नोएडा में ऑनलाइन डिलीवरी के नाम पर चल रहे एक ऐसे खेल का खुलासा हुआ है, जिसने पुलिस को भी चौंका दिया। WhatsApp से लेकर फ्लैटों और हॉस्टलों तक फैले इस नेटवर्क में आखिर कौन-कौन शामिल था। पढ़े पूरी खबर।

Noida News:ऑनलाइन शॉपिंग और घर बैठे सामान मंगाने की सुविधा के बीच नोएडा से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने ऑनलाइन डिलीवरी के नाम पर चलने वाले अवैध कारोबार को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। नोएडा कमिश्नरेट पुलिस ने थाना सेक्टर-58 क्षेत्र में गांजा तस्करी के एक ऐसे नेटवर्क का खुलासा किया है, जिसमें ऑनलाइन डिलीवरी करने वाली कंपनियों के नाम से मिलते-जुलते प्रिंटेड पैकेट का इस्तेमाल करके नशीले पदार्थों की सप्लाई की जा रही थी। पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से कुल 12 किलो 200 ग्राम अवैध गांजा बरामद किया है। इस कार्रवाई का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह है कि आरोपी गांजे को छोटे-छोटे पैकेट में भरकर इस तरह रखते थे, ताकि पहली नजर में वे सामान्य ऑनलाइन शॉपिंग के पार्सल दिखाई दें। पुलिस के मुताबिक, आरोपी WhatsApp के माध्यम से ऑर्डर लेते थे और ग्राहकों की लोकेशन के आधार पर दिल्ली-एनसीआर में गांजे की सप्लाई करते थे।
नोएडा पुलिस की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, 4 नवंबर 2026 को थाना सेक्टर-58 पुलिस ने लोकल इंटेलिजेंस और बीट पुलिसिंग की मदद से मेडिसन कट, सेक्टर-57 नोएडा के पास एक आरोपी सुमित राघव को गिरफ्तार किया। पुलिस ने जब उसके पास मौजूद बैग की तलाशी ली तो उसमें ऑनलाइन डिलीवरी करने वाली कंपनी के नाम वाले छोटे-छोटे प्रिंटेड पैकेट मिले। इन पैकेटों को खोलने पर पुलिस को 1 किलो 900 ग्राम अवैध गांजा बरामद हुआ। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह अपने साथी मनीष कुमार झा से गांजा प्राप्त करता था और उसे दिल्ली-एनसीआर में अलग-अलग स्थानों पर पहुंचाता था। इन स्थानों में फ्लैट, पीजी, हॉस्टल और कॉलेज के आसपास के इलाके शामिल थे।

WhatsApp पर मिलते थे ऑर्डर, ऑनलाइन पहुंचता था पैसा
पुलिस की पूछताछ में गांजा तस्करी के इस नेटवर्क के काम करने का तरीका भी सामने आया है। आरोपी WhatsApp के माध्यम से ग्राहकों से संपर्क करते थे। ग्राहक अपनी जरूरत के अनुसार गांजे का ऑर्डर देते थे और डिलीवरी के लिए अपनी लोकेशन भेजते थे। इसके बाद आरोपी निर्धारित स्थान पर जाकर गांजे की सप्लाई करते थे। पुलिस के अनुसार, गांजे की बिक्री से मिलने वाला पैसा ऑनलाइन माध्यम से मनीष कुमार झा तक पहुंचाया जाता था। आरोपियों ने गांजे को लगभग 25 से 30 ग्राम के छोटे-छोटे पैकेटों में रखने की व्यवस्था की थी। इन पैकेटों पर ऑनलाइन डिलीवरी कंपनियों के नाम से मिलते-जुलते प्रिंटेड कवर लगाए जाते थे, ताकि रास्ते में किसी को उन पर शक न हो।
पुलिस के अनुसार, सुमित राघव से पूछताछ के दौरान मनीष कुमार झा का नाम सामने आया। इसके बाद पुलिस ने ईएसआई कॉलोनी, सेक्टर-56 नोएडा के पास से मनीष को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने मनीष कुमार झा के कब्जे से 10 किलो 300 ग्राम अवैध गांजा बरामद किया। पुलिस के मुताबिक, मनीष टेक्निकल इंजीनियर के पद पर काम करता है। इस मामले में एक अन्य साथी अमित का नाम भी सामने आया है, जो गांजा तस्करी के मामले में पहले से ही असम के गुवाहाटी स्थित जेल में बंद बताया गया है।
नोएडा पुलिस की कार्रवाई में गिरफ्तार आरोपियों और बरामद सामान का विवरण इस प्रकार है:
पहला आरोपी: सुमित राघव
दूसरा आरोपी: मनीष कुमार झा
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से बरामद किए:
पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ थाना सेक्टर-58 में मुकदमा अपराध संख्या 385/26 दर्ज किया है। यह मुकदमा NDPS एक्ट की धारा 8/20 के तहत पंजीकृत किया गया है। पुलिस मामले में आरोपियों से पूछताछ और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।
इस घटना ने ऑनलाइन डिलीवरी के नाम पर होने वाली गतिविधियों को लेकर सतर्क रहने की जरूरत की ओर ध्यान आकर्षित किया है। हालांकि इस मामले में पुलिस ने अभी तक किसी ऑनलाइन शॉपिंग कंपनी की वास्तविक संलिप्तता का खुलासा नहीं किया है। उपलब्ध पुलिस जानकारी के अनुसार, आरोपियों ने डिलीवरी कंपनियों के नाम वाले प्रिंटेड पैकेट का इस्तेमाल केवल गांजे को सामान्य पार्सल जैसा दिखाने के लिए किया था। इसलिए यह समझना जरूरी है कि Amazon या किसी अन्य ई-कॉमर्स कंपनी के वास्तविक पार्सल को इस घटना से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए। मामला आरोपियों द्वारा कंपनी के नाम और पैकेजिंग की नकल करके गांजे की सप्लाई करने का है। आम नागरिकों को किसी संदिग्ध गतिविधि, अवैध नशीले पदार्थ की बिक्री या संदिग्ध पार्सल की जानकारी मिलने पर स्वयं जांच या कार्रवाई करने के बजाय पुलिस को सूचना देनी चाहिए।
नोएडा और दिल्ली-एनसीआर में बड़ी संख्या में छात्र, नौकरीपेशा युवा और अन्य लोग पीजी, हॉस्टल तथा किराये के फ्लैटों में रहते हैं। ऐसे में WhatsApp और ऑनलाइन भुगतान के माध्यम से संचालित होने वाले नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार पर निगरानी रखना पुलिस के लिए महत्वपूर्ण चुनौती है। सेक्टर-58 पुलिस की इस कार्रवाई में दो आरोपियों की गिरफ्तारी और 12 किलो 200 ग्राम गांजे की बरामदगी के बाद अब यह जांच महत्वपूर्ण होगी कि इस नेटवर्क से कितने लोग जुड़े थे और नशीले पदार्थों की आपूर्ति कहां से की जा रही थी।
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