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नोएडा से गुरुग्राम और फरीदाबाद के बीच सफर करने वाले लाखों लोगों के लिए राहत की खबर सामने आई है। नोएडा-फरीदाबाद-गुरुग्राम नमो भारत (RRTS) कॉरिडोर को आखिरकार फाइनल मंजूरी मिल गई है।

नोएडा से गुरुग्राम और फरीदाबाद के बीच सफर करने वाले लाखों लोगों के लिए राहत की खबर सामने आई है। नोएडा-फरीदाबाद-गुरुग्राम नमो भारत (RRTS) कॉरिडोर को आखिरकार फाइनल मंजूरी मिल गई है जिससे NCR की कनेक्टिविटी में एक बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। इस परियोजना के तहत करीब 64 किलोमीटर लंबा कॉरिडोर बनाया जाएगा जिसमें से 52 किलोमीटर हिस्सा हरियाणा में विकसित होगा। खास बात यह है कि इस प्रोजेक्ट में ड्यूल मॉडल तकनीक का इस्तेमाल होगा यानी एक ही ट्रैक पर मेट्रो और नमो भारत ट्रेनें चल सकेंगी। इससे न केवल इंफ्रास्ट्रक्चर की लागत कम होगी बल्कि यात्रियों को भी ज्यादा सुविधा मिलेगी।
लोगों के लिए अब तक नोएडा से गुरुग्राम या फरीदाबाद का सफर किसी चुनौती से कम नहीं था। ट्रैफिक जाम और लंबी दूरी के कारण यह सफर 1.5 से 2 घंटे तक का हो जाता था लेकिन इस RRTS कॉरिडोर के शुरू होने के बाद यही दूरी महज 38 से 40 मिनट में पूरी हो सकेगी। वहीं नोएडा से फरीदाबाद का सफर सिर्फ 20 मिनट में पूरा होगा।
करीब 15,000 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली इस परियोजना में ट्रेनें 180 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ेंगी और हर 5 से 7 मिनट के अंतराल पर उपलब्ध रहेंगी। इससे न केवल समय की बचत होगी बल्कि दिल्ली-NCR की सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव भी काफी हद तक कम हो जाएगा जिससे यात्रियों को तेज, सुरक्षित और आरामदायक सफर का अनुभव मिलेगा। बताया जा रहा है कि गुरुग्राम रूट 14.5 किमी का होगा जिसकी शुरुआत इफ्को चौक से होगी। यह मिलेनियम सिटी सेंटर, सेक्टर-52 और ग्वाल पहाड़ी जैसे क्षेत्रों को जोड़ेगा। फरीदाबाद सेक्शन 16 किमी लंबा होगा जो सैनिक कॉलोनी, NIT और बाटा चौक जैसे इलाकों से होकर गुजरेगा और बादशाहपुर के पास तक पहुंचेगा। नोएडा और ग्रेटर नोएडा की कनेक्टिविटी FNG एक्सप्रेसवे के जरिए सेक्टर 141/168 क्षेत्र से जुड़ेंगी और इसका आखिरी स्टेशन सूरजपुर जंक्शन होगा।
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