नोएडा में बढ़ते वायु प्रदूषण ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। बुधवार 4 नवंबर 2026 की सुबह पूरा शहर स्मॉग की मोटी चादर में लिपटा नजर आया। क्या नोएडा की हवा अब लोगों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बनती जा रही है ?

Noida News : दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। नोएडा भी इस धुंध की चादर से अछूता नहीं है। नोएडा में बुधवार सुबह आसमान पर स्मॉग की मोटी परत छाई रही और लोगों को जहरीली हवा के बीच दिन की शुरुआत करनी पड़ी। नोएडा शहर की हवा इस कदर खराब हो गई है कि सांस लेना भी मुश्किल महसूस हो रहा है। AQI के मुताबिक, बुधवार 4 नवंबर 2026 को सुबह 9 बजे नोएडा का औसत एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 316 दर्ज किया गया, जो बेहद खराब श्रेणी में आता है। सबसे चिंताजनक स्थिति सेक्टर-62 की रही, जहां एक्यूआई 427 तक पहुंच गया। प्रदूषण का यह स्तर आम लोगों के साथ-साथ बच्चों, बुजुर्गों और सांस संबंधी परेशानी से जूझ रहे लोगों के लिए विशेष चिंता का विषय है।
यह भी पढ़ें :नोएडा के सेक्टर-69 में पेड़ से लटका मिला 23 वर्षीय युवक, इलाके में हड़कंप
नोएडा के अलग-अलग सेक्टरों में वायु गुणवत्ता की स्थिति लगातार बिगड़ी हुई है। सेक्टर-62 में एक्यूआई 427 दर्ज किया गया, जबकि सेक्टर-110 में 350, सेक्टर-150 में 351, सेक्टर-39 में 317 और सेक्टर-1 में 251 का स्तर सामने आया। इन आंकड़ों से साफ है कि प्रदूषण का असर शहर के कई हिस्सों में दिखाई दे रहा है। खासकर सेक्टर-62 में प्रदूषण का स्तर 400 के पार पहुंचना चिंता बढ़ाने वाला है।
इसे भी पढ़ें : नोएडा मेंमहिला उद्यमी संस्था ने धूमधाम से मनाया दीपावली उत्सव
दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रेप)-2 के तहत पाबंदियां लागू हैं। इसके बावजूद नोएडा की हवा में सुधार के संकेत नहीं मिल रहे हैं। प्रदूषण नियंत्रण के लिए उठाए जा रहे कदमों के बीच शहर में स्मॉग और खराब वायु गुणवत्ता लोगों की परेशानी बढ़ा रही है। ऐसे में ग्रेप के नियमों के प्रभावी पालन और प्रदूषण के स्रोतों पर नियंत्रण को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
नोएडा में पिछले कुछ दिनों के एक्यूआई आंकड़ों पर नजर डालें तो हवा की गुणवत्ता लगातार खराब श्रेणियों में बनी हुई है। एक नवंबर को शहर का एक्यूआई 248 था, जो दो नवंबर को बढ़कर 330 पहुंच गया। तीन नवंबर को इसमें कुछ गिरावट आई और यह 291 दर्ज किया गया, लेकिन चार नवंबर की सुबह फिर बढ़कर 316 हो गया। इस उतार-चढ़ाव के बीच शहरवासियों को साफ हवा का इंतजार है।
प्रदूषण के साथ-साथ नोएडा से दिल्ली आने-जाने वाले लोगों को जाम की समस्या भी परेशान कर रही है। दिल्ली में बीएस-4 वाहनों के प्रवेश पर रोक और वाहनों की जांच के चलते नोएडा-दिल्ली बॉर्डर पर यातायात का दबाव बढ़ गया है। चिल्ला बॉर्डर और सेक्टर-62 के आसपास वाहनों की लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं। दिल्ली में प्रवेश से पहले वाहनों की जांच के कारण यातायात की रफ्तार प्रभावित हो रही है। सड़कों पर वाहनों के लंबे समय तक खड़े रहने और रेंगने से लोगों का सफर मुश्किल हो रहा है।
विज्ञापन