नोएडा एक बार फिर बड़े राजनीतिक आयोजन का केंद्र बनने जा रहा है। पश्चिम उत्तर प्रदेश की राजनीति में अपनी मौजूदगी मजबूत करने की दिशा में निषाद पार्टी ने अब नोएडा को अपनी अगली बड़ी रैली का मंच चुना है।

Noida News : नोएडा एक बार फिर बड़े राजनीतिक आयोजन का केंद्र बनने जा रहा है। पश्चिम उत्तर प्रदेश की राजनीति में अपनी मौजूदगी मजबूत करने की दिशा में निषाद पार्टी ने अब नोएडा को अपनी अगली बड़ी रैली का मंच चुना है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय कुमार निषाद ने गुरुवार को नोएडा प्रेस क्लब में आयोजित प्रेसवार्ता के दौरान इसका ऐलान किया। उन्होंने कहा कि 5 अप्रैल 2026 को नोएडा स्टेडियमनोएडा से चुनावी बिगुल फूंकेगी निषाद पार्टी के इनडोर हॉल में एक विशाल सभा आयोजित की जाएगी, जिसमें पश्चिमांचल से बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं और समाज के लोगों के पहुंचने की उम्मीद है।
प्रेसवार्ता के दौरान डॉ. संजय निषाद ने कहा कि निषाद पार्टी आज सिर्फ उत्तर प्रदेश तक सीमित नहीं है, बल्कि देश के कई राज्यों में भारतीय जनता पार्टी की सहयोगी के रूप में सक्रिय भूमिका निभा रही है। उन्होंने दावा किया कि पार्टी कार्यकर्ता केरल और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में भी भाजपा के समर्थन में मजबूती से काम कर रहे हैं। डॉ. निषाद ने भाजपा और निषाद पार्टी के रिश्ते को आस्था, विश्वास और साझी राजनीतिक प्रतिबद्धता का प्रतीक बताया। उनके मुताबिक यह गठबंधन सिर्फ चुनावी समीकरण नहीं, बल्कि सामाजिक और वैचारिक साझेदारी भी है।
डॉ. संजय निषाद ने बताया कि पार्टी ने पहले गोरखपुर, प्रयागराज, मेरठ और वाराणसी में बड़ी सभाओं की योजना बनाई थी। गोरखपुर और प्रयागराज में रैलियां होने के बाद अब 5 अप्रैल की प्रस्तावित मेरठ सभा को नोएडा में आयोजित करने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि यह बदलाव केवल स्थान परिवर्तन नहीं, बल्कि रणनीतिक फैसला है, क्योंकि नोएडा पश्चिम उत्तर प्रदेश का तेजी से उभरता राजनीतिक और सामाजिक केंद्र बन चुका है। ऐसे में यहां होने वाली सभा का संदेश दूर तक जाएगा। उन्होंने नोएडा को इस आयोजन के लिए उपयुक्त बताते हुए कहा कि गौतमबुद्ध नगर और उसके आसपास का इलाका सामाजिक रूप से भी महत्वपूर्ण है। दनकौर का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र ऐतिहासिक दृष्टि से भी खास मायने रखता है। उनके अनुसार, वीर एकलव्य से जुड़ी स्मृतियां आज भी इस भूभाग की सामाजिक चेतना में मौजूद हैं, और यही कारण है कि नोएडा की धरती से समाज के सम्मान और अधिकारों की आवाज को नई ताकत मिलेगी।
डॉ. निषाद ने कहा कि निषाद, मछुआ, कश्यप और संबंधित समुदायों के अधिकारों से जुड़े मुद्दे इस सभा का मुख्य आधार होंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि लंबे समय से समाज के अधिकारों की अनदेखी की जाती रही है। आरक्षण, ताल-घाटों पर हक, खनन और बालू से जुड़े सवाल, श्रेणी-3 की जमीन तथा क्रिमिनल ट्राइब्स एक्ट से जुड़े मुद्दों को पार्टी लगातार उठाती रही है। उनका कहना था कि अब इन सवालों को और जोरदार तरीके से उठाने के लिए नोएडा की रैली निर्णायक साबित होगी। उन्होंने कहा कि महर्षि कश्यप जयंती के अवसर पर होने वाली यह सभा केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं होगी, बल्कि समाज की राजनीतिक भागीदारी, संगठन क्षमता और जनसमर्थन का बड़ा प्रदर्शन बनेगी। नोएडा में होने वाले इस आयोजन के जरिए निषाद पार्टी पश्चिमांचल में अपनी राजनीतिक सक्रियता का स्पष्ट संदेश देना चाहती है।
प्रेसवार्ता में डॉ. संजय निषाद ने बताया कि नोएडा की इस विशाल सभा में पार्टी के कई प्रमुख नेता मौजूद रहेंगे। उन्होंने कहा कि सुमित गुर्जर, प्रवीण निषाद, रविंद्रमणि निषाद, व्यास मुनि निषाद और प्रदीप कश्यप समेत कई नेता मंच साझा करेंगे। इसके अलावा हजारों कार्यकर्ताओं और समर्थकों के शामिल होने की संभावना है। पार्टी को उम्मीद है कि नोएडा की यह सभा पश्चिम उत्तर प्रदेश में उसके संगठनात्मक विस्तार को नई ऊर्जा देगी। Noida News