“बस एक झलक योगी जी की…” सांसद महेश शर्मा से मिलते ही टूट पड़े युवराज के पिता
उनके मुताबिक, नोएडा के सेक्टर-150 हादसे के बाद पहली बार ऐसा महसूस हो रहा है कि मामला सिर्फ फाइलों में नहीं दबेगा और उनके बेटे को न्याय मिलने की उम्मीद सच में जगी है।

Noida News : नोएडा के सेक्टर-150 पट्टी में हुए हादसे ने एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। लापरवाही किसकी थी, जवाबदेही किसकी होगी और न्याय कब मिलेगा? इन सवालों के बीच मंगलवार देर शाम गौतमबुद्धनगर से सांसद डॉ. महेश शर्मा मृतक सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता के पिता राजकुमार मेहता से मिलने उनके घर पहुंचे। मुलाकात के दौरान राजकुमार मेहता भावुक दिखे और उन्होंने एक ही बात दोहराई बस एक बार योगी जी का भी दर्शन हो जाए, तो दिल को तसल्ली मिल जाएगी।
सांसद से मुलाकात पर भावुक हुए पिता
मीडिया से बातचीत में राजकुमार मेहता ने कहा कि सरकार की ओर से एसआईटी का गठन और कुछ अधिकारियों के निलंबन जैसी त्वरित कार्रवाई ने उन्हें “थोड़ा सुकून” जरूर दिया है। उनके मुताबिक, नोएडा के सेक्टर-150 हादसे के बाद पहली बार ऐसा महसूस हो रहा है कि मामला सिर्फ फाइलों में नहीं दबेगा और उनके बेटे को न्याय मिलने की उम्मीद सच में जगी है। हालांकि उन्होंने यह भी साफ किया कि मुख्यमंत्री कार्यालय से अब तक व्यक्तिगत मुलाकात को लेकर कोई पत्र या औपचारिक सूचना नहीं मिली है।
राजकुमार मेहता ने मीडिया का किया धन्यवाद
राजकुमार मेहता ने इस पूरे प्रकरण में मीडिया की भूमिका की खुलकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि अगर मीडिया इस मुद्दे को लगातार सही मंचों पर नहीं उठाता, तो संभव है यह घटना भी कई दूसरी घटनाओं की तरह फाइलों में दबकर रह जाती। नोएडा जैसे शहर में, जहां बड़े-बड़े प्रोजेक्ट और हाई-प्रोफाइल सोसाइटी कल्चर का दम दिखता है, वहां इस तरह की लापरवाही बेहद खतरनाक संकेत देती है। युवराज के पिता ने बताया कि जिस पानी भरे गड्ढे में कार गिरने से हादसा हुआ, उसे लेकर प्रशासन ने अस्थायी और स्थायी दोनों तरह के समाधान का भरोसा दिया है। उनके मुताबिक, वाटर लॉगिंग की समस्या का भी निराकरण किया जाएगा। उन्होंने दो टूक कहा - जो भी दोषी है, उस पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए, सिर्फ आश्वासन से बात नहीं बनेगी।
पहली बार माइक्रो लेवल पर कार्रवाई की उम्मीद
राजकुमार मेहता ने जवाबदेही को लेकर एक अहम बात कही उनके मुताबिक यह पहली बार है जब इस तरह के मामले में माइक्रो लेवल पर जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की बात सामने आई है। उन्होंने दावा किया कि जिन अधिकारियों और लोकेशन इंचार्ज को पहले भी कई बार पत्र लिखे गए थे अब वही घेरे में आए हैं। उनका कहना था कि अब सिस्टम की जिम्मेदारी है कि जांच नीचे तक जाए और जो भी जवाबदेह हो, उसे बख्शा न जाए। हादसे के कई दिन बाद मंगलवार को दिनभर चले सघन सर्च ऑपरेशन के बाद शाम होते-होते युवराज की कार को गड्ढे से बाहर निकाला गया। एनडीआरएफ की टीम ने हाइड्रा मशीन की मदद से कार को बाहर निकाला। कार का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त था, जो हादसे की भयावहता साफ बयान कर रहा था। कार को डंपर में लोड कर मौके से हटाया गया। कार बाहर आते ही वहां मौजूद कई लोगों की आंखें नम दिखीं।
बिल्डर अभय कुमार गिरफ्तार
नोएडा के सेक्टर-150 हादसे में नॉलेज पार्क कोतवाली पुलिस ने मंगलवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए बेस्टटाउन प्लानर्स प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक और बिल्डर अभय कुमार को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तारी के बाद आरोपी को कोर्ट में पेश कर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। हालांकि, घटना के करीब 24 घंटे बाद एफआईआर दर्ज होने और पहली गिरफ्तारी तक 72 घंटे लगने को लेकर सवाल उठ रहे हैं, मगर पुलिस का कहना है कि कदमबंदी जल्दबाजी में नहीं, बल्कि साक्ष्यों और तकनीकी पड़ताल के आधार पर की गई है।
दो बिल्डर कंपनियों पर केस
पुलिस ने इस मामले में दो बिल्डर कंपनियों एमजेड विशटाउन (MZ Wishtown) और लोटस ग्रीन (Lotus Greens) के खिलाफ भी केस दर्ज किया है। मृतक के पिता राजकुमार मेहता की शिकायत पर बीएनएस की गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस का कहना है कि जांच हर पहलू से की जा रही है और किसी भी दोषी को छोड़ा नहीं जाएगा।
Lotus Greens का आधिकारिक स्टैंड
हादसे के बाद लोटस ग्रीन्स कंस्ट्रक्शंस प्रा. लि. (LGCPL) ने बयान जारी कर मृतक परिवार के प्रति संवेदनाएं जताईं और कहा कि जिस प्लॉट पर हादसा हुआ, वह कंपनी के स्वामित्व या नियंत्रण में नहीं है। कंपनी के मुताबिक, प्लॉट पहले स्पोर्ट्स सिटी योजना के तहत आवंटित था, जिसे 2016 में WPPL को सब-लीज किया गया और बाद में 2019 में WPPL की हिस्सेदारी श्री अभय कुमार और अन्य (गृहप्रवेश बिल्टेक प्रा. लि.) को ट्रांसफर हुई। कंपनी ने यह भी कहा कि सुरक्षा, खुदाई और रिस्क मैनेजमेंट की जिम्मेदारी वर्तमान प्रबंधन और नोएडा प्राधिकरण की है, साथ ही जांच एजेंसियों को सहयोग देने की बात दोहराई। Noida News
Noida News : नोएडा के सेक्टर-150 पट्टी में हुए हादसे ने एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। लापरवाही किसकी थी, जवाबदेही किसकी होगी और न्याय कब मिलेगा? इन सवालों के बीच मंगलवार देर शाम गौतमबुद्धनगर से सांसद डॉ. महेश शर्मा मृतक सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता के पिता राजकुमार मेहता से मिलने उनके घर पहुंचे। मुलाकात के दौरान राजकुमार मेहता भावुक दिखे और उन्होंने एक ही बात दोहराई बस एक बार योगी जी का भी दर्शन हो जाए, तो दिल को तसल्ली मिल जाएगी।
सांसद से मुलाकात पर भावुक हुए पिता
मीडिया से बातचीत में राजकुमार मेहता ने कहा कि सरकार की ओर से एसआईटी का गठन और कुछ अधिकारियों के निलंबन जैसी त्वरित कार्रवाई ने उन्हें “थोड़ा सुकून” जरूर दिया है। उनके मुताबिक, नोएडा के सेक्टर-150 हादसे के बाद पहली बार ऐसा महसूस हो रहा है कि मामला सिर्फ फाइलों में नहीं दबेगा और उनके बेटे को न्याय मिलने की उम्मीद सच में जगी है। हालांकि उन्होंने यह भी साफ किया कि मुख्यमंत्री कार्यालय से अब तक व्यक्तिगत मुलाकात को लेकर कोई पत्र या औपचारिक सूचना नहीं मिली है।
राजकुमार मेहता ने मीडिया का किया धन्यवाद
राजकुमार मेहता ने इस पूरे प्रकरण में मीडिया की भूमिका की खुलकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि अगर मीडिया इस मुद्दे को लगातार सही मंचों पर नहीं उठाता, तो संभव है यह घटना भी कई दूसरी घटनाओं की तरह फाइलों में दबकर रह जाती। नोएडा जैसे शहर में, जहां बड़े-बड़े प्रोजेक्ट और हाई-प्रोफाइल सोसाइटी कल्चर का दम दिखता है, वहां इस तरह की लापरवाही बेहद खतरनाक संकेत देती है। युवराज के पिता ने बताया कि जिस पानी भरे गड्ढे में कार गिरने से हादसा हुआ, उसे लेकर प्रशासन ने अस्थायी और स्थायी दोनों तरह के समाधान का भरोसा दिया है। उनके मुताबिक, वाटर लॉगिंग की समस्या का भी निराकरण किया जाएगा। उन्होंने दो टूक कहा - जो भी दोषी है, उस पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए, सिर्फ आश्वासन से बात नहीं बनेगी।
पहली बार माइक्रो लेवल पर कार्रवाई की उम्मीद
राजकुमार मेहता ने जवाबदेही को लेकर एक अहम बात कही उनके मुताबिक यह पहली बार है जब इस तरह के मामले में माइक्रो लेवल पर जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की बात सामने आई है। उन्होंने दावा किया कि जिन अधिकारियों और लोकेशन इंचार्ज को पहले भी कई बार पत्र लिखे गए थे अब वही घेरे में आए हैं। उनका कहना था कि अब सिस्टम की जिम्मेदारी है कि जांच नीचे तक जाए और जो भी जवाबदेह हो, उसे बख्शा न जाए। हादसे के कई दिन बाद मंगलवार को दिनभर चले सघन सर्च ऑपरेशन के बाद शाम होते-होते युवराज की कार को गड्ढे से बाहर निकाला गया। एनडीआरएफ की टीम ने हाइड्रा मशीन की मदद से कार को बाहर निकाला। कार का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त था, जो हादसे की भयावहता साफ बयान कर रहा था। कार को डंपर में लोड कर मौके से हटाया गया। कार बाहर आते ही वहां मौजूद कई लोगों की आंखें नम दिखीं।
बिल्डर अभय कुमार गिरफ्तार
नोएडा के सेक्टर-150 हादसे में नॉलेज पार्क कोतवाली पुलिस ने मंगलवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए बेस्टटाउन प्लानर्स प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक और बिल्डर अभय कुमार को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तारी के बाद आरोपी को कोर्ट में पेश कर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। हालांकि, घटना के करीब 24 घंटे बाद एफआईआर दर्ज होने और पहली गिरफ्तारी तक 72 घंटे लगने को लेकर सवाल उठ रहे हैं, मगर पुलिस का कहना है कि कदमबंदी जल्दबाजी में नहीं, बल्कि साक्ष्यों और तकनीकी पड़ताल के आधार पर की गई है।
दो बिल्डर कंपनियों पर केस
पुलिस ने इस मामले में दो बिल्डर कंपनियों एमजेड विशटाउन (MZ Wishtown) और लोटस ग्रीन (Lotus Greens) के खिलाफ भी केस दर्ज किया है। मृतक के पिता राजकुमार मेहता की शिकायत पर बीएनएस की गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस का कहना है कि जांच हर पहलू से की जा रही है और किसी भी दोषी को छोड़ा नहीं जाएगा।
Lotus Greens का आधिकारिक स्टैंड
हादसे के बाद लोटस ग्रीन्स कंस्ट्रक्शंस प्रा. लि. (LGCPL) ने बयान जारी कर मृतक परिवार के प्रति संवेदनाएं जताईं और कहा कि जिस प्लॉट पर हादसा हुआ, वह कंपनी के स्वामित्व या नियंत्रण में नहीं है। कंपनी के मुताबिक, प्लॉट पहले स्पोर्ट्स सिटी योजना के तहत आवंटित था, जिसे 2016 में WPPL को सब-लीज किया गया और बाद में 2019 में WPPL की हिस्सेदारी श्री अभय कुमार और अन्य (गृहप्रवेश बिल्टेक प्रा. लि.) को ट्रांसफर हुई। कंपनी ने यह भी कहा कि सुरक्षा, खुदाई और रिस्क मैनेजमेंट की जिम्मेदारी वर्तमान प्रबंधन और नोएडा प्राधिकरण की है, साथ ही जांच एजेंसियों को सहयोग देने की बात दोहराई। Noida News












