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नोएडा शहर में 60 हरे-भरे पेड़ काट डाले गए हैं। इतनी बड़ी संख्या में हरे-भरे पेड़ काटे जाने पर नोएडा के नागरिकों ने कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है। पेड़ काटने के मामले को तूल पकड़ता हुआ देखकर नोएडा प्राधिकरण ने पूरे मामले की जांच कराने के निर्देश दिए हैं।

Noida News : नोएडा शहर में 60 हरे-भरे पेड़ काट डाले गए हैं। इतनी बड़ी संख्या में हरे-भरे पेड़ काटे जाने पर नोएडा के नागरिकों ने कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है। पेड़ काटने के मामले को तूल पकड़ता हुआ देखकर नोएडा प्राधिकरण ने पूरे मामले की जांच कराने के निर्देश दिए हैं। पेड़ काटे जाने का यह मामला नोएडा शहर के सेक्टर-105 का है। आरोप है कि नोएडा के सेक्टर-105 में रहने वाले एक परिवार ने अपने घर के पास पार्क बनाने के नाम पर ग्रीन बेल्ट में खड़े हुए 60 पेड़ काट दिए हैं। Noida News
नोएडा के सेक्टर-105 में हरे-भरे पेड़ काटे जाने पर हरियाली बचाने की मांग, प्राधिकरण की कार्यशैली पर सवाल स्थानीय निवासियों और पर्यावरण प्रेमियों में नाराजगी फैल गई। लोगों का कहना है कि शहर में हरियाली बढ़ाने की बात करने वाला प्रशासन विकास के नाम पर पेड़ों की बलि चढऩे दे रहा है। जानकारी के अनुसार सेक्टर-105 के पार्क में विकास कार्य चल रहा है। इसी दौरान बड़ी संख्या में पेड़ों को हटाए जाने की खबर सामने आई। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पार्क को सुंदर बनाने के लिए पुराने और विकसित पेड़ों को काटना पर्यावरण के लिए नुकसानदायक है। उनका कहना है कि यदि पार्क का विकास करना था तो पेड़ों को बचाते हुए वैकल्पिक योजना बनाई जा सकती थी। Noida News
सेक्टर-105 के कई निवासियों ने इस कार्रवाई पर आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि क्षेत्र पहले से ही पर्यावरणीय चुनौतियों का सामना कर रहा है। गर्मी, प्रदूषण और घटते हरित क्षेत्र के बीच बड़े पेड़ों की कटाई चिंता का विषय है। लोगों ने सवाल उठाया कि वर्षों पुराने पेड़ों को हटाने से पक्षियों और स्थानीय जैव विविधता पर भी असर पड़ेगा। नोएडा में पेड़ों की कटाई को लेकर पहले भी कई बार विवाद सामने आ चुके हैं। अतीत में सेक्टर-91 के बायोडायवर्सिटी पार्क प्रोजेक्ट के दौरान हजारों पेड़ों की कटाई का मामला राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आया था और मामला राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) तक पहुंच गया था। इसी वजह से सेक्टर-105 का नया मामला भी लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया है। स्थानीय नागरिकों ने मांग की है कि नोएडा प्राधिकरण यह स्पष्ट करे कि पेड़ों की कटाई की अनुमति किस आधार पर दी गई, कितने पेड़ हटाए गए और उनकी भरपाई के लिए कितने नए पौधे लगाए जाएंगे। लोगों का कहना है कि विकास कार्यों के साथ पर्यावरण संरक्षण को भी समान महत्व दिया जाना चाहिए। Noida News
पर्यावरण विशेषज्ञों का मानना है कि शहरी क्षेत्रों में बड़े पेड़ों का महत्व केवल हरियाली तक सीमित नहीं है। ये पेड़ तापमान नियंत्रित करने, वायु प्रदूषण कम करने और भूजल संरक्षण में भी अहम भूमिका निभाते हैं। ऐसे में किसी भी विकास परियोजना के तहत पेड़ों की कटाई से पहले विस्तृत पर्यावरणीय मूल्यांकन जरूरी है। नोएडा के सेक्टर-105 में 60 पेड़ों की कटाई का मुद्दा अब स्थानीय स्तर पर बड़ा जनसरोकार बनता जा रहा है। यदि प्राधिकरण की ओर से जल्द स्थिति स्पष्ट नहीं की गई तो मामला और तूल पकड़ सकता है। निवासी संगठनों ने संकेत दिए हैं कि जरूरत पडऩे पर वे इस मुद्दे को उच्च अधिकारियों और पर्यावरणीय संस्थाओं के समक्ष भी उठाएंगे। Noida News
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