100 करोड़ के जुर्माने से बचने SC पहुंची नोएडा अथॉरिटी, क्या है पूरा मामला?
भारत
चेतना मंच
01 Dec 2025 09:10 PM
यमुना नदी में प्रदूषण फैलाने के गंभीर आरोपों से घिरी नोएडा प्राधिकरण अब 100 करोड़ रुपये के भारी जुर्माने से बचने के लिए सुप्रीम कोर्ट की शरण में पहुंच गई है। यह जुर्माना नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने पर्यावरणविद् अभिष्ट कुसुम गुप्ता की याचिका पर लगाया था, जिसमें आरोप है कि नोएडा प्राधिकरण सीवरों का गंदा पानी कोंडली ड्रेन के जरिए यमुना नदी में छोड़ रहा है। Noida Samachar
सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की गई याचिका
नोएडा प्राधिकरण ने NGT के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल करते हुए सफाई दी है कि शहर में 8 सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) पहले से कार्यरत हैं, जिनकी कुल क्षमता 411 मिलियन लीटर प्रतिदिन (MLD) है। इसके साथ ही, 180 MLD क्षमता के दो नए STP भी बनाए जा रहे हैं। प्राधिकरण ने कोर्ट को बताया कि, 120 MLD ट्रीटेड सीवेज को शहर के ग्रीन एरिया में सिंचाई के लिए उपयोग किया जाएगा। सेक्टर-62 के पास 16 हजार वर्ग मीटर जमीन पर नया STP बनाया जाएगा जो 100 MLD सीवेज का निस्तारण करेगा।
यमुना प्रदूषण की गंभीर स्थिति
हाल के वर्षों में यमुना नदी की स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है। कोंडली ड्रेन यमुना में गंदगी पहुंचाने वाले मुख्य स्रोतों में से एक बन गया है। याचिका में कहा गया है कि नोएडा से दिल्ली की ओर बहने वाली इस ड्रेन की अभी तक फाई (लाइनिंग) नहीं की गई है, जिससे सीवेज सीधा यमुना में मिल रहा है। नोएडा अथॉरिटी ने कोर्ट को यह भी बताया कि कई हाउसिंग सोसायटीज में STP मौजूद नहीं हैं। प्राधिकरण ने इस चूक को माना है और कहा है कि अब इन सोसायटीज पर भी जुर्माना लगाने पर विचार किया जा रहा है।
अब सबकी नजर सुप्रीम कोर्ट की उस सुनवाई पर टिकी है, जो 13 अगस्त 2025 को होने वाली है। माना जा रहा है कि इस दिन कोर्ट तय करेगा कि नोएडा प्राधिकरण पर लगाया गया 100 करोड़ का जुर्माना बरकरार रहेगा या नहीं। Noida Samachar