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नोएडा प्राधिकरण इस पूरे सेक्टर का विस्तृत सर्वे कराएगा, ताकि यह साफ हो सके कि कितनी जमीन खाली है, कितनी पहले से आवंटित हो चुकी है और कितना हिस्सा अब भी किसानों के कब्जे में है। सर्वे रिपोर्ट के आधार पर ही आगे की विकास रणनीति तय की जाएगी और खाली भूखंडों के नए सिरे से आवंटन का रास्ता खोला जाएगा।

Noida News : नोएडा के सेक्टर-150 में लंबे समय से उलझे भूमि प्रबंधन और अधूरे विकास कार्यों को पटरी पर लाने के लिए अब प्राधिकरण ने बड़ी कवायद शुरू करने का फैसला किया है। नोएडा प्राधिकरण इस पूरे सेक्टर का विस्तृत सर्वे कराएगा, ताकि यह साफ हो सके कि कितनी जमीन खाली है, कितनी पहले से आवंटित हो चुकी है और कितना हिस्सा अब भी किसानों के कब्जे में है। सर्वे रिपोर्ट के आधार पर ही आगे की विकास रणनीति तय की जाएगी और खाली भूखंडों के नए सिरे से आवंटन का रास्ता खोला जाएगा।
नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे के करीब बसे सेक्टर-150 को नोएडा के प्रमुख और संभावनाशील इलाकों में गिना जाता है, लेकिन जमीनी स्थिति साफ न होने और कुछ हिस्सों पर अब भी विवाद बने रहने से यहां कई योजनाएं अपेक्षित गति नहीं पकड़ सकीं। यही वजह है कि अब नोएडा प्राधिकरण पूरे सेक्टर की वास्तविक स्थिति को दस्तावेजी रूप देने की तैयारी में है। अधिकारियों के अनुसार, इस सर्वे में केवल खाली जमीन की पहचान ही नहीं की जाएगी, बल्कि उन भूखंडों का भी पूरा रिकॉर्ड जुटाया जाएगा जो बिल्डरों या अन्य पक्षों को पहले ही सौंपे जा चुके हैं। इसके साथ-साथ उन जमीनों का भी ब्योरा तैयार होगा, जिन पर अब भी किसानों का कब्जा कायम है। नोएडा में विकास कार्यों को व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाने के लिए यह अभ्यास बेहद अहम माना जा रहा है।
दरअसल, सेक्टर-150 का बड़ा हिस्सा स्पोर्ट्स सिटी परियोजना से जुड़ा रहा है। नोएडा में इस परियोजना को लेकर पहले भी काफी हलचल रही है, लेकिन क्षेत्र की कई जमीनों पर अधिग्रहण की स्थिति स्पष्ट न होने से निर्माण और विकास से जुड़े कई काम प्रभावित हुए। आसपास के कुछ हिस्सों में किसानों का कब्जा बने रहने के कारण परियोजनाओं का क्रियान्वयन अटकता रहा है। ऐसे में अब नोएडा प्राधिकरण इस पूरे सेक्टर को नए सिरे से समझकर आगे बढ़ना चाहता है। सूत्रों का कहना है कि प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी की ओर से सेक्टर-150 की जमीनों का तथ्यात्मक सर्वे कराने के निर्देश दिए गए हैं। इस प्रक्रिया के तहत नोएडा प्राधिकरण के पास उपलब्ध जमीन, किसानों से ली जा चुकी भूमि, किसानों के कब्जे में बची जमीन, बिल्डरों को आवंटित भूखंड और अन्य संबंधित पहलुओं को एक साथ मैप किया जाएगा। इससे सेक्टर-150 की वास्तविक भू-स्थिति पहली बार एक समेकित रूप में सामने आ सकेगी। दूसरी ओर, नोएडा प्राधिकरण संशोधित मास्टर लेआउट प्लान को लेकर भी आगे बढ़ रहा है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद प्राधिकरण ने लोगों से आपत्तियां और सुझाव आमंत्रित किए थे। इस प्रक्रिया में कुल 14 आपत्तियां प्राप्त हुईं, जिन पर कार्रवाई पूरी कर ली गई है। अब संशोधित मास्टर प्लान को मंजूरी के लिए अप्रैल के पहले सप्ताह में प्रस्तावित बोर्ड बैठक में रखा जाएगा। माना जा रहा है कि यह बैठक नोएडा सेक्टर-150 के भविष्य के विकास की दिशा तय करने में अहम साबित हो सकती है। नोएडा प्राधिकरण की मंशा साफ है कि सेक्टर-150 में विकास को नए सिरे से व्यवस्थित किया जाए। सर्वे रिपोर्ट के बाद जहां-जहां खाली जमीन उपलब्ध मिलेगी, वहां आवंटन की नई प्रक्रिया शुरू की जा सकती है। साथ ही जिन भूभागों पर अभी भी अधिग्रहण लंबित है, वहां किसानों से जमीन लेने की कार्रवाई को तेज करने की भी तैयारी है। Noida News
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