नोएडा में निजी स्कूलों की मनमानी पर लगाम कसने के लिए जिला प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। नए शैक्षणिक सत्र 2026-27 को ध्यान में रखते हुए गौतमबुद्धनगर प्रशासन ने प्राइवेट स्कूलों के लिए फीस बढ़ाने की एक स्पष्ट सीमा तय कर दी है।

Noida News : नोएडा में निजी स्कूलों की मनमानी पर लगाम कसने के लिए जिला प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। नए शैक्षणिक सत्र 2026-27 को ध्यान में रखते हुए गौतमबुद्धनगर प्रशासन ने प्राइवेट स्कूलों के लिए फीस बढ़ाने की एक स्पष्ट सीमा तय कर दी है। अब जिले के स्कूल तय सीमा से अधिक फीस नहीं बढ़ा सकेंगे। इसके साथ ही यूनिफॉर्म, किताबों और अन्य शैक्षणिक सामग्री को लेकर भी सख्त नियम लागू किए गए हैं, ताकि नोएडा के अभिभावकों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ न पड़े। जिला शुल्क नियामक समिति की बैठक में लिए गए फैसलों के बाद साफ कर दिया गया है कि नोएडा और ग्रेटर नोएडा के निजी स्कूल 2026-27 सत्र में अधिकतम 7.23 प्रतिशत तक ही फीस बढ़ा सकेंगे। बैठक की अध्यक्षता जिलाधिकारी मेधा रूपम ने की। यह पूरी कार्रवाई उत्तर प्रदेश स्व-वित्तपोषित स्वतंत्र विद्यालय (शुल्क विनियमन) अधिनियम, 2018 के प्रावधानों के तहत की गई।
नोएडा के स्कूलों को यह स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि वे किसी भी छात्र या अभिभावक को किताबें, यूनिफॉर्म, जूते, बैग या दूसरी जरूरी सामग्री किसी तय दुकान या विक्रेता से खरीदने के लिए मजबूर नहीं करेंगे। प्रशासन का यह फैसला सीधे तौर पर उन शिकायतों के मद्देनजर अहम माना जा रहा है, जिनमें अभिभावक लंबे समय से स्कूलों पर तय दुकानों से सामान खरीदने का दबाव बनाने का आरोप लगाते रहे हैं। साथ ही, स्कूलों को एनसीईआरटी की पुस्तकों के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए भी कहा गया है, ताकि पढ़ाई की सामग्री ज्यादा किफायती और मानक आधारित हो सके।
नोएडा के निजी स्कूलों के लिए सबसे अहम निर्णय यूनिफॉर्म को लेकर लिया गया है। अब स्कूल लगातार पांच वर्षों तक यूनिफॉर्म में बदलाव नहीं कर सकेंगे। यदि किसी स्कूल को यूनिफॉर्म में बदलाव करना भी है, तो उसे पहले जिला शुल्क नियामक समिति से मंजूरी लेनी होगी। यह नियम उन अभिभावकों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है, जिन्हें हर कुछ साल में नई ड्रेस खरीदने की मजबूरी झेलनी पड़ती थी। इसी तरह स्कूलों को हर साल किताबें बदलने की प्रवृत्ति से भी बचने की चेतावनी दी गई है। प्रशासन चाहता है कि नोएडा में शिक्षा व्यवस्था जरूरत आधारित हो, न कि व्यावसायिक दबावों से संचालित।
नोएडा के सभी निजी स्कूलों को यह भी निर्देश दिया गया है कि फीस में किसी भी प्रस्तावित बढ़ोतरी का पूरा विवरण अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर सार्वजनिक करें। प्रशासन का मानना है कि इससे फीस संरचना को लेकर पारदर्शिता बढ़ेगी और अभिभावकों को सही और प्रमाणित जानकारी मिल सकेगी। इसके साथ ही शिकायतों के समाधान के लिए जिला प्रशासन ने एक ईमेल आईडी ( feecommitteegbn@gmail.com) भी जारी की है । इस पर नोएडा के अभिभावक फीस वृद्धि, नियमों के उल्लंघन या स्कूलों की अन्य अनियमितताओं से जुड़ी शिकायतें भेज सकेंगे।
जिला प्रशासन ने साफ संकेत दिया है कि नोएडा में अब नियमों की अनदेखी करने वाले स्कूलों के खिलाफ नरमी नहीं बरती जाएगी। यदि कोई स्कूल तय मानकों का उल्लंघन करता पाया गया, तो उस पर एक लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। पहली बार गलती सामने आने पर अतिरिक्त वसूली गई फीस लौटानी होगी। अगर दोबारा उल्लंघन पाया गया, तो कार्रवाई और सख्त होगी तथा पांच लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। बार-बार नियम तोड़ने वाले संस्थानों की मान्यता रद्द करने तक की कार्रवाई की जा सकती है। जरूरत पड़ने पर आगे कानूनी कदम भी उठाए जाएंगे। Noida News