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न्यू नोएडा को बसाने की दिशा में बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया गया है। नोएडा प्राधिकरण ने दादरी और बुलंदशहर के 80 गांवों की जमीन के अधिग्रहण के लिए मुआवजा दर तय कर दी है। अब नए नोएडा के लिए किसानों को यीडा क्षेत्र के बराबर 4300 रुपये प्रति वर्गमीटर की दर से मुआवजा देने की तैयारी है।

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New Noida News: न्यू नोएडा को बसाने की दिशा में बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया गया है। नोएडा प्राधिकरण ने दादरी और बुलंदशहर के 80 गांवों की जमीन के अधिग्रहण के लिए मुआवजा दर तय कर दी है। अब नए नोएडा के लिए किसानों को यीडा क्षेत्र के बराबर 4300 रुपये प्रति वर्गमीटर की दर से मुआवजा देने की तैयारी है। इस पूरी प्रक्रिया के लिए प्राधिकरण ने 1000 करोड़ रुपये के बजट को भी मंजूरी दे दी है। यह फैसला हाल ही में हुई बोर्ड बैठक में लिया गया, जिससे नए नोएडा परियोजना को जमीन पर उतारने की रफ्तार तेज होने की उम्मीद है। कागजी तौर पर नए नोएडा को दादरी-नोएडा-गाजियाबाद विशेष निवेश क्षेत्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। प्राधिकरण का कहना है कि नए नोएडा के लिए जमीन अधिग्रहण में प्राथमिकता आपसी सहमति को दी जाएगी, ताकि किसानों के साथ टकराव की स्थिति न बने। यूपी कैबिनेट से मास्टर प्लान को मंजूरी मिलने के बाद लंबे समय से मुआवजा दरों का इंतजार किया जा रहा था, जो अब खत्म होता दिख रहा है।
नए नोएडा का मास्टर प्लान-2041 पहले ही स्वीकृत हो चुका है, लेकिन अब असली चुनौती इसे तेज़ी से धरातल पर उतारने की है। प्राधिकरण ने नए नोएडा के लिए अस्थायी दफ्तर की जमीन भी चिन्हित कर ली है। जोखाबाद और सांवली गांव के आसपास करीब 10 हजार वर्गमीटर भूमि दफ्तर के लिए देखी गई है। इससे साफ है कि अब नए नोएडा सिर्फ फाइलों में नहीं, बल्कि मौके पर भी आकार लेने लगा है।
नए नोएडा को चार चरणों में विकसित करने की योजना बनाई गई है। पहले चरण में 3165 हेक्टेयर, दूसरे में 3798 हेक्टेयर, तीसरे में 5908 हेक्टेयर और चौथे चरण में 8230 हेक्टेयर जमीन शामिल की गई है। हालांकि तय लक्ष्यों के मुकाबले तैयारी अभी पीछे मानी जा रही है। पहले चरण को 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था, जबकि पूरी परियोजना को 2041 तक अंतिम रूप देने की योजना है। ऐसे में आने वाले महीनों में नए नोएडा की प्रगति पर सभी की नजर रहेगी। जिस बैठक में नए नोएडा के लिए जमीन अधिग्रहण को मंजूरी मिली, उसी में नोएडा शहर से जुड़े कई और अहम प्रस्तावों पर भी फैसला हुआ। फिलहाल नोएडा में आवंटन दरें नहीं बढ़ाई जाएंगी। पांच से दस प्रतिशत तक बढ़ोतरी का प्रस्ताव बोर्ड में रखा गया था, लेकिन उस पर मुहर नहीं लग सकी। सदस्यों ने इस मसले पर और अध्ययन की जरूरत बताई। इसके अलावा ऐसे आवंटियों को अंतिम मौका देने का फैसला लिया गया है, जिन्होंने लंबे समय बाद भी भवन निर्माण पूरा कर अधिभोग प्रमाण पत्र नहीं लिया। आदेश जारी होने के बाद उन्हें तीन महीने का समय दिया जाएगा। वहीं, भूखंडों पर नियम उल्लंघन से जुड़े मामलों में अब दो समितियों के बजाय एक ही समिति नोटिस वापसी पर फैसला करेगी, जिससे प्रक्रिया तेज होने की उम्मीद है। प्राधिकरण ने शहर से निकलने वाले करीब 100 टन हरित कूड़े के वैज्ञानिक निस्तारण का भी फैसला किया है। अभी तक इसका पूरी तरह समाधान नहीं हो पा रहा था, लेकिन अब 100 फीसदी वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण की योजना पर काम होगा। दूसरी ओर, गांवों में भवन विनियमावली को लेकर भी नई समिति बनाई जाएगी, जिसमें ग्रेटर नोएडा और यमुना क्षेत्र के प्रतिनिधियों को भी शामिल किया जाएगा।
सेक्टर-95 स्थित राष्ट्रीय दलित प्रेरणा स्थल और ग्रीन गार्डन की मरम्मत के लिए 107.77 करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी दी गई है। वहीं मिक्स लैंड यूज पॉलिसी में शुल्क को भी काफी बढ़ा दिया गया है। अब आवासीय और औद्योगिक भूखंडों पर व्यावसायिक गतिविधियों की मंजूरी पहले के मुकाबले कहीं महंगी पड़ेगी। पानी के बकायेदारों के लिए भी ऐमनेस्टी योजना लाई गई है। तय समयसीमा के भीतर बकाया जमा करने पर ब्याज में 40 प्रतिशत, 30 प्रतिशत और 20 प्रतिशत तक की छूट मिलेगी। यह राहत उन लोगों के लिए अहम मानी जा रही है जो लंबे समय से बकाया भुगतान नहीं कर सके थे।
ग्रुप हाउसिंग परियोजनाओं में फंसे फ्लैट खरीदारों को राहत देने के लिए लागू पैकेज का असर भी अब दिखने लगा है। अब तक 57 में से 36 परियोजनाओं में 4364 फ्लैट की रजिस्ट्री हो चुकी है और बिल्डरों ने करीब 800 करोड़ रुपये जमा किए हैं। हालांकि अभी भी हजारों फ्लैट की रजिस्ट्री बाकी है, लेकिन यह प्रगति राहत का संकेत मानी जा रही है। New Noida News
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