नोएडा के डेटा सेंटर सेक्टर में बिजली आपूर्ति को लेकर बड़ा बदलाव होने की तैयारी है। अदाणी समूह की कंपनी ने डेटा सेंटर पार्क के लिए समानांतर विद्युत वितरण लाइसेंस हासिल करने की दिशा में कदम बढ़ाया है।

Noida News : नोएडा के डेटा सेंटर सेक्टर में बिजली आपूर्ति को लेकर बड़ा बदलाव होने की तैयारी है। अदाणी समूह की कंपनी ने डेटा सेंटर पार्क के लिए समानांतर विद्युत वितरण लाइसेंस हासिल करने की दिशा में कदम बढ़ाया है। उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग ने कंपनी के आवेदन को स्वीकार करते हुए प्रस्ताव पर आपत्तियां और सुझाव मांगे हैं। इसके साथ ही इस प्रस्ताव का विरोध भी शुरू हो गया है। राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद और विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने समानांतर लाइसेंस देने की प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। विरोध करने वालों का तर्क है कि इससे पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (PVVNL) की वित्तीय स्थिति प्रभावित हो सकती है और मौजूदा उपभोक्ताओं के हितों पर भी असर पड़ सकता है। संघर्ष समिति ने इसे बिजली क्षेत्र में निजीकरण की दिशा में उठाया गया कदम तक बताया है। Noida News
अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस स्टेप-इलेवन लिमिटेड और अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस लिमिटेड की ओर से नोएडा स्थित डेटा सेंटर पार्क में बिजली आपूर्ति के लिए समानांतर वितरण लाइसेंस का आवेदन किया गया था। नियामक आयोग ने आवेदन और उससे जुड़े दस्तावेजों की जांच के बाद इसे स्वीकार कर लिया है। अब आयोग की ओर से प्रस्ताव को सार्वजनिक किया गया है, ताकि संबंधित उपभोक्ता, संस्थाएं और अन्य हितधारक इस पर अपनी आपत्तियां एवं सुझाव दर्ज करा सकें। इसके लिए एक महीने का समय दिया गया है। प्राप्त आपत्तियों और सुझावों पर सुनवाई के बाद आयोग यह तय करेगा कि अदाणी समूह को समानांतर विद्युत वितरण लाइसेंस दिया जाए या नहीं। Noida News
अदाणी समूह के प्रस्ताव के सामने आते ही राज्य विद्युत सलाहकार समिति के सदस्य और उपभोक्ता परिषद से जुड़े अवधेश कुमार वर्मा ने इसका विरोध किया है। उनका कहना है कि समानांतर वितरण लाइसेंस का असर केवल संबंधित डेटा सेंटर तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि मौजूदा बिजली वितरण व्यवस्था और उपभोक्ताओं पर भी इसका प्रभाव पड़ सकता है।
उनके मुताबिक अदाणी समूह की ओर से पहले भी समानांतर वितरण लाइसेंस के लिए आवेदन किया गया था। उपभोक्ता परिषद की आपत्ति के बाद यह मामला वर्ष 2023 से विचाराधीन रहा है। अब आयोग द्वारा आवेदन स्वीकार कर आपत्तियां आमंत्रित किए जाने के बाद इस मुद्दे पर फिर से बहस तेज हो गई है। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने भी समानांतर लाइसेंस की प्रक्रिया पर कड़ा रुख अपनाया है। समिति के संयोजक शैलेंद्र दुबे ने इसे बिजली वितरण व्यवस्था में निजीकरण की दिशा में उठाया जा रहा कदम बताया है। समिति का तर्क है कि यदि निजी कंपनियों को समानांतर वितरण व्यवस्था के तहत चुनिंदा बड़े उपभोक्ताओं को बिजली आपूर्ति का अधिकार मिलता है, तो मौजूदा सरकारी वितरण कंपनियों पर वित्तीय दबाव बढ़ सकता है। हालांकि, अंतिम फैसला आपत्तियों और सुनवाई की प्रक्रिया पूरी होने के बाद नियामक आयोग को करना है। Noida News
समानांतर वितरण लाइसेंस की व्यवस्था उत्तर प्रदेश में नई नहीं है। ग्रेटर नोएडा में एनआईडीपी डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड को डेटा सेंटर से संबंधित बिजली आपूर्ति के लिए पहले ही समानांतर वितरण लाइसेंस दिया जा चुका है। ऐसे में नोएडा में अदाणी समूह के प्रस्ताव को डेटा सेंटर सेक्टर में बिजली की बढ़ती जरूरत से जोड़कर भी देखा जा रहा है। डेटा सेंटर में बड़ी मात्रा में बिजली की लगातार और निर्बाध आपूर्ति की जरूरत होती है। इसी वजह से इस तरह की परियोजनाओं के लिए बिजली वितरण व्यवस्था महत्वपूर्ण मुद्दा बन जाती है। Noida News
दूसरी ओर, उत्तर प्रदेश सरकार राज्य में लॉजिस्टिक्स, एयर कार्गो और कृषि उत्पादों के निर्यात की व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में भी आगे बढ़ रही है। इसके लिए लॉजिस्टिक्स शक्ति एंटरप्राइजेज (LSE) के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) किया गया है। राज्य परिवर्तन आयोग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मनोज कुमार सिंह के मुताबिक यह समझौता 7वें एसीएफआई वर्ल्ड कॉन्क्लेव 2026 के दौरान हुआ। इसका उद्देश्य प्रदेश में कोल्ड चेन, एयर कार्गो, मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स और कृषि एवं खाद्य उत्पादों के निर्यात की क्षमता को बढ़ाना है। Noida News
इस पूरी योजना में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को महत्वपूर्ण आधार के रूप में देखा जा रहा है। एयरपोर्ट पर करीब 22 हजार वर्ग मीटर का कार्गो वेयरहाउसिंग क्षेत्र विकसित किया जा रहा है। इसके अलावा 24 घंटे संचालन के लिए दो समर्पित मालवाहक विमान से जुड़ी सुविधाएं तैयार करने की योजना है। सरकार और संबंधित संस्थाएं ऐसी व्यवस्था विकसित करने पर जोर दे रही हैं, जिससे उत्तर प्रदेश में पैदा होने वाले फल, सब्जियां और अन्य जल्दी खराब होने वाले उत्पाद कम समय में देश-विदेश के बाजारों तक पहुंच सकें। Noida News
MoU के तहत जेवर में एकीकृत एयरो लॉजिस्टिक्स और पेरिशेबल एक्सपोर्ट हब विकसित करने की संभावनाओं का भी अध्ययन किया जाएगा। इसके लिए व्यवहार्यता अध्ययन, विस्तृत परियोजना रिपोर्ट, कारोबारी मॉडल और निवेश रणनीति तैयार करने जैसे पहलुओं पर काम किया जा सकता है। उत्तर प्रदेश से वर्ष 2024-25 में करीब 1.819 अरब अमेरिकी डॉलर मूल्य के ताजे फल और सब्जियों का निर्यात हुआ था। ऐसे में एयर कार्गो और कोल्ड चेन नेटवर्क मजबूत होने से किसानों और खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र को बड़े बाजारों तक पहुंच बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है। Noida News
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