
Noida News : उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल ने डीजल जनरेटर पर पाबंदी लगाए जाने पर कड़ी नाराजगी जतार्ई है। संगठन के अध्यक्ष नरेश कुच्छल ने कहा कि इससे जनपद में हजारों उद्योग पर बड़ा संकट खड़ा हो जाएगा और इससे उद्योग-धंधे प्रभावित होंगे।
संगठन की एक बैठक में इस मुददे पर व्यापारियों ने चर्चा की। बैठक में श्री कुच्छल ने कहा कि औद्योगिक इकाइयों में जनरेटर का यदि कनेक्शन जुड़ा मिला तो जनरेटर सील करने का प्रावधान रखा गया है और प्रतिदिन 5000 रुपये का जुर्माना भी लगाया जाएगा जो औद्योगिक हित में नहीं है। अगर उद्योग प्रभावित होगा तो उसका असर व्यापार जगत पर भी पड़ेगा।
उन्होंने कहा कि 15 मई से डीजल जनरेटर (डीजे सेट) चलाने पर पाबंदी लगा दी गई है, तो सरकार को 24 घंटे बिजली आपूर्ति करने का गारंटी देना चाहिए। इस अवधि में बिजली की कटौती कतई ना हो। इससे उद्यमी औद्योगिक इकाई में जनरेटर का उपयोग करने से बचेंगे।
चेयरमैन राम अवतार सिंह कहा कि आज जिले में तकरीबन 20,000 से ज्यादा उद्योगों को राहत देने की जरूरत है। उद्यमी पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) का कनेक्शन लेने के लिए दौड़ लगा रहे हैं, लेकिन वह समय से नहीं मिल पा रहा है।
इस मौके पर उपाध्यक्ष दिनेश महावर, मूलचंद गुप्ता, सत्यनारायण गोयल, मनोज भाटी, संदीप चौहान, पीयूष वालिया, सुनील जैन, सोमबीर प्रधान, वीरपाल बाली, ओमवीर सिंह, बृजमोहन राजपूत, सुभाष त्यागी, सोहन पाल, राधेश्याम गोयल, सोनू आदि अनेक व्यापारी व उद्यमी उपस्थित रहे।