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नोएडा में ठगी करने वाले आए दिन ठगी के नए-नए तरीके तलाश कर रहे हैं। नोएडा प्राधिकरण से आवंटित एक प्लाट के नाम पर बड़ी ठगी का मामला सामने आया है। नोएडा शहर में हुई ठगी के इस मामले में अदालत ने FIR दर्ज करने के निर्देश दिए हैं।

Noida News : नोएडा में ठगी करने वाले आए दिन ठगी के नए-नए तरीके तलाश कर रहे हैं। नोएडा प्राधिकरण से आवंटित एक प्लाट के नाम पर बड़ी ठगी का मामला सामने आया है। नोएडा शहर में हुई ठगी के इस मामले में अदालत ने FIR दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। मजेदार बात यह है कि इस मामले में ठगी का शिकार होने वाला व्यक्ति तथा ठगी करने वाला गाँव के रहने वाले हैं। गाँव के लोगों को आमतौर पर ईमानदार माना जाता है। नोएडा के इस मामले में गाँव में रहने वाला व्यक्ति बड़ा ठग साबित हुआ है। Noida News
नोएडा में हुई ठगी के मामले में गौतमबुद्ध नगर जिले की एक अदालत ने महत्वपूर्ण आदेश देते हुए थाना फेस-2 पुलिस को 14 दिनों के भीतर FIR दर्ज करने का निर्देश दिया है। अदालत ने प्रथम दृष्टया संज्ञेय अपराध पाए जाने पर यह आदेश पारित किया। यह मामला नोएडा क्षेत्र के गांव निठारी निवासी श्रीपाल सिंह और हरौला निवासी अमित कुमार शर्मा के बीच सेक्टर-88 स्थित एक औद्योगिक प्लॉट को लेकर है। शिकायतकर्ता श्रीपाल सिंह ने अदालत में दाखिल प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया कि वर्ष 2021 में अमित कुमार शर्मा ने नोएडा प्राधिकरण द्वारा आवंटित प्लॉट बेचने का प्रस्ताव दिया था। आरोप है कि अमित ने भरोसा दिलाया कि वह निर्धारित अवधि पूरी होने के बाद प्लॉट का विधिवत हस्तांतरण कर देगा। शिकायत के अनुसार, श्रीपाल सिंह ने प्लॉट से संबंधित बकाया राशि प्राधिकरण में जमा कराई और विभिन्न दस्तावेजों के आधार पर करीब 18.94 लाख रुपये का भुगतान भी किया। इसके बाद रजिस्टर्ड एग्रीमेंट, पावर ऑफ अटॉर्नी (GPA), वसीयत और अन्य दस्तावेज निष्पादित किए गए। Noida News
शिकायतकर्ता का आरोप है कि बाद में अमित कुमार शर्मा ने कथित रूप से साजिश के तहत वर्ष 2025 में पूर्व में दिए गए GPA और वसीयत को निरस्त कर दिया तथा नोएडा प्राधिकरण को पत्र लिखकर प्लॉट से संबंधित आगे की कार्रवाई रोकने का प्रयास किया। शिकायत में यह भी कहा गया है कि आरोपी ने पहले दिए गए आश्वासनों से मुकरते हुए अधिक धनराशि की मांग शुरू कर दी। अदालत में दाखिल प्रार्थना पत्र में गंभीर आरोप लगाते हुए कहा गया कि आरोपी ने विवाद समाप्त करने के लिए 30 लाख रुपये की अतिरिक्त मांग की। शिकायतकर्ता का कहना है कि अप्रैल 2026 में प्लॉट पर उसके साथ मारपीट की गई, जान से मारने की धमकी दी गई और कथित तौर पर हथियार लहराकर डराने का प्रयास किया गया। शिकायतकर्ता ने पुलिस और पुलिस आयुक्त कार्यालय में शिकायत देने का दावा किया, लेकिन उसके अनुसार कोई मुकदमा दर्ज नहीं किया गया। इसके बाद उसने अदालत की शरण ली। Noida News
मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने उपलब्ध दस्तावेजों, भुगतान रसीदों और अन्य अभिलेखों का अवलोकन किया। अदालत ने कहा कि रिकॉर्ड पर मौजूद सामग्री से प्रथम दृष्टया यह प्रतीत होता है कि शिकायत में संज्ञेय अपराध के तत्व मौजूद हैं और मामले की विस्तृत जांच आवश्यक है। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट-III, गौतमबुद्ध नगर की अदालत ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 173(4) के तहत दायर प्रार्थना पत्र स्वीकार करते हुए थाना फेस-2 के प्रभारी निरीक्षक को संबंधित धाराओं में 14 दिनों के भीतर एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू करने का निर्देश दिया है। अदालत के इस आदेश के बाद अब पूरे मामले की जांच पुलिस करेगी और जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय होगी। Noida News
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