नोएडा में हुए 9 हजार करोड़ के घोटाले का असली दोषी कौन?
भारत
चेतना मंच
01 Dec 2025 08:52 AM
नोएडा शहर उत्तर प्रदेश का प्रसिद्ध शहर है। नोएडा शहर को उत्तर प्रदेश की औद्योगिक राजधानी भी कहा जाता है। नोएडा शहर का नाम दुनिया के नक्शे पर स्थापित हो चुका है। उत्तर प्रदेश से लेकर दुनिया भर में नाम कमा चुके नोएडा शहर के साथ अनेक बुराई भी जुड़ी हुई हैं। नोएडा की सबसे बड़ी बुराई का नाम है भ्रष्टाचार। नोएडा शहर को बसाने तथा नोएडा शहर का संचालन करने का काम नोएडा प्राधिकरण के पास है। 17 अप्रैल 1976 को स्थापित हुए नोएडा प्राधिकरण में भ्रष्टाचार की लम्बी कतार है। Noida News
नियंत्रक महालेखा परीक्षक का दावा, नोएडा में हुआ है 52 हजार करोड़ रुपये का घोटाला
भारत में नियंत्रक महालेखा परीक्षक को CAG के नाम से जाना जाता है। भारत सरकार की पहल पर कुछ साल पहले CAG ने नोएडा प्राधिकरण का ऑडिट किया है। CAG की ऑडिट रिपोर्ट में दावा किया गया है कि वर्ष-2005 से लेकर वर्ष-2018 तक नोएडा प्राधिकरण में 52 हजार करोड़ रूपए के घोटाले हुए हैं। नोएडा प्राधिकरण में हुए घोटालों के समाचार चेतना मंच में अनेक बार प्रकाशित किए गए हैं।
चेतना मंच में प्रकाशित किए गए नोएडा के घोटालों के समाचारों में यह भी खुलासा किया जा चुका है कि नोएडा में तैनात रहे उत्तर प्रदेश के सबसे भ्रष्ट IAS अधिकारी सरदार मोहिन्दर सिंह के कार्यकाल में नोएडा में सबसे अधिक घोटाले हुए। नोएडा में हुए 52 हजार करोड़ रूपये के घोटालों में अकेला एक घोटाला 9 हजार करोड़ रूपये का घोटाला है। यहां हम नोएडा में हुए 9 हजार करोड़ रूपये के घोटाले की चर्चा कर रहे हैं। Noida News
स्पोर्ट्स सिटी के नाम पर हुआ नोएडा में 9 हजार करोड़ रूपए का घोटाला
नोएडा शहर में स्पोर्ट्स सिटी बनाने के नाम पर 9 हजार करोड़ रूपये का घोटाला हुआ है। यह बात हम नहीं कह रहे हैं बल्कि यह बात CAG की रिपोर्ट में लिखी गई है। नोएडा प्राधिकरण का ऑडिट करके CAG ने जो रिपोर्ट सरकार को सौंपी है उस रिपोर्ट में साफ-साफ कहा गया है कि नोएडा प्राधिकरण द्वारा स्पोर्ट्स सिटी की योजना के नाम पर 9 हजार करोड़ रूपये से अधिक का घोटाला किया गया है। नोएडा में स्पोर्ट्स सिटी के नाम पर हुए 9 हजार करोड़ रूपये के घोटाले का जिक्र CAG की रिपोर्ट में पेज नम्बर-182 तथा 183 पर साफ-साफ लिखा गया है कि नोएडा में स्पोर्ट्स सिटी के नाम पर 9 हजार करोड़ रूपए का घोटाला हुआ है। Noida News
CAG की रिपोर्ट से गायब है घोटाला करने वाों के नाम
नोएडा प्राधिकरण के वर्ष-2005-2006 से लेकर 2017-2018 तक का पूरा ऑडिट CAG ने किया है। इस रिपोर्ट में CAG ने नोएडा में 52 हजार करोड़ रूपये के घोटाले उजागर किए हैं। इन्हीं घोटालों में स्पोर्ट्स सिटी का 9 हजार करोड़ रूपये का घोटाला भी शामिल है। CAG ने घोटालों का खुलासा तो विस्तार के साथ किया है किन्तु घोटाला करने वाले अधिकारियों, कर्मचारियों तथा घोटाला करने वाली कंपनियों के नाम CAG ने नहीं बताए हैं CAG की रिपोर्ट सामने आए हुए अनेक वर्ष बीत गए हैं आज भी यह उत्तर नहीं मिला है कि नोएडा में हुए घोटाले का जिम्मेदार कौन है ?
बात नोएडा के स्पोर्ट्स सिटी के घोटाले की करें तो यह मामला वर्ष-2010 में भारत में हुए कॉमनवेल्थ गेम्स के साथ जुड़ा हुआ है। कॉमनवेल्थ गेम की तैयारियों के बीच नोएडा प्राधिकरण ने नोएडा शहर के एक बड़े हिस्से में स्पोर्ट्स सिटी बसाने का फैसला किया। 16 अगस्त 2004 को नोएडा प्राधिकरण की बोर्ड बैठक में यह प्रस्ताव पास किया गया
कि नोएडा में एक भव्य स्पोर्ट्स सिटी विकसित की जाएगी।
25 जून 2007 को नोएडा प्राधिकरण की बोर्ड बैठक में यह प्रस्ताव पास किया गया कि नोएडा के सेक्टर-101, 102 तथा 104 में अत्याधुनिक स्पोर्ट्स सिटी विकसित की जाएगी। फिर 8 अप्रैल 2008 को नोएडा प्राधिकरण की बोर्ड बैठक में स्पोर्ट्स सिटी का दायरा बढ़ाकर तय किया गया कि नोएडा के सेक्टर-76, 78, 79, 101, 102, 104 तथा सेक्टर-107 में स्पोर्ट्स सिटी बनाई जाएगी।
वर्ष-2008 में जमीन आवंटन के बाद अब तक नहीं बनी स्पोर्ट्स सिटी
नोएडा में स्पोर्ट्स सिटी बनाने के लिए वर्ष-2008 में जमीन का आवंटन उस समय के एक चर्चित बिल्डर की कंपनी को कर दिया गया। उस बिल्डर ने नोएडा प्राधिकरण से जमीन लेकर उस जमीन के टुकड़े-टुकड़े बनाकर 90 से ज्यादा बिल्डरों को दे दिए। जमीन के टुकड़े करने में सारे कायदे कानून तोड़ डाले गए। उसके बाद बिल्डर ने स्पोर्ट्स सिटी के एक हिस्से पर फ्लैटों की योजना घोषित करके सैकड़ों करोड़ रूपए एकत्र कर लिए।
वर्तमान में स्पोर्ट्स सिटी के एक हिस्से में चंद फ्लैटों के अलावा पूरा जंगल पड़ा हुआ है। नोएडा का यह मामला इलाहाबाद हाईकोर्ट में एक मुकदमें में अटका हुआ है। नोएडा प्राधिकरण हो, हाईकोर्ट हो अथवा CAG हो इस बात का जवाब कोई भी नहीं दे रहा है कि नोएडा में हुए 9 हजार करोड़ रूपये के इतने बड़े घोटाले का दोषी कौन है? पूछने पर नोएडा प्राधिकरण के अधिकारी जवाब देते हैं कि मामला अदालत में चल रहा है इस कारण कोई जवाब नहीं दिया जा सकता है। Noida News