नोएडा एयरपोर्ट विस्तार : जेवर के 8 गांव हटेंगे, 15,920 परिवारों को मिलेगी नई टाउनशिप
Noida News
भारत
चेतना मंच
29 Jul 2025 09:06 PM
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के तीसरे चरण के विस्तार के लिए जेवर क्षेत्र के 8 गांवों को हटाया जाएगा, और वहां रहने वाले 15,920 परिवारों को आधुनिक सुविधाओं से युक्त नई टाउनशिप में बसाया जाएगा। यह टाउनशिप यमुना एक्सप्रेसवे के पास विकसित की जाएगी, जिसमें हर नागरिक के लिए मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित की जाएंगी। एयरपोर्ट प्रशासन ने तीसरे चरण के लिए 1857.77 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहण का खाका तैयार कर लिया है। इस चरण में 8 गांव पूरी तरह हटाए जाएंगे, जबकि 30,879 परिवारों पर असर पड़ेगा। विस्थापित 15,920 परिवारों को पुनर्वासित करने के लिए 437 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहित की जाएगी। Noida News
कहां बसाए जाएंगे विस्थापित?
पुनर्वास के लिए चुनी गई भूमि माडलपुर, मंगरौली, अलावलपुर, चोरौली और नीमका गांवों में स्थित है। यह क्षेत्र यमुना एक्सप्रेसवे की सर्विस रोड, जेवर-खुर्जा मार्ग और प्रस्तावित खुर्जा-पलवल एक्सप्रेसवे के बीच में है। यमुना प्राधिकरण यहां मॉडर्न टाउनशिप विकसित करेगा जिसमें शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पानी, बिजली और सामुदायिक केंद्र जैसी सुविधाएं शामिल होंगी। प्रशासन का दावा है कि यह टाउनशिप "स्मार्ट सिटी" मॉडल पर विकसित की जाएगी। सोसाइटी फॉर्मेट में प्लॉट, मकान और फ्लैट देने की योजना है। विस्थापितों को बाजार, स्कूल, अस्पताल, पार्क, जल निकासी व सड़क जैसी सभी सुविधाएं दी जाएंगी। पूरी टाउनशिप को हरित और पर्यावरणीय संतुलन को ध्यान में रखकर डिजाइन किया जाएगा।
किसानों को मिलेगा क्या?
जिन किसानों की जमीन अधिग्रहित की जाएगी, उन्हें नियमानुसार मुआवजा, पुनर्वास पैकेज और विकास में हिस्सेदारी दी जाएगी। यमुना प्राधिकरण द्वारा पुनर्वास की योजना का ड्राफ्ट अंतिम चरण में है। ग्राम प्रधानों और प्रभावित लोगों से सुझाव लेकर इसे जल्द ही सार्वजनिक किया जाएगा। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को चार चरणों में विकसित किया जा रहा है, जिसमें तीसरा चरण कार्गो, रनवे विस्तार और टर्मिनल विस्तार से जुड़ा है। इसके लिए नई जमीन की आवश्यकता है और इन गांवों का क्षेत्र एयरपोर्ट के एक्सटेंशन जोन में आ रहा है। सरकार का दावा है कि यह उत्तर भारत का सबसे बड़ा ट्रांजिट और लॉजिस्टिक हब बनेगा। नोएडा एयरपोर्ट के विस्तार के साथ जेवर क्षेत्र एक नए युग की ओर बढ़ रहा है। हालांकि 8 गांवों को विस्थापन का सामना करना पड़ेगा, लेकिन सरकार और प्राधिकरण ने उन्हें बेहतर और सुनियोजित जीवन देने का वादा किया है। यह परियोजना न केवल परिवहन और रोजगार के नए अवसर लाएगी, बल्कि पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश की आर्थिक तस्वीर भी बदल सकती है। Noida News