नोएडा के बिल्डरों के ऊपर चलेगा प्राधिकरण का डंडा, बैठक में फैसला
भारत
चेतना मंच
04 Oct 2025 02:24 PM
नोएडा
प्राधिकरण
से
जमीन
लेकर
फ्लैट
बॉयर्स
को
कब्जा
नहीं
देने
वाले
बिल्डर
के
ऊपर
नोएडा
प्राधिकरण
का
डंडा
चलाया
जाएगा।
शुक्रवार
को
हुई
नोएडा
प्राधिकरण
बोर्ड
की
219
वीं
बैठक
में
नोएडा
के
डिफाल्टर
बिल्डरों
के
ऊपर
सख्त
एक्शन
का
फैसला
लिया
गया
है।
नोएडा
प्राधिकरण
की
बोर्ड
बैठक
में
नोएडा
के
डिफाल्टर
बिल्डरों
को
किसी
भी
प्रकार
की
रिहायत
नहीं
देने
का
फैसला
किया
गया
है।
नोएडा
प्राधिकरण
के
बिल्डरों
के
विरुद्ध
वसूली
अभियान
चलने
का
फैसला
करने
से
पहले
नोएडा
प्राधिकरण
के
बोर्ड
के
सदस्यों
को
डिफाल्टर
बिल्डर
के
विषय
में
पूरी
जानकारी
से
अवगत
कराया।
Noida News
नोएडा प्राधिकरण के चेयरमैन की अध्यक्षता में हुई नोएडा बोर्ड की बैठक
आपको
बता
दें
कि
शुक्रवार
को
नोएडा
प्राधिकरण
के
बोर्ड
की
बैठक
नोएडा
प्राधिकरण
के
चेयरमैन
वरिष्ठ
IAS
अधिकारी
दीपक
कुमार
की
अध्यक्षता
में
हुई।
दीपक
कुमार
उत्तर
प्रदेश
के
औद्योगिक
विकास
आयुक्त
भी
हैं।
दीपक
कुमार
के
साथ
ही
नोएडा
प्राधिकरण
की
219
वीं
बोर्ड
की
बैठक
में
औद्योगिक
विकास
विभाग
के
अपर
मुख्य
सचिव
आलोक
कुमार
,
नोएडा
प्राधिकरण
के
CEO
डॉ
.
लोकेश
एम
,
ग्रेटर
नोएडा
प्राधिकरण
के
CEO
रवी
कुमार
एनजी
,
यमुना
औद्योगिक
विकास
प्राधिकरण
के
CEO
राकेश
कुमार
सिंह
समेत
नोएडा
प्राधिकरण
बोर्ड
के
अधिकतर
सदस्य
मौजूद
रहे।
नोएडा
प्राधिकरण
की
इस
219
वीं
बोर्ड
बैठक
में
कुल
37
प्रस्ताव
रखे
गए
थे।
बोर्ड
के
सामने
रखे
गए
37
प्रस्तावों
में
से
8
प्रस्ताव
पारित
करके
बाकी
प्रस्ताव
आगे
के
लिए
स्थगित
कर
दिए
गए।
Noida News
नोएडा प्राधिकरण की बैठक में हुआ डिफाल्टर बिल्डरों के विरूद्ध फैसला
नोएडा
प्राधिकरण
बोर्ड
की
बैठक
की
पूरी
जानकारी
नोएडा
प्राधिकरण
की
ओर
से
जारी
किए
गए
प्रेस
नोट
में
दी
गई
है।
नोएडा
प्राधिकरण
के
प्रेस
नोट
में
बताया
गया
है
कि
बोर्ड
की
बैठक
की
शुरुआत
बिल्डर
बायर्स
पर
अमिताभ
कांत
की
सिफारिश
की
शर्तो
को
लेकर
हुई।
जिसे
प्राधिकरण
में
लागू
किया
जा
चुका
है।
29
सितंबर
तक
कुल
57
बिल्डर
परियोजनाओं
में
से
35
बिल्डर
परियोजनओं
ने
इस
आदेश
का
लाभ
लिया।
25
प्रतिशत
राशि
के
सापेक्ष
इन
बिल्डरों
ने
528.13
करोड़
जमा
कराए।
छह
बिल्डर
ऐसे
है
जिन्होंने
पूरा
जमा
करा
दिया।
13
बिल्डर
ऐसे
हैं
जिन्होंने
25
प्रतिशत
के
सापेक्ष
आंशिक
धनराशि
करीब
28.60
करोड़
जमा
कराई।
यह
धनराशि
जमा
होने
के
बाद
करीब
5758
फ्लैट
बायर्स
की
रजिस्ट्री
हो
सकती
है।
जिसमें
से
अब
तक
3724
फ्लैट
बायर्स
की
रजिस्ट्री
हो
गई
है।
बोर्ड
ने
निर्णय
लिया
कि
ऐसे
10
बिल्डर
परियोजनाएं
जिनकी
ओर
से
सहमति
के
बाद
भी
बकाया
नहीं
दिया
गया।
13
ने
आंशिक
पैसा
जमा
किया।
वहीं
35
जिन्होंने
25
प्रतिशत
के
अलावा
पैसा
जमा
नहीं
किया
गया।
जबकि
इन
35
को
और
पैसा
जमा
करने
के
लिए
प्राधिकरण
की
ओर
से
नोटिस
और
समय
दोनों
दिया
गया।
प्राधिकरण
की
बोर्ड
इसे
शासलादेश
के
प्रतिकूल
मानती
है।
साथ
ही
निर्णय
लिया
गया
कि
शासनादेश
के
तहत
दिए
जाने
वाले
लाभ
की
तारीख
आगे
नहीं
बढ़ाई
जाएगी
तथा
डिफाल्टर
बिल्डर्स
से
बकाए
की
वसूली
प्राधिकरण
नियम
से
होगी।
12 साल से खाली भूखंडों का आवंटन होगा निरस्त
ऐसे
भूखंड
आवासीय
और
ग्रुप
हाउसिंग
भूखंड
जिन
पर
12
साल
अधिकतम
टाइम
एक्सटेंशन
के
बाद
भी
निर्माण
नहीं
किया
गया
है।
भूखंड
खाली
है
इनको
निरस्त
करने
का
निर्णय
भी
नोएडा
प्राधिकरण
की
बोर्ड
बैठक
में
लिया
गया
है।
ऐसे
करीब
11
भूखंडों
की
सूची
प्राधिकरण
के
वर्क
सर्किल
की
ओर
से
दी
गई
है।
जबकि
9
ऐसे
भूखंड
है
जिन
पर
आंशिक
निर्माण
किया
गया
है
या
वो
निर्माणाधीन
है।
ऐसे
भूखंडों
पर
आवंटी
को
निर्माण
पूरा
कर
अधिभोग
प्रमाण
पत्र
लेने
के
लिए
छह
महीने
का
समय
दिया
गया
है।
इसके
बाद
किसी
प्रकार
का
समय
नहीं
दिया
जाएगा।
4 एसटीपी की होगी रेट्रोफिटिंग, 87 करोड़ होंगे खर्च
NGT
एवं
केन्द्रीय
प्रदूषण
नियंत्रण
बोर्ड
द्वारा
जारी
दिशा
-
निर्देशों
के
क्रम
में
शोधित
जल
की
गुणवत्ता
बनाये
रखने
के
लिए
चार
एसटीपी
जिसमें
25
एमएलडी
एसटीपी
सेक्टर
-50, 33
एमएलडी
एसटीपी
सेक्टर
-54, 35
एमएलडी
एसटीपी
सेक्टर
-123
और
50
एमएलडी
एसटीपी
सेक्टर
-168
के
सीवेज
संशोधन
संयंत्रों
की
रेट्रोफिंटिंग
कार्य
किया
जाएंगे।
इसके
लिए
करीब
87.6
करोड़
रुपए
खर्च
होंगे।
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24 ड्रेनों से घटेगा नोएडा शहर का प्रदूषण
नोएडा
में
24
ड्रेनों
में
प्रदूषण
स्तर
को
कम
करने
के
लिए
एफबीएस
(
(Fi&ed Bed Biofilm Activated Sludge)
की
तकनीक
पर
शोधन
प्रक्रिया
की
जाएगी।
यह
पद्धति
CPHEEO manual
में
भी
शामिल
है।
क्षेत्र
में
स्थापित
24
ड्रेनों
में
नीरी
द्वारा
11
ड्रेन
पर
एसटीपी
के
निर्माण
के
लिए
सीपीसीबी
से
राय
लिया
जाएगा।
मंजूरी
मिलने
पर
इस
कार्य
को
समय
से
पूरा
कराया
जाएगा।
नोएडा शहर में 300 टीडीपी का बनेगा प्लांट
नोएडा
में
वर्तमान
में
1000
टीडीपी
कूडा
निकल
रहा
है।
भविष्य
में
1200
से
लेकर
1500
टीडीपी
कूड़ा
होगा।
प्राधिकरण
का
एनटीपीसी
विद्युत
व्यापार
निगम
लिमिटेड
कुल
600
टीडीपी
के
निपटारे
का
एग्रीमेंट
है।
प्लांट
लागने
का
40
प्रतिशत
काम
पूरा
हो
चुका
है।
इसके
अलावा
डिसेंट्रलाइजड
इंटीग्रेटड
म्यूनिसिपल
सॉलिड
वेस्ट
मैनेजमेंट
प्लांट
40
टीडीपी
के
6
यानी
240
टीडीपी
लगाए
जाएंगे।
अब
प्राधिकरण
प्राधिकरण
300
टीडीपी
का
एक
नया
इंटीग्रेटेड
सॉलिड
वेस्ट
मैनेजमेंट
प्लांट
और
लगाने
जा
रहा
है।
जिसकी
क्षमता
को
बढ़ाकर
500
की
जा
सकती
है।
Noida News
यहां
एक
ही
स्थान
पर
गीले
और
सूखे
कूड़े
का
निवारण
हो
जाएगा।
इसे
सेक्टर
-145
में
19.5
एकड़
या
अस्तौली
में
16.66
एकड़
में
लगाया
जा
सकता
है।
यूनीफाइड
रेगूलेशन
2025
को
शामिल
करते
हुए
प्राधिकरण
के
संस्थागत
विभाग
की
ओर
से
कॉलेज
,
सीनियर
सेकेन्ड्री
स्कूल
व
नर्सिंग
होम
के
लिए
भूखंडों
की
योजना
जल्द
लाई
जाएगी।
इसके
लिए
ब्रोशर
को
पास
कर
दिया
गया
है।
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