नोएडा प्राधिकरण की 223वीं बोर्ड बैठक में किसानों का मुआवजा 6459 रुपये प्रति वर्गमीटर, न्यू नोएडा में 6-7% आबादी भूखंड और पुलिस आयुक्त कार्यालय के लिए सेक्टर-153 में जमीन समेत कई बड़े फैसले हुए।

Noida News : नोएडा के विकास, किसानों के हित, औद्योगिक निवेश, अटकी हुई परियोजनाओं और नागरिक सुविधाओं को लेकर शनिवार को नोएडा प्राधिकरण की 223वीं बोर्ड बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसलों पर मुहर लगाई गई। सेक्टर-96 स्थित प्राधिकरण के मुख्य प्रशासनिक भवन के सभागार में आयोजित बैठक की अध्यक्षता अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त एवं नोएडा प्राधिकरण के अध्यक्ष दीपक कुमार ने की।बैठक में नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी कृष्ण करुणेश, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ एनजी रवि, यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण के अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी शैलेंद्र भाटिया समेत बोर्ड के अन्य सदस्य शामिल हुए। 223वीं बोर्ड बैठक में लिए गए फैसलों का असर नोएडा के किसानों, औद्योगिक इकाइयों, पुराने आवंटियों, सहकारी आवासीय समितियों, फ्लैट खरीदारों और पुलिस प्रशासन की भविष्य की व्यवस्थाओं पर पड़ने की उम्मीद है।
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बोर्ड बैठक का सबसे महत्वपूर्ण निर्णय नोएडा में आपसी समझौते के आधार पर जमीन खरीदने वाले किसानों से जुड़ा रहा। प्राधिकरण बोर्ड ने भूमि के लिए 6459 रुपये प्रति वर्गमीटर मुआवजा और 5 प्रतिशत विकसित आबादी भूखंड का लाभ देने के प्रस्ताव पर सहमति प्रदान की है। इससे पहले किसानों को 5324 रुपये प्रति वर्गमीटर की दर पर 5 प्रतिशत आबादी भूखंड रहित तथा 4224 रुपये प्रति वर्गमीटर की दर पर 5 प्रतिशत आबादी भूखंड सहित लाभ दिया जाता था। नई व्यवस्था में प्रचलित दर की तुलना में लगभग 53 प्रतिशत की एकमुश्त वृद्धि की गई है। इसके साथ किसानों को विकसित आबादी भूखंड का लाभ भी दिया जाएगा। प्राधिकरण का तर्क है कि नोएडा के विकास में किसानों की भूमिका महत्वपूर्ण रही है। इसलिए उन्हें केवल जमीन की कीमत देने के बजाय शहर के विकास और भविष्य की आर्थिक गतिविधियों में सहभागी बनाने की दिशा में यह कदम उठाया गया है।
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डीएनजीआईआर यानी न्यू नोएडा के विकास को लेकर भी बोर्ड बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। फेस-1 और फेस-2 में किसानों से आपसी समझौते के आधार पर भूमि खरीदने के लिए प्रतिकर दर और 6 प्रतिशत आबादी भूखंड का लाभ ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की व्यवस्था के अनुरूप दिए जाने का निर्णय किया गया है। वहीं डीएनजीआईआर के फेस-3 और फेस-4 में किसानों से आपसी समझौते के आधार पर भूमि खरीदने के लिए प्रतिकर दर तथा 7 प्रतिशत आबादी भूखंड का लाभ यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण की व्यवस्था के अनुरूप देने का फैसला किया गया है। इस फैसले को न्यू नोएडा के प्रस्तावित विस्तार और जमीन खरीद प्रक्रिया के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे किसानों और प्राधिकरण के बीच आपसी सहमति से भूमि खरीद की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
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गौतमबुद्धनगर पुलिस कमिश्नरेट की भविष्य की जरूरतों को देखते हुए बोर्ड ने पुलिस आयुक्त कार्यालय के उपयोग के लिए सेक्टर-153 में लगभग 13,347.18 वर्गमीटर भूमि आवंटित करने का निर्णय लिया है। नोएडा और ग्रेटर नोएडा के लगातार विस्तार तथा गौतमबुद्धनगर में पुलिस व्यवस्था के बढ़ते दायरे को देखते हुए यह निर्णय महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अलग और पर्याप्त परिसर मिलने से पुलिस कमिश्नरेट की प्रशासनिक आवश्यकताओं को बेहतर तरीके से व्यवस्थित करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
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बोर्ड बैठक में पुरानी और रुकी हुई भू-संपदा परियोजनाओं को गति देने के लिए 21 दिसंबर 2023 के शासनादेश के तहत लागू नीति और पैकेज की भी समीक्षा की गई। बोर्ड को बताया गया कि 25 प्रतिशत देय धनराशि जमा करने वाले 23 आवंटियों को शेष 75 प्रतिशत धनराशि जमा कराने के नोटिस जारी किए गए हैं। भुगतान के सापेक्ष रजिस्ट्री की अनुमति भी दी गई है। अब तक 36 परियोजनाओं से 540.75 करोड़ रुपये प्राप्त हो चुके हैं। अन्य आंशिक भुगतानों को शामिल करने पर कुल जमा धनराशि 561.35 करोड़ रुपये हो चुकी है। बोर्ड ने लंबित परियोजनाओं से बकाया धनराशि की वसूली में तेजी लाने और फ्लैट खरीदारों की रजिस्ट्री जल्द कराने के निर्देश दिए हैं। यह फैसला उन हजारों फ्लैट खरीदारों के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है जो लंबे समय से परियोजनाओं के अटकने और रजिस्ट्री नहीं होने की समस्या से जूझ रहे हैं। बिल्डर परियोजनाओं को गति देने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार की दिसंबर 2023 की नीति पहले भी महत्वपूर्ण आधार रही है।
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पुरानी सहकारी आवासीय समितियों से जुड़े फ्लैट मालिकों की समस्याओं के समाधान के लिए भी बोर्ड ने महत्वपूर्ण नीति को मंजूरी दी है। सहकारी आवासीय समितियों को आवंटित ग्रुप हाउसिंग भूखंडों पर बने फ्लैटों के वर्तमान कब्जेदारों के मामले में अंतरण शुल्क और निर्धारित प्रमाण-पत्रों के आधार पर त्रिपक्षीय उप-पट्टा प्रलेख पंजीकृत करने की नीति को स्वीकृति दी गई। इसका उद्देश्य वैध कब्जेदारों को संपत्ति से संबंधित दस्तावेज उपलब्ध कराना है। साथ ही स्टांप ड्यूटी की प्राप्ति सुनिश्चित करते हुए लंबे समय से लंबित मामलों का समाधान किया जा सकेगा। यह फैसला पुराने सेक्टरों में स्थित सहकारी आवासीय समितियों के उन फ्लैट मालिकों के लिए खासा महत्वपूर्ण है, जिनके संपत्ति दस्तावेजों को लेकर लंबे समय से प्रक्रिया संबंधी अड़चनें बनी हुई थीं।
नोएडा और ग्रेटर नोएडा में औद्योगिक इकाइयों से संबंधित नियमों और शुल्कों को अधिक तर्कसंगत तथा एकरूप बनाने की दिशा में भी बोर्ड ने कदम बढ़ाया है। बोर्ड ने नोएडा एवं ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों की एक समिति गठित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। समिति औद्योगिक इकाइयों से जुड़े अंतरण शुल्क, इकाई को क्रियाशील करने की समयावधि तथा अन्य शुल्क और प्रक्रियाओं को तर्कसंगत बनाने पर विचार करेगी। इसका उद्देश्य दोनों प्राधिकरणों के औद्योगिक क्षेत्रों में ऐसी नीतिगत समानता विकसित करना है, जिससे निवेशकों और औद्योगिक इकाइयों को अलग-अलग प्रक्रियाओं के कारण होने वाली दिक्कतों को कम किया जा सके।
बोर्ड बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 में 31 अगस्त 2026 तक नोएडा प्राधिकरण की वित्तीय और भौतिक प्रगति की भी समीक्षा की गई। विभागवार प्राप्तियों, भुगतानों और प्रमुख विकास कार्यों की प्रगति का संज्ञान लेते हुए निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए गए। साथ ही जलापूर्ति, सफाई, सार्वजनिक स्वास्थ्य और अन्य नागरिक अवस्थापना सेवाओं को लंबे समय तक मजबूत बनाए रखने के लिए प्राधिकरण की वित्तीय स्थिरता पर भी चर्चा हुई।
223वीं बोर्ड बैठक के फैसलों को केवल मुआवजा बढ़ाने तक सीमित करके देखना उचित नहीं होगा। नोएडा प्राधिकरण की रणनीति में डीएनजीआईआर यानी न्यू नोएडा का विकास आने वाले वर्षों की सबसे महत्वपूर्ण परियोजनाओं में शामिल है। न्यू नोएडा के लिए भूमि उपलब्ध कराना इस पूरी योजना की बुनियादी आवश्यकता है। ऐसे में किसानों को अलग-अलग क्षेत्रों में विकसित आबादी भूखंड का लाभ और संबंधित प्राधिकरणों के अनुरूप प्रतिकर देने की व्यवस्था भूमि खरीद प्रक्रिया को गति देने में अहम भूमिका निभा सकती है। पहले भी नोएडा प्राधिकरण की बोर्ड बैठकों में न्यू नोएडा, भूमि खरीद और किसानों से संबंधित नीतिगत फैसले प्रमुख विषय रहे हैं। अप्रैल 2026 की 222वीं बोर्ड बैठक में भी बजट, स्पोर्ट्स सिटी, ग्रामीण विनियमावली, मिश्रित भू-उपयोग और जल प्रभार से संबंधित फैसले लिए गए थे।
नोएडा प्राधिकरण की 223वीं बोर्ड बैठक का सबसे बड़ा संदेश यह है कि शहर के अगले चरण के विकास में किसानों को केवल भूमि उपलब्ध कराने वाले पक्ष के रूप में नहीं बल्कि विकास प्रक्रिया के सहभागी के रूप में जोड़ने की कोशिश की जा रही है। एक तरफ नोएडा में आपसी समझौते से भूमि खरीद के लिए मुआवजा बढ़ाकर 6459 रुपये प्रति वर्गमीटर किया गया है, वहीं दूसरी तरफ न्यू नोएडा के अलग-अलग फेस में 6 और 7 प्रतिशत आबादी भूखंड के लाभ की व्यवस्था की गई है। इसके साथ पुलिस कमिश्नरेट के लिए सेक्टर-153 में जमीन, अटकी परियोजनाओं में वसूली और रजिस्ट्री में तेजी, सहकारी आवासीय समितियों के फ्लैटों के दस्तावेजीकरण और औद्योगिक नीतियों में एकरूपता जैसे फैसले नोएडा के प्रशासनिक और आर्थिक ढांचे को प्रभावित करने वाले हैं।
कुल मिलाकर, नोएडा प्राधिकरण की 223वीं बोर्ड बैठक को किसानों, न्यू नोएडा की जमीन खरीद, अटकी परियोजनाओं के फ्लैट खरीदारों, सहकारी आवासीय समितियों, औद्योगिक निवेश और पुलिस प्रशासन इन सभी मोर्चों पर महत्वपूर्ण फैसलों वाली बैठक के रूप में देखा जा सकता है। आने वाले समय में इन फैसलों के जमीन पर लागू होने से नोएडा के विस्तार और विकास की दिशा पर इसका सीधा प्रभाव दिखाई देने की संभावना है।
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