके बाद मामला न्यायालय पहुंचा। सुनवाई के बाद अदालत ने थाना सेक्टर-63 पुलिस को आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए। पुलिस का कहना है कि कोर्ट के आदेश पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। Noida News

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इंजीनियर युवराज की मौत के मामले में दो और बिल्डर गिरफ्तार

सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई नोएडा-ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में निर्माण स्थलों पर सुरक्षा मानकों को लेकर पुलिस की सख्ती का संकेत मानी जा रही है। पुलिस की टीम अब केस से जुड़े अन्य जिम्मेदार लोगों की भूमिका, दस्तावेज़ी मंजूरियों और साइट पर सुरक्षा इंतजामों की भी पड़ताल कर रही है।

पुलिस की बड़ी कार्रवाई
पुलिस की बड़ी कार्रवाई
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar22 Jan 2026 03:03 PM
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Noida News : नोएडा में सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज की मौत के मामले में पुलिस ने कार्रवाई का दायरा और बढ़ा दिया है। नॉलेज पार्क थाना पुलिस ने गुरुवार को दो और बिल्डरों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक कल ही 5 बिल्डरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था, जिसके बाद से लापरवाह बिल्डरों पर शिकंजा लगातार कसता जा रहा है। पुलिस ने लॉट्स ग्रीन प्रोजेक्ट से जुड़े बिल्डर रवि बंसल पुत्र प्रकाश चंद निवासी फ्लैट नंबर D-76 मंगलम रेजिडेंसी अपार्टमेंट थाना sector 21(d) फरीदाबाद हरियाणा कंपनी नाम लोटस ग्रीन, सचिन करनवाल पुत्र गोपाल करनवाल निवासी फ्लैट नंबर ब -6 बिल्डिंग नंबर A-11 शालीमार गार्डन एक्सटेंशन 2 साहिबाबाद थाना शालीमार गार्डन जिला गाज़ियाबाद गिरफ्तार किया है। वहीं, इससे पहले विश टाउन के बिल्डर अभय कुमार को इस मामले में जेल भेजा जा चुका है। सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई नोएडा-ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में निर्माण स्थलों पर सुरक्षा मानकों को लेकर पुलिस की सख्ती का संकेत मानी जा रही है। पुलिस की टीम अब केस से जुड़े अन्य जिम्मेदार लोगों की भूमिका, दस्तावेज़ी मंजूरियों और साइट पर सुरक्षा इंतजामों की भी पड़ताल कर रही है।

कल ही दर्ज हुआ था केस

पुलिस ने कल इस मामले में पांच बिल्डरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। एफआईआर में पर्यावरण संरक्षण अधिनियम, जल (प्रदूषण निवारण और नियंत्रण) अधिनियम के साथ-साथ बीएनएस की धारा 290, 270 और 125 लगाई गई हैं। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान सामने आए तथ्यों और जिम्मेदारियों के आधार पर आगे और नाम भी बढ़ सकते हैं।

इन बिल्डरों के खिलाफ दर्ज है एफआईआर

जिन बिल्डरों को एफआईआर में नामजद किया गया है, उनमें अभय कुमार, संजय कुमार, मनीष कुमार, अचल वोहरा और निर्मल कुमार शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तारियां उन्हीं लोगों की हुई हैं जिनकी भूमिका जांच में स्पष्ट होती गई। Noida News

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LIVE NEWS: युवराज की मौत के मामले में पांच लोगों के खिलाफ दर्ज हुई FIR

यह एफआईआर पर्यावरण संरक्षण अधिनियम, 1986 और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज की गई है। पुलिस के मुताबिक मामला अब सिर्फ लापरवाही तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पर्यावरणीय और सार्वजनिक सुरक्षा नियमों के उल्लंघन की श्रेणी में भी आ गया है।

युवराज मेहता मौत केस में दूसरी FIR
युवराज मेहता मौत केस में दूसरी FIR
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar22 Jan 2026 09:50 AM
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Noida News : नोएडा के सेक्टर-150 में 27 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत के मामले ने अब नया मोड़ ले लिया है। नोएडा पुलिस ने इस केस में दूसरी एफआईआर दर्ज करते हुए पांच लोगों को नामजद किया है। यह एफआईआर पर्यावरण संरक्षण अधिनियम, 1986 और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज की गई है। पुलिस के मुताबिक मामला अब सिर्फ लापरवाही तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पर्यावरणीय और सार्वजनिक सुरक्षा नियमों के उल्लंघन की श्रेणी में भी आ गया है।

लंबे समय से भरा पड़ा था पानी

जांच में सामने आया है कि जिस स्थान पर हादसा हुआ, वहां 2021 से खुदाई के बाद गड्ढा पानी से भरा पड़ा था। आरोप है कि बैरिकेडिंग नहीं थी, न ही कोई चेतावनी बोर्ड/सुरक्षा संकेत लगाए गए थे। निर्माण स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था और जल निकासी को लेकर की गई कथित लापरवाही को ही दूसरी एफआईआर का आधार बनाया गया है। नोएडा जैसे तेजी से विकसित हो रहे शहरी क्षेत्र में ऐसे निर्माण स्थलों की निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था पर अब सवाल तेज हो गए हैं।

दूसरी FIR में कौन-कौन नामजद?

नई एफआईआर में पुलिस ने इस मामले में पांच लोगों(अभय कुमार, संजय कुमार, मनीष कुमार, अचल बोहरा और निर्मल कुमार) को सीधे तौर पर नामजद किया है बताया जा रहा है कि ये सभी उसी प्लॉट/प्रोजेक्ट की गतिविधियों से जुड़े हैं, जहां यह हादसा हुआ। जांच एजेंसियों का फोकस अब इस बात पर है कि मौके पर किसकी जिम्मेदारी क्या थी और सुरक्षा मानकों के पालन में किस स्तर पर चूक हुई। इस बीच, अभय कुमार को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है, जबकि बाकी नामजद आरोपियों की भूमिका और जवाबदेही तय करने के लिए आगे की पूछताछ और दस्तावेजी जांच तेज कर दी गई है।

सूरजपुर कोर्ट का सख्त संदेश

सुनवाई के दौरान ग्रेटर नोएडा के सूरजपुर स्थित जिला न्यायालय का रुख बेहद सख्त दिखा। अदालत ने जांच एजेंसियों को स्पष्ट दिशा देते हुए कहा कि यह मामला सिर्फ औपचारिक रिपोर्ट तक सीमित नहीं रह सकता जांच में जवाबदेही की सीधी पहचान जरूरी है। कोर्ट ने तीन बुनियादी सवालों को जांच का कोर प्वाइंट बताते हुए पूछा: टूटी नाली के लिए जिम्मेदार कौन, मौके पर बैरिकेडिंग/चेतावनी संकेत क्यों नहीं लगाए गए, और जब शिकायतें लंबे समय से सामने थीं तो समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं हुई। 

गिरफ्तार बिल्डर कोर्ट में पेश

पुलिस ने युवराज मेहता की मौत के मामले में बिल्डर अभय कुमार को पहले गिरफ्तार किया था। रिमांड अवधि समाप्त होने के बाद उसे अदालत में पेश किया गया, जहां से अदालत ने उसे 27 जनवरी तक न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। कोर्ट ने पुलिस को छह दिन का वक्त देते हुए कहा है कि अगली सुनवाई में गिरफ्तारी और केस से जुड़े सबूत पेश किए जाएं। युवराज के पिता राजकुमार मेहता की शिकायत पर पहले दर्ज केस में एमजेड विजटाउन और लोटस ग्रीन से जुड़े पक्षों का नाम सामने आया था। पुलिस अधिकारियों के अनुसार लोटस ग्रीन से जुड़ा एक बिल्डर अभी फरार है। उसकी गिरफ्तारी के लिए नोएडा और आसपास के इलाकों में टीमों को लगाया गया है और लगातार छापेमारी की जा रही है।

नोएडा प्राधिकरण पर भी दबाव

इस पूरे मामले में SIT की जांच के बीच नोएडा प्राधिकरण भी सवालों के घेरे में है। अधिकारियों ने बुधवार को SIT द्वारा पूछे गए सवालों के जवाब तैयार करने के लिए बैठकों का दौर चला। इस प्रकरण में नोएडा प्राधिकरण के सीईओ डॉ. लोकेश एम को हटाया जा चुका है। संकेत हैं कि आने वाले दिनों में SIT रिपोर्ट के आधार पर जिला प्रशासन, पुलिस, अग्निशमन विभाग और प्राधिकरण के अन्य अधिकारियों तक कार्रवाई का दायरा बढ़ सकता है। Noida News

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