नोएडा प्राधिकरण के CEO डॉ. लोकेश एम का कहना है कि नोएडा तथा ग्रेटर नोएडा के विकास में जो खामियां रह गई थीं उन खामियों को न्यू नोएडा शहर में नहीं रहने दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि न्यू नोएडा शहर को अत्याधुनिक शहर के रूप में विकसित किया जाएगा। न्यू नोएडा शहर को बसाते समय औद्योगिक विकास के काम को

नोएडा, ग्रेटर नोएडा तथा यमुना सिटी के बाद न्यू नोएडा शहर को बसाने की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में स्थित ग्रेटर नोएडा के दादरी नगर से लेकर सिकन्द्राबाद तक 80 गांवों की जमीन पर न्यू नोएडा शहर बसाया जाएगा। न्यू नोएडा शहर को बसाने का काम नोएडा प्राधिकरण को दिया गया है। नोएडा प्राधिकरण के CEO डॉ. लोकेश एम का कहनान है कि न्यू नोएडा भविष्य का सबसे सुंदर तथा शानदार शहर बनेगा।
आपको बता दें कि नोएडा शहर को बसाने का काम 17 अप्रैल 1976 से शुरू हुआ था। नोएडा शहर को बसाते समय उस समय के सबसे सुन्दर शहर चंडीगढ़ से थीम लिया गया था। तमाम सावधानियां बरतने के बाद भी नोएडा शहर को बसाने में कुछ खामियां रह गई थीं। नोएडा के विकास को आगे बढ़ाते हुए जनवरी 1991 में ग्रेटर नोएडा शहर को बसाने का काम शुरू हुआ था। नोएडा शहर को बसाने में रह गई खामियों को ग्रेटर नोएडा बसाते समय दूर कर दिया गया था।
तमाम प्रयासों के बाद भी ग्रेटर नोएडा को बसाने में भी कुछ खामियां रह गई थीं। नोएडा प्राधिकरण के CEO डॉ. लोकेश एम का कहना है कि नोएडा तथा ग्रेटर नोएडा के विकास में जो खामियां रह गई थीं उन खामियों को न्यू नोएडा शहर में नहीं रहने दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि न्यू नोएडा शहर को अत्याधुनिक शहर के रूप में विकसित किया जाएगा। न्यू नोएडा शहर को बसाते समय औद्योगिक विकास के काम को प्राथमिकता पर रखा जाएगा। उनका कहना है कि न्यू नोएडा को दुनिया का सबसे सुन्दर शहर बनाने का प्रयास किया जाएगा।
ग्रेटर नोएडा क्षेत्र के दादरी नगर के पास से शुरू होकर न्यू नोएडा शहर बुलंदशहर जिले के सिकन्द्राबाद कस्बे तक पूरे 209 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में बसाया जाएगा। न्यू नोएडा शहर को बसाने के लिए दादरी तथा सिकन्द्राबाद तहसील के 80 गाँव अधिसूचित किए जा चुके हैं। उत्तर प्रदेश सरकार इस विषय में अधिसूचना जारी कर चुकी है। न्यू नोएडा शहर को बसाने के लिए अधिसूचित किए गए सभी गाँवों में जमीन की खरीददारी तथा बिक्री पर रोक लगाई जा चुकी है।
गौतमबुद्धनगर तथा बुलंदशहर के जिला प्रशासन को सभी 80 गावों की जमीन को अतिक्रमण से मुक्त रखने के निर्देश दिए जा चुके हैं। न्यू नोएडा शहर को बसाने के लिए किसानों से जमीन किस दर पर खरीदी तथा अधिग्रहित की जाएगी इस बात का मंथन नोएडा प्राधिकरण से लेकर उत्तर प्रदेश सरकार तक चल रहा है।
न्यू नोएडा शहर को बसाने के लिए नोएडा प्राधिकरण का एक कार्यालय जल्दी ही दादरी के आसपास खोलने की योजना बनाई गई है। उत्तर प्रदेश शासन से जैसे ही जमीन के अधिग्रहण के रेट तय हो जाएंगे वैसे ही न्यू नोएडा शहर बसाने के लिए कार्यालय स्थापित कर दिया जाएगा। नोएडा प्राधिकरण के सूत्रों ने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार से मंजूरी मिलते ही चार लेखपाल, दो तहसीलदार और दो नायाब तलसीलदार की टीम बनाकर कार्यालय खोल दिया जाएगा। न्यू नोएडा शहर को बसाने के लिए खोले जाने वाले कार्यालय में तैनात अधिकारी तथा कर्मचारी किसानों के साथ बैठक कर जमीन अधिग्रहण का कार्य करेंगे।
आपसी सहमति और लैंड पूल दोनों ही जरिए से अधिग्रहण प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। नोएडा प्राधिकरण के सूत्रों ने बताया कि न्यू नोएडा शहर को बसाने के लिए ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस के साथ जहां जीटी रोड अलग होती है। सबसे पहले वहां से लगे गांवों की जमीन का अधिग्रहण शुरू किया जाएगा। यहां आपसी समझौते के आधार पर जमीन किसानों से खरीदी जाएगी।