
Noida News : विकास तथा औद्योगिक निवेश के लिए विश्व के मानचित्र पर तेजी से उभर रहे नोएडा में यहां के निवासियों की घोर उपेक्षा हो रही है। चंद पैसों की चाहत में नोएडा प्राधिकरण यहां के लोगों की जिंदगी भी दांव पर लगाने में नहीं चूक रहा है। ऐसा ही एक मामला नोएडा के सबसे पुराने तथा सबसे बड़े सेक्टर-12 में प्रकाश में आया है। यहां पर प्राधिकरण ने डी ब्लॉक पार्क में 100 मीटर ऊंचे मोबाइल टॉवर को मंजूरी दे दी। नतीजा यहां 100 फुट ऊंचा टॉवर भी खड़ा कर दिया गया।
जब लोगों ने इसका विरोध किया तो टॉवर लगाने वाली कंपनी के अधिकारी व कर्मचारी ने यह कहकर लोगों को गुमराह करते रहे कि यहां इस टॉवर में हाईमास्ट लाइट लगेगी। जिसके कारण लोग शांत हो गए। बाद में जब पता चला कि यह मोबाइल टॉवर है तो सेक्टर के लोगों ने व्यापक विरोध शुरू कर दिया।
सेक्टर के समाजसेवी कालीदास शर्मा ने बताया कि प्राधिकरण ने टॉवर की अनुमति देकर हजारों लोगों की जिंदगी दांव पर लगा दी है। इसे किसी भी कीमत पर बनने नहीं दिया जाएगा।
समाजवादी पार्टी के नेता तथा आरडब्ल्यूए के उपाध्यक्ष अरविंद चौहान ने कहा कि इस टॉवर के खिलाफ आमरण अनशन करने में भी सेक्टरवासी पीछे नहीं हटेंगे।
सेक्टर-12 एवरग्रीन आरडब्ल्यूए के अध्यक्ष पुनीत शुक्ला ने कहा कि वे इस मामले को लेकर सीईओ रितु माहेश्वरी से मिलेंगे तथा इसका विरोध जताएंगे। यदि फिर भी टॉवर नहीं हटा तो स्थानीय सांसद, विधायक एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी शिकायत करेंगे।
पार्क के सामने रहने वाली श्रीमती प्रमिला राणा ने बताया कि मोबाइल टॉवर से निकलने वाली रेडियेशन का दुष्प्रभाव यहां रहने वाले हर सेक्टरवासी पर पड़ेगा। जिससे गंभीर बीमारी की हमेशा आशंका बनी रहेगी। ऐसे टॉवर किसी ग्रीन बेल्ट व आवासीय सेक्टर से दूर बनाने चाहिए। उन्होंने कहा कि टॉवर के 10 मीटर की परिधि में सरस्वती शिशु मंदिर तथा मॉडर्न स्कूल है। पास में प्राचीन कलरिया बाबा मंदिर है। टॉवर से 3 मीटर दूर सैकड़ों आवासीय मकान हैं। ऐसे में टॉवर लगाना किसी भी दृष्टि से उचित नहीं है। यदि टॉवर लगा तो महिलाएं व सेक्टरवासी पुरजोर विरोध करेंगे तथा आमरण अनशन से भी पीछे नहीं हटेंगे।