नोएडा में भंगेल एलिवेटेड रोड को मिलेगी नई रफ्तार, बनेंगे 4 लूप

नोएडा में भंगेल एलिवेटेड रोड को लेकर लंबे समय से उठ रही एक बड़ी मांग अब पूरी होने जा रही है। एलिवेटेड रोड शुरू होने के बाद आसपास के सेक्टरों के लोगों को सीधे चढ़ने-उतरने की सुविधा नहीं मिल पा रही थी, लेकिन अब नोएडा प्राधिकरण ने इस समस्या के समाधान की दिशा में अहम कदम बढ़ाया है।

नोएडा में कनेक्टिविटी को बड़ी राहत
नोएडा में कनेक्टिविटी को बड़ी राहत
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar13 Mar 2026 09:24 AM
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Noida News : नोएडा से जुड़ी बड़ी अपडेट सामने आ रही है। नोएडा से जुड़ी यह बड़ी अपडेट नोएडावासियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। नोएडा में भंगेल एलिवेटेड रोड को लेकर लंबे समय से उठ रही एक बड़ी मांग अब पूरी होने जा रही है। एलिवेटेड रोड शुरू होने के बाद आसपास के सेक्टरों के लोगों को सीधे चढ़ने-उतरने की सुविधा नहीं मिल पा रही थी, लेकिन अब नोएडा प्राधिकरण ने इस समस्या के समाधान की दिशा में अहम कदम बढ़ाया है। नोएडा प्राधिकरण की ओर से सेक्टर-49 और सेक्टर-107 के सामने चार नए लूप बनाने को मंजूरी दे दी गई है। माना जा रहा है कि इस फैसले से नोएडा के हजारों लोगों को रोजाना आवागमन में बड़ी राहत मिलेगी।

नोएडा के इन इलाकों को मिलेगी सीधी कनेक्टिविटी

मिली जानकारी के अनुसार, ये चारों नए लूप नोएडा सेक्टर-49 और नोएडा सेक्टर-107 चौराहे के नजदीक, सेवन एक्स सोसायटी की दिशा में तैयार किए जाएंगे। इनके बनने के बाद नोएडा के आसपास बसे कई रिहायशी सेक्टरों को भंगेल एलिवेटेड रोड से सीधा जुड़ाव मिल जाएगा। अभी तक स्थिति यह है कि लोगों को इस रोड तक पहुंचने के लिए लंबा घुमावदार रास्ता अपनाना पड़ता है, जिससे न केवल सफर में अतिरिक्त समय लगता है, बल्कि कई मार्गों पर ट्रैफिक का दबाव भी बढ़ जाता है। नए लूप बनने के बाद इस समस्या में बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

करीब 4.5 किलोमीटर लंबा है नोएडा का भंगेल एलिवेटेड रोड

नोएडा का भंगेल एलिवेटेड रोड लगभग 4.5 किलोमीटर लंबा है और इसे शहर के ट्रैफिक दबाव को कम करने के लिहाज से काफी अहम परियोजना माना जाता है। हालांकि रोड के शुरू होने के बाद भी इसमें चढ़ने और उतरने के लिए पर्याप्त लूप नहीं होने से स्थानीय निवासियों को अपेक्षित सुविधा नहीं मिल सकी। यही वजह रही कि नोएडा के अलग-अलग सेक्टरों से लगातार मांग उठ रही थी कि इस रोड को आसपास की आबादी से बेहतर तरीके से जोड़ा जाए।

नोएडा के कई सेक्टरों को होगा सीधा फायदा

चार नए लूप बनने के बाद सेक्टर-74, 75, 76, 77 और 78 समेत आसपास के कई इलाकों के लोगों को सीधी कनेक्टिविटी मिलेगी। इससे नोएडा के इन सेक्टरों से एलिवेटेड रोड पर चढ़ना और उतरना आसान हो जाएगा। खास बात यह है कि इसका फायदा सिर्फ स्थानीय निवासियों को ही नहीं, बल्कि रोजाना इस रूट से गुजरने वाले हजारों यात्रियों को भी मिलेगा। फिलहाल भंगेल एलिवेटेड रोड तक पहुंचने के लिए लोगों को वैकल्पिक रास्तों का सहारा लेना पड़ता है, जिससे कई जगहों पर ट्रैफिक दबाव बढ़ जाता है। ऐसे में नए लूप बनने के बाद नोएडा की यातायात व्यवस्था में सुधार की उम्मीद है। इससे सफर न सिर्फ तेज होगा, बल्कि कई सेक्टरों के बीच आवाजाही भी ज्यादा सुगम और व्यवस्थित हो सकेगी।

जल्द जारी हो सकता है टेंडर

नोएडा प्राधिकरण की मंजूरी मिलने के बाद अब इन लूप के निर्माण के लिए जल्द टेंडर प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है। टेंडर जारी होने के बाद निर्माण कार्य को आगे बढ़ाया जाएगा। ऐसे में आने वाले समय में भंगेल एलिवेटेड रोड, नोएडा की ट्रैफिक व्यवस्था को और मजबूत करने वाली महत्वपूर्ण कड़ी बन सकता है। Noida News

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नोएडा प्राधिकरण कर्मियों की हुई बल्ले-बल्ले, अब इलाज की चिंता होगी दूर

नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी कृष्णा करुणेश ने इस प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान कर दी है। इस निर्णय से प्राधिकरण में कार्यरत करीब 4800 आउटसोर्स कर्मियों को सीधा फायदा मिलेगा। लंबे समय से मेडिकल सुविधा की मांग कर रहे कर्मचारियों के लिए यह फैसला किसी बड़ी राहत से कम नहीं माना जा रहा है।

नोएडा प्राधिकरण का बड़ा फैसला
नोएडा प्राधिकरण का बड़ा फैसला
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar12 Mar 2026 04:50 PM
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Noida News : नोएडा प्राधिकरण से जुड़े हजारों कर्मचारियों और उनके परिवारों के लिए बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। नोएडा प्राधिकरण ने श्रमशक्ति आपूर्तिकर्ता एजेंसियों के माध्यम से कार्यरत कर्मचारियों के लिए मेडिकल इंश्योरेंस सुविधा को मंजूरी दे दी है। इस फैसले के बाद अब कर्मचारी और उनके आश्रित परिवारजन सालाना 5 लाख रुपये तक कैशलेस या बीमा आधारित इलाज का लाभ उठा सकेंगे। नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी कृष्णा करुणेश ने इस प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान कर दी है। इस निर्णय से प्राधिकरण में कार्यरत करीब 4800 आउटसोर्स कर्मियों को सीधा फायदा मिलेगा। लंबे समय से मेडिकल सुविधा की मांग कर रहे कर्मचारियों के लिए यह फैसला किसी बड़ी राहत से कम नहीं माना जा रहा है।

नोएडा में हजारों परिवारों को मिलेगा स्वास्थ्य सुरक्षा कवच

नोएडा प्राधिकरण के इस फैसले के तहत श्रमशक्ति आपूर्तिकर्ता एजेंसियों के माध्यम से तैनात कर्मचारियों के पांच आश्रित सदस्यों को भी मेडिकल कवर दिया जाएगा। इस योजना के अंतर्गत प्रति परिवार 5 लाख रुपये तक की वार्षिक मेडिकल सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इसके लिए स्टेट बैंक ऑफ इंडिया जनरल इंश्योरेंस कंपनी को चुना गया है। प्राधिकरण की ओर से प्रति कर्मचारी 10 हजार रुपये सालाना प्रीमियम का भुगतान किया जाएगा। यह भुगतान श्रमशक्ति आपूर्तिकर्ता एजेंसी के माध्यम से किया जाएगा।

2024 की बोर्ड बैठक में लिया गया था अहम फैसला

इस मेडिकल बीमा योजना की नींव 26 अक्टूबर 2024 को आयोजित नोएडा प्राधिकरण की 215वीं बोर्ड बैठक में रखी गई थी। उसी बैठक में आउटसोर्स कर्मियों को स्वास्थ्य सुरक्षा देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई थी। अब इस फैसले को अमलीजामा पहनाते हुए प्राधिकरण ने बीमा कंपनी को अंतिम स्वीकृति दे दी है। नोएडा जैसे तेजी से विकसित हो रहे शहर में बड़ी संख्या में कर्मचारी बुनियादी सेवाओं, सफाई व्यवस्था, रखरखाव और अन्य जरूरी कार्यों में लगे हुए हैं। ऐसे में उनके लिए स्वास्थ्य सुविधा सुनिश्चित करना प्रशासनिक दृष्टि से भी अहम कदम माना जा रहा है।

ESI सीमा से बाहर होने के बाद बढ़ी थी परेशानी

दरअसल, ईएसआई विभाग की ओर से मेडिकल सुविधा के लिए निर्धारित वेतन सीमा 21 हजार रुपये तक तय होने के बाद नोएडा प्राधिकरण के बड़ी संख्या में कर्मचारी इस सुविधा से बाहर हो गए थे। इसके बाद कर्मचारियों के सामने इलाज को लेकर गंभीर मुश्किलें खड़ी हो गई थीं। इसी वजह से पिछले काफी समय से आउटसोर्स कर्मी मेडिकल सुविधा बहाल करने की मांग कर रहे थे। अब नोएडा प्राधिकरण के इस फैसले ने उनकी लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा कर दिया है।

पहले दिन से मिलेगा इलाज

प्राधिकरण के अनुसार, चुनी गई बीमा कंपनी कर्मचारियों को पॉलिसी के पहले दिन से ही इलाज की सुविधा देगी। खास बात यह है कि इस मेडिकल इंश्योरेंस में सिर्फ सामान्य उपचार ही नहीं, बल्कि गंभीर बीमारियों का इलाज भी शामिल रहेगा। नोएडा और दिल्ली के अधिकांश बड़े अस्पताल इस बीमा पैनल से जुड़े बताए जा रहे हैं। इससे कर्मचारियों को बेहतर अस्पतालों में उपचार कराने में आसानी होगी और इलाज का आर्थिक बोझ भी काफी हद तक कम होगा।

कई कंपनियों के प्रस्तावों में SBI General का हुआ चयन

नोएडा प्राधिकरण ने कर्मचारियों को मेडिकल सुविधा उपलब्ध कराने के लिए कई बीमा कंपनियों से प्रस्ताव मांगे थे। इस प्रक्रिया में SBI General Insurance, United India Insurance, HDFC और Bajaj Allianz जैसी कंपनियों ने अपने प्रस्ताव दिए थे। इन प्रस्तावों पर विचार करने के बाद प्राधिकरण ने तय नीति के आधार पर SBI General Insurance Company का चयन किया। अब इसी कंपनी के माध्यम से नोएडा प्राधिकरण के हजारों कर्मियों को स्वास्थ्य बीमा सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। Noida News

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नोएडा में Solar Spider साइबर मॉड्यूल का भंडाफोड़, दो विदेशी गिरफ्तार

गौतमबुद्धनगर कमिश्नरेट पुलिस के मुताबिक, यह नेटवर्क कथित रूप से ‘Solar Spider’ नाम के थ्रेट एक्टर से जुड़ा हुआ है और इसकी गतिविधियों का केंद्र नोएडा-ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में सक्रिय मॉड्यूल के जरिए संचालित किया जा रहा था।

नोएडा पुलिस की बड़ी कार्रवाई (4)
नोएडा पुलिस की बड़ी कार्रवाई
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar12 Mar 2026 04:26 PM
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Noida News : गौतमबुद्धनगर कमिश्नरेट पुलिस ने साइबर अपराध के एक बड़े अंतरराष्ट्रीय मॉड्यूल का पर्दाफाश करते हुए दो विदेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि यह गिरोह देश के को-ऑपरेटिव बैंकों को निशाना बनाकर बड़े पैमाने पर साइबर ठगी की साजिश रच रहा था। गौतमबुद्धनगर कमिश्नरेट पुलिस के मुताबिक, यह नेटवर्क कथित रूप से ‘Solar Spider’ नाम के थ्रेट एक्टर से जुड़ा हुआ है और इसकी गतिविधियों का केंद्र नोएडा-ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में सक्रिय मॉड्यूल के जरिए संचालित किया जा रहा था।

साइबर टीमों ने पकड़ी बड़ी साजिश

गौतमबुद्धनगर पुलिस कमिश्नरेट की साइबर यूनिट ने थाना साइबर क्राइम, थाना नॉलेज पार्क और मेरठ जोन की साइबर कमांडो टीमों के साथ मिलकर इस कार्रवाई को अंजाम दिया। पुलिस को इंटेलिजेंस इनपुट मिला था कि बीते कुछ दिनों से एक संदिग्ध साइबर मॉड्यूल दोबारा सक्रिय हुआ है, जो बैंकिंग सिस्टम की कमजोरियों का फायदा उठाने की तैयारी में है। जांच आगे बढ़ी तो पता चला कि यह गिरोह खासतौर पर ऐसे को-ऑपरेटिव बैंकों को चुन रहा था, जहां साइबर सुरक्षा के मानक अपेक्षाकृत कमजोर हों। नोएडा पुलिस की सतर्कता के चलते इस नेटवर्क की गतिविधियों पर नजर रखी गई और समय रहते बड़ी कार्रवाई की गई। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों की योजना बेहद सुनियोजित थी। यह मॉड्यूल लक्षित बैंकों से 60 से 80 करोड़ रुपये तक की रकम अवैध रूप से अलग-अलग म्यूल खातों में ट्रांसफर करना चाहता था। इसके बाद उस धनराशि को क्रिप्टोकरेंसी के जरिए देश से बाहर भेजने की रणनीति तैयार की गई थी। अधिकारियों का कहना है कि अगर समय रहते इस नेटवर्क पर शिकंजा नहीं कसा जाता, तो कई बैंक भारी आर्थिक नुकसान की चपेट में आ सकते थे।

गुजरात के को-ऑपरेटिव बैंक से 7 करोड़ रुपये ट्रांसफर

पूछताछ में खुलासा हुआ कि गिरोह ने 7 और 8 मार्च के सप्ताहांत के दौरान गुजरात स्थित एक को-ऑपरेटिव बैंक को निशाना बनाकर करीब 7 करोड़ रुपये की रकम विदेशी बैंक खातों में ट्रांसफर कर दी थी। जांच एजेंसियों के अनुसार, आरोपी जानबूझकर ऐसे ट्रांजेक्शन वीकेंड पर अंजाम देते थे, जब बैंकिंग निगरानी सीमित रहती है और धोखाधड़ी का पता चलने में देरी हो सकती है। यही वजह रही कि नोएडा पुलिस ने इस मामले को केवल एक सामान्य साइबर फ्रॉड नहीं, बल्कि बैंकिंग सेक्टर पर संभावित बड़े हमले के रूप में लिया।

Noida Police ने I4C और बैंकों को तुरंत किया अलर्ट

मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच टीम ने तुरंत Indian Cyber Crime Coordination Centre (I4C) और संबंधित बैंकों को अलर्ट भेजा। उद्देश्य यह था कि आगे होने वाले किसी भी संदिग्ध ट्रांसफर को समय रहते रोका जा सके। पुलिस को जांच के दौरान ऐसे संकेत भी मिले कि गिरफ्तार आरोपी पहले भी इसी तरह के साइबर हमलों से जुड़े नेटवर्क का हिस्सा रहे हैं। गौतमबुद्धनगर की डीसीपी साइबर शैव्या गोयल ने बताया कि पकड़े गए दोनों विदेशी नागरिकों के तार नाइजीरिया और दक्षिण अफ्रीका से जुड़े साइबर अपराध नेटवर्क से जुड़े पाए गए हैं। उनसे पूछताछ के आधार पर अब इस पूरे रैकेट की अंतरराष्ट्रीय कड़ियों को खंगाला जा रहा है।

को-ऑपरेटिव बैंकों के लिए एडवाइजरी जारी करेगी नोएडा पुलिस

इस कार्रवाई के बाद गौतमबुद्धनगर कमिश्नरेट की ओर से को-ऑपरेटिव बैंकों के लिए एक विशेष एडवाइजरी जारी करने की तैयारी भी की जा रही है। इसमें बैंकों को अपने साइबर सुरक्षा तंत्र की समीक्षा करने, सिस्टम की कमजोरियों की जांच कराने और निगरानी व्यवस्था को और मजबूत बनाने की सलाह दी जाएगी। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि डिजिटल बैंकिंग के बढ़ते दायरे में छोटे और मध्यम वित्तीय संस्थानों को साइबर सुरक्षा पर अतिरिक्त ध्यान देने की जरूरत है, ताकि ऐसे अंतरराष्ट्रीय गिरोहों की घुसपैठ को रोका जा सके। Noida News

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