निठारी कांड से देशभर में चर्चित हुए सुरेंद्र कोली की हरिद्वार में मौत की खबर सामने आई है। पुलिस के अनुसार शुक्रवार को उत्तरी हरिद्वार के भूपतवाला क्षेत्र में सप्त सरोवर रोड स्थित एक चाय के खोखे में सुरेंद्र कोली का शव फंदे पर लटका मिला।

Noida News : करीब दो दशक पहले नोएडा के निठारी कांड से देशभर में सुर्खियों में आए सुरेंद्र कोली की शुक्रवार को हरिद्वार में मौत हो गई। पुलिस के अनुसार उसका शव उत्तरी हरिद्वार के भूपतवाला क्षेत्र में सप्त सरोवर रोड पर एक चाय के खोखे में फंदे पर लटका मिला। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है, हालांकि मौत की परिस्थितियों की जांच जारी है। Noida News
पुलिस के मुताबिक शुक्रवार सुबह करीब 11:30 बजे भूपतवाला क्षेत्र में एक व्यक्ति के फंदे पर लटके होने की सूचना मिली। पुलिस टीम मौके पर पहुंची तो एक चाय के खोखे के भीतर शव मिला। मौके से मिले पहचान संबंधी दस्तावेज और फोटो के आधार पर मृतक की पहचान सुरेंद्र कोली के रूप में की गई। पुलिस अधिकारियों के अनुसार फोरेंसिक टीम ने भी मौके का निरीक्षण किया है। अभी तक किसी सुसाइड नोट के मिलने की जानकारी सामने नहीं आई है। रिपोर्टों के मुताबिक कोली पिछले कुछ दिनों से इसी इलाके में चाय का खोखा चला रहा था। पुलिस ने उसके परिजनों को घटना की सूचना दे दी है और मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। Noida News
सुरेंद्र कोली का नाम वर्ष 2006 में सामने आए निठारी कांड के कारण पूरे देश में चर्चित हुआ था। वह नोएडा के सेक्टर-31 स्थित कारोबारी मोनिंदर सिंह पंढेर के घर घरेलू सहायक के रूप में काम करता था। निठारी गांव में महिलाओं और बच्चों के लगातार लापता होने की घटनाओं के बीच दिसंबर 2006 में पंढेर के मकान के पीछे नाले और आसपास के क्षेत्र से मानव कंकाल, हड्डियां और अन्य अवशेष मिलने के बाद मामले ने भयावह रूप ले लिया था। इसके बाद पुलिस जांच तेज हुई और मामला सीबीआई को सौंपा गया। मानव अवशेष मिलने की घटना ने नोएडा ही नहीं, बल्कि पूरे देश को झकझोर दिया था। निठारी कांड की जांच में कई महिलाओं और बच्चों के गायब होने तथा उनकी हत्या से जुड़े आरोप सामने आए थे। Noida News
निठारी कांड से जुड़े मुकदमों में सुरेंद्र कोली को अलग-अलग मामलों में दोषी ठहराया गया था। इलाहाबाद हाईकोर्ट के 2023 के फैसले में दर्ज है कि निठारी हत्याकांड से जुड़े 16 मामलों में मुकदमे चले थे और 13 मामलों में कोली को मृत्युदंड सुनाया गया था। लेकिन बाद के वर्षों में इस मामले की कानूनी तस्वीर पूरी तरह बदल गई। अक्टूबर 2023 में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कई मामलों में कोली और पंढेर को बरी कर दिया। इसके बाद मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा। नवंबर 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने कोली के खिलाफ अंतिम लंबित निठारी मामले में भी उसे बरी कर दिया और उसकी जेल से रिहाई का रास्ता साफ हो गया। इसके बाद वह जेल से बाहर आया और बाद में हरिद्वार में रहने लगा। Noida News
सुरेंद्र कोली की कहानी निठारी कांड के कानूनी इतिहास में बेहद महत्वपूर्ण मोड़ वाली रही। जिस व्यक्ति को कभी कई मामलों में मौत की सजा सुनाई गई थी, उसी के खिलाफ मुकदमों में बाद में साक्ष्यों और अभियोजन की प्रक्रिया को लेकर गंभीर न्यायिक सवाल उठे। इंडियन एक्सप्रेस की कानूनी समीक्षा के अनुसार अदालतों ने कोली के कथित इकबालिया बयान और बरामदगी संबंधी साक्ष्यों सहित अभियोजन के महत्वपूर्ण हिस्सों को स्वीकार करने में आपत्तियां दर्ज कीं, जिसके बाद उसकी convictions के खिलाफ कानूनी स्थिति बदली। Noida News
सुप्रीम कोर्ट से अंतिम मामले में बरी होने के बाद कोली नवंबर 2025 में जेल से बाहर आया था। रिपोर्टों के मुताबिक वह हरिद्वार में रहने लगा और कुछ समय से चाय की दुकान चला रहा था। अब करीब दस महीने बाद उसी चाय के खोखे में उसका शव फंदे पर मिलने की खबर सामने आई है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम और फोरेंसिक जांच के बाद मौत से जुड़े अन्य तथ्यों के स्पष्ट होने की उम्मीद है। Noida News
साल 2006 में नोएडा के निठारी क्षेत्र से सामने आए मानव अवशेषों ने देश को झकझोर दिया था। इस मामले ने तत्कालीन नोएडा पुलिस की जांच और लापता लोगों की शिकायतों पर कार्रवाई को लेकर भी सवाल खड़े किए थे। बाद में जांच सीबीआई को सौंप दी गई और मामले में लंबे समय तक अदालतों में सुनवाई चली। लगभग दो दशक बाद निठारी कांड के प्रमुख आरोपियों में रहे सुरेंद्र कोली की हरिद्वार में मौत ने इस चर्चित मामले को एक बार फिर सुर्खियों में ला दिया है। Noida News
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