यूपी विधानसभा चुनाव 2027 से पहले नोएडा विधानसभा-61 की मतदाता सूची पर सपा ने सवाल उठाए हैं। पार्टी ने 35 से 40 हजार संदिग्ध प्रविष्टियों की जांच और पात्र मतदाताओं के नाम सुरक्षित रखने की मांग की।

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों के बीच नोएडा विधानसभा क्षेत्र-61 की मतदाता सूची को लेकर समाजवादी पार्टी ने बड़ा राजनीतिक और निर्वाचन संबंधी मुद्दा उठाया है। सपा नोएडा महानगर संगठन ने मतदाता सूची में कथित डुप्लीकेट, संदिग्ध और दोहराव वाली प्रविष्टियों के साथ पात्र मतदाताओं के नाम काटे जाने का आरोप लगाते हुए करीब 35 से 40 हजार संदिग्ध प्रविष्टियों की जांच कराने की मांग की है। सेक्टर-22 स्थित सैफरोन बैंक्विट हॉल में आयोजित प्रेस वार्ता में सपा महानगर अध्यक्ष डॉ. आश्रय गुप्ता ने कहा कि विधानसभा चुनाव 2027 से पहले मतदाता सूची का शुद्ध और पारदर्शी होना बेहद जरूरी है। उन्होंने दावा किया कि पार्टी द्वारा मतदाता सूची के परीक्षण में बड़ी संख्या में ऐसी प्रविष्टियां सामने आई हैं, जिनका निर्वाचन विभाग द्वारा दस्तावेजों के आधार पर सत्यापन कराया जाना आवश्यक है। सपा ने इस मामले में मुख्य चुनाव आयुक्त और जिला निर्वाचन अधिकारी, गौतमबुद्ध नगर से तत्काल हस्तक्षेप करते हुए बूथ स्तर से लेकर जिला स्तर तक जांच कराने की मांग की है।
डॉ. आश्रय गुप्ता ने कहा कि समाजवादी पार्टी ने इससे पहले 3 जून 2026 को प्रेस वार्ता कर नोएडा विधानसभा-61 की मतदाता सूची में करीब 25 हजार डुप्लीकेट एवं संदिग्ध मतदाताओं से संबंधित दस्तावेज और तथ्य सार्वजनिक किए थे। इस संबंध में मुख्य चुनाव आयुक्त और जिला निर्वाचन अधिकारी को शिकायत भी दी गई थी। सपा का कहना है कि शिकायत के बाद भी करीब चार महीने बीत चुके हैं, लेकिन पार्टी को जांच और कार्रवाई के संबंध में अपेक्षित जानकारी नहीं मिली है। पार्टी के मुताबिक, मतदाता सूची का दोबारा परीक्षण करने पर अब 10 से 15 हजार अतिरिक्त संदिग्ध प्रविष्टियां सामने आई हैं। इस तरह सपा ने कुल मिलाकर करीब 35 से 40 हजार प्रविष्टियों के सत्यापन की मांग उठाई है।
प्रेस वार्ता में सपा नेताओं ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची में कुछ ऐसे मामले दिखाई दिए हैं, जहां एक ही व्यक्ति के नाम से अलग-अलग EPIC नंबर पर एक से अधिक मतदाता प्रविष्टियां दर्ज हैं। सपा ने उदाहरण के तौर पर हेमंत कीड़ों और प्रदीप कुमार शर्मा कौशल के नामों का उल्लेख किया और कहा कि ऐसे मामलों की वास्तविकता निर्वाचन विभाग दस्तावेजों के आधार पर जांच सकता है। पार्टी ने मांग की कि किसी भी मतदाता को केवल आरोप या सूची में दोहराव दिखाई देने के आधार पर संदिग्ध न माना जाए, बल्कि प्रत्येक मामले का विधिवत सत्यापन किया जाए।
सपा ने मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों के साथ-साथ पात्र मतदाताओं के नाम हटाए जाने का मुद्दा भी उठाया है। विधानसभा अध्यक्ष बबलू चौहान तथा महानगर उपाध्यक्ष एवं मीडिया प्रभारी गौरव कुमार यादव ने कहा कि पार्टी की पड़ताल में ऐसे लोगों के नाम भी सामने आए हैं, जो लंबे समय से संबंधित क्षेत्रों में रह रहे हैं और पहले नियमित रूप से मतदान करते रहे हैं, लेकिन अब उनका नाम मतदाता सूची में नहीं दिखाई दे रहा है। सपा नेताओं ने सेक्टर-63 निवासी कुलभूषण शर्मा, सोरखा निवासी सुभाष वर्मा, सर्फाबाद निवासी सतपाल यादव और मोहम्मद इमरान समेत कई लोगों के नामों का उल्लेख करते हुए प्रत्येक मामले की व्यक्तिगत जांच की मांग की। पार्टी का कहना है कि यदि कोई व्यक्ति निर्वाचन क्षेत्र का पात्र मतदाता है तो निर्धारित कानूनी प्रक्रिया का पालन किए बिना उसका नाम मतदाता सूची से नहीं हटना चाहिए।
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 में अभी समय है, लेकिन राजनीतिक दलों ने बूथ स्तर पर अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। ऐसे में नोएडा विधानसभा-61 की मतदाता सूची को लेकर उठा विवाद सीधे चुनावी तैयारियों से जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा बन सकता है। मतदाता सूची किसी भी चुनाव की बुनियादी प्रक्रिया का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा होती है। सूची में यदि डुप्लीकेट प्रविष्टियां हैं तो उनका सत्यापन जरूरी है और यदि किसी पात्र मतदाता का नाम गलती से हट गया है तो उसे भी निर्धारित प्रक्रिया के तहत शामिल कराया जाना आवश्यक है। यही वजह है कि सपा ने इस मुद्दे को केवल पार्टी कार्यकर्ताओं से जुड़ा विषय न बताते हुए हर पात्र मतदाता के अधिकार और निष्पक्ष चुनाव से जोड़ दिया है।
डॉ. आश्रय गुप्ता ने कहा कि समाजवादी पार्टी का उद्देश्य किसी वास्तविक मतदाता का नाम हटवाना नहीं है। पार्टी चाहती है कि नोएडा विधानसभा-61 की मतदाता सूची पारदर्शी, प्रमाणिक और त्रुटिरहित हो। उन्होंने मांग की कि शिकायत में शामिल सभी नामों और EPIC नंबरों की जांच कराई जाए। जांच बूथ स्तर से शुरू होकर जिला निर्वाचन अधिकारी स्तर तक पहुंचे और जांच के बाद स्थिति स्पष्ट की जाए। सपा ने यह भी मांग की कि यदि किसी प्रविष्टि में डुप्लीकेशन या अन्य विसंगति मिलती है तो निर्वाचन नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाए, वहीं पात्र मतदाताओं के नाम सुरक्षित रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं।
मतदाता सूची के मुद्दे के साथ सपा ने प्रेस वार्ता में नोएडा की सड़क, सीवर, सुरक्षा और नागरिक सुविधाओं को भी राजनीतिक मुद्दा बनाया। महानगर महासचिव विकास यादव ने कहा कि शहर के कई हिस्सों में सड़क और सीवर की समस्याओं से नागरिक परेशान हैं। उन्होंने प्रशासन से इन समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग की। ऐसे में विधानसभा चुनाव 2027 से पहले नोएडा में विपक्ष की ओर से मतदाता सूची के साथ-साथ स्थानीय नागरिक समस्याओं को भी चुनावी मुद्दा बनाने की रणनीति दिखाई दे रही है।
नोएडा विधानसभा सीट उत्तर प्रदेश की महत्वपूर्ण शहरी सीटों में शामिल है। विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर राजनीतिक दलों की गतिविधियां धीरे-धीरे तेज हो रही हैं। ऐसे में मतदाता सूची, बूथ प्रबंधन, स्थानीय समस्याएं और मतदाताओं से सीधा संपर्क आने वाले महीनों में राजनीतिक दलों के लिए अहम मुद्दे बनने वाले हैं। समाजवादी पार्टी की यह प्रेस वार्ता भी इसी चुनावी तैयारी की कड़ी के रूप में देखी जा रही है। पार्टी ने एक तरफ मतदाता सूची की कथित विसंगतियों पर निर्वाचन विभाग से जवाब मांगा है, वहीं दूसरी तरफ सड़क, सीवर और सुरक्षा जैसे स्थानीय मुद्दों को भी जनता के बीच ले जाने का संकेत दिया है। अब देखना यह होगा कि निर्वाचन विभाग नोएडा विधानसभा-61 में सपा द्वारा बताए गए 35 से 40 हजार संदिग्ध मामलों की जांच किस स्तर पर करता है और जांच के बाद मतदाता सूची की वास्तविक स्थिति क्या सामने आती है। विधानसभा चुनाव 2027 से पहले यह मुद्दा नोएडा की सियासत में आगे कितना बड़ा रूप लेता है, यह भी महत्वपूर्ण होगा।
प्रेस वार्ता की अध्यक्षता डॉ. आश्रय गुप्ता ने की और संचालन गौरव कुमार यादव ने किया। इस दौरान विकास यादव, बबलू चौहान, मोहम्मद नौशाद, मनोज गोयल, ओमपाल राणा, बिलाल बरनी, रामवीर यादव, बाबूलाल बंसल, लोकेश यादव, कुलभूषण शर्मा, सतपाल यादव, सुभाष वर्मा, रंजन कुमार, सोनू, इमरान, गुड्डू चौधरी, दीपक देशवाल, अनीश सहित समाजवादी पार्टी के अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।
विज्ञापन