
Liquor Sales in UP : शराब का सेवन करना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है, लेकिन सरकार की इस अपील को कितने लोग मानते है, यह आप और हम भलिभांति जानते हैं। सरकार द्वारा मादक पदार्थों की न केवल सलाह देती है, बल्कि समय समय पर जागरुकता अभियान चलाकर लोगों को मादक पदार्थों से होने वाले नुकसान के प्रति आगाह भी करती है। लेकिन हम यहां आपको किसी तरह की नसीहत नहीं दे रहे हैं, हम तो आपको यह बता रहे हैं कि यूपी के वो दो जिले कौन से हैं, जहां रहने वाले वाले लोग सबसे ज्यादा शराब का सेवन करते हैं।
किसी भी प्रदेश में शराब की बिक्री सरकार को सबसे ज्यादा राजस्व यानि रैवेन्यू दिलाती है। यूपी की सरकार हर रोज शराब की बिक्री से करोड़ों रुपये की इनकम करती है। लेकिन आपको यह जानकर आश्चर्य होगा कि यूपी के दो जिले ऐसे हैं, जहां पर सबसे ज्यादा शराब का सेवन किया जाता है। यानि यहां के रहने वाले लोग यूपी में सबसे ज्यादा शराब का सेवन करते हैं। सरकारी आंकड़ों के अनुसार यूपी में रोजाना 160 करोड़ रुपये की शराब का सेवन यहां के लोग करते हैं।
आबकारी विभाग की एक रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2022 में अप्रैल तक कुल 3153.32 करोड़ रुपये की इनकम हुई थी, जबकि इस बार अप्रैल में 3313.13 करोड़ रुपये की इनकम सरकार को हुई है। इसी तरह से पिछले साल के अप्रैल के मुकाबले इस बार के अप्रैल में 159.71 करोड़ रुपये की ज्यादा राजस्व आय हुई है।
यूपी के प्रत्येक जिले में वैसे तो देसी और विदेशी मदिरा की मांग है, लेकिन आंकड़े बताते हैं कि इस राज्य में देसी शराब की सबसे ज्यादा मांग है। राज्य में देसी शराब की कुल खपत 6.59 करोड़ लीटर की रही, जबकि पिछले साल अप्रैल के महीने में 5.88 करोड़ लीटर देसी शराब प्रदेश में खपी थी। इस साल अप्रैल तक 1.66 करोड़ लीटर अंग्रेजी शराब की बिकी थी जबकि पिछले साल के अप्रैल में 1.64 करोड़ लीटर अंग्रेजी शराब की बिक्री हुई थी।
बीयर की बात करें तो इस बार 4.43 करोड़ लीटर बीयर की खपत हुई जबकि अप्रैल 2022 में 3.82 करोड़ लीटर बीयर की खपत हुई थी। आपको बता दें कि प्रदेश सरकार की राजस्व आय के सबसे बड़े स्रोत आबकारी विभाग से चालू वित्तीय वर्ष में 58 हजार करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त करने का लक्ष्य रखा गया है।
यूपी आबकारी विभाग के अनुसार, यूपी में हर रोज 160 करोड़ रुपये की शराब और बीयर की बिक्री होती है। पूरे राज्य में शायद ही कोई ऐसा जिला हो, जहां शराब और बीयर की हर रोज बिक्री ढाई-तीन करोड़ रुपये से कम की है। पिछले कुछ सालों के दौरान राज्य में शराब की खपत तेजी से बढ़ी है। सिर्फ 2 साल पहले राज्य में शराब की औसत खपत हर रोज करीब 85 करोड़ रुपये की थी।
आबकारी विभाग के एक अधिकारी अनुसार, यूपी में कई ऐसे जिले हैं, जहां शराब की रोजाना की खपत 12-15 करोड़ रुपये है। सबसे ज्यादा शराब की खपत करने वाले जिलों को देखें तो नोएडा (गौतमबुद्धनगर जनपद) और गाजियाबाद सबसे ऊपर है। इन दो जिलों में हर रोज 13 से 14 करोड़ रुपये की शराब व बीयर की बिक्री होती है। राजधानी लखनऊ में रोजाना 10-12 करोड़ रुपये की शराब की खपत है। ताज नगरी आगरा भी बहुत पीछे नहीं है, यहां औसत रोजाना खपत 12-13 करोड़ रुपये की है। मेरठ के लोग हर रोज करीब 10 करोड़ रुपये की शराब पी रहे हैं, तो वहीं कानपुर में हर रोज 8 से 10 करोड़ रुपये की शराब की खपत हो रही है। वाराणसी भी 6-8 करोड़ रुपये की शराब की रोज खपत होती है।