इसी वजह से उन्होंने बीएलओ पद से अपना इस्तीफा देने की बात कही और नोएडा के जिला निर्वाचन अधिकारी से यह निर्देश भी मांगा कि उनके पास मौजूद निर्वाचन सामग्री किस अधिकारी या कर्मचारी को सौंपी जाए।

नोएडा में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के बीच एक महिला सहायक अध्यापिका द्वारा बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) का पद छोड़ने का मामला सुर्खियों में आ गया है। नोएडा के सेक्टर-94 स्थित गेझा उच्च प्राथमिक विद्यालय में तैनात शिक्षिका पिंकी सिंह ने जिला निर्वाचन अधिकारी को पत्र लिखकर साफ कर दिया कि वह एक साथ पढ़ाने और बीएलओ की जिम्मेदारी निभा पाने में सक्षम नहीं हैं। उनका इस्तीफा पत्र सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिससे नोएडा की प्रशासनिक और चुनावी तैयारियों पर भी सवाल उठ रहे हैं।
नोएडा की सहायक अध्यापिका पिंकी सिंह ने अपने इस्तीफे में विस्तार से बताया कि वह यूपीएस गेझा उच्च प्राथमिक विद्यालय में तैनात हैं और उन्हें बीएलओ के रूप में रॉलवुड स्कूल का पार्ट नंबर 206 आवंटित किया गया है। उनके बूथ पर कुल 1179 मतदाता दर्ज हैं, जिनमें से 215 के विवरण वह ऑनलाइन अपडेट भी कर चुकी हैं। इस्तीफे में पिंकी ने स्पष्ट लिखा कि लगातार दोहरी जिम्मेदारी के कारण उन पर काम का बोझ बढ़ रहा है और अब वह अपने शिक्षण कार्य के साथ बीएलओ की ड्यूटी जारी रखने की स्थिति में नहीं हैं। इसी वजह से उन्होंने बीएलओ पद से अपना इस्तीफा देने की बात कही और नोएडा के जिला निर्वाचन अधिकारी से यह निर्देश भी मांगा कि उनके पास मौजूद निर्वाचन सामग्री किस अधिकारी या कर्मचारी को सौंपी जाए।
उत्तर प्रदेश में इन दिनों मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) का काम तेज रफ्तार से चल रहा है और नोएडा भी इसकी मुख्य कार्यवाही वाले ज़िलों में शामिल है। ऐसे समय में नोएडा की एक महिला टीचर द्वारा बीएलओ पद छोड़ना प्रशासनिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है। बीएलओ पर एक ओर मतदाता सूची के शुद्धिकरण, नए मतदाताओं के पंजीकरण और फील्ड वेरिफिकेशन की जिम्मेदारी है, तो दूसरी ओर स्कूलों में पढ़ाई पर भी असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। नोएडा के शिक्षण जगत में भी यह सवाल उठने लगा है कि क्या शिक्षकों पर अतिरिक्त चुनावी कार्य का दबाव उनकी मूल जिम्मेदारी, यानी पढ़ाई–लिखाई, को प्रभावित कर रहा है।
नोएडा में SIR कार्य में लापरवाही को लेकर प्रशासन पहले ही सख्त रुख दिखा चुका है। शनिवार को नोएडा प्रशासन की ओर से विशेष पुनरीक्षण में कथित तौर पर उदासीनता और लापरवाही बरतने के आरोप में 60 बीएलओ और 7 सुपरवाइजरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई थी। इसी पृष्ठभूमि में नोएडा की महिला टीचर का बीएलओ पद से इस्तीफा सामने आने पर इसे कई लोग सिस्टम पर दबाव और जमीनी स्तर पर बढ़ते काम के बोझ से जोड़कर देख रहे हैं। हालांकि, पिंकी सिंह का इस्तीफा सीधे–सीधे कार्य–दबाव और दोहरी जिम्मेदारियों के बीच संतुलन न बैठा पाने की स्थिति को उजागर करता है।
फिलहाल इस पूरे प्रकरण पर नोएडा जिला प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। न ही यह स्पष्ट हो सका है कि पिंकी सिंह का इस्तीफा स्वीकार किया जाएगा या उन्हें दोबारा समझाने की कोशिश की जाएगी।