नोएडा के औद्योगिक क्षेत्र से जुड़ा एक बड़ा फैसला उद्यमियों के लिए राहत की खबर लेकर आया है। प्राधिकरण की बोर्ड बैठक में लिए गए निर्णयों पर नोएडा एंटरप्रेन्योर्स एसोसिएशन ने प्रतिक्रिया दी है। आखिर नीति में ऐसे कौन से बदलाव हुए हैं, जिनसे कारोबारियों को फायदा मिलने की उम्मीद है?

Noida News : नोएडा विकास प्राधिकरण की 224वीं बोर्ड बैठक में यूनिफाइड रेगुलेशन-2025 नीति में किए गए संशोधनों का नोएडा के उद्यमियों ने स्वागत किया है। नोएडा एंटरप्रेन्योर्स एसोसिएशन (NEA) ने इन फैसलों को उद्योगों और कारोबार के लिए राहत देने वाला कदम बताते हुए प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी के प्रति आभार व्यक्त किया है। NEA के अध्यक्ष विपिन कुमार मल्हन ने इस संबंध में नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी को पत्र भेजकर कहा कि एसोसिएशन की मांगों को ध्यान में रखते हुए 28 अक्टूबर 2026 को हुई बोर्ड बैठक में नीति में संशोधन को मंजूरी देना सराहनीय है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इन बदलावों से औद्योगिक निवेश को बढ़ावा मिलेगा और उद्यमियों को कारोबार के संचालन में सहूलियत होगी।
NEA अध्यक्ष के अनुसार, संशोधित नीति के तहत कार्यशील औद्योगिक इकाइयों के हस्तांतरण पर लगने वाला शुल्क 10 प्रतिशत से घटाकर 7 प्रतिशत कर दिया गया है। इससे कारोबार के पुनर्गठन और नए निवेशकों के प्रवेश की लागत कम होगी। इसका सीधा लाभ औद्योगिक इकाइयों को मिल सकेगा। इसके अलावा औद्योगिक भूखंडों पर निर्माण पूरा करने और इकाई को कार्यशील बनाने के लिए एक वर्ष का अतिरिक्त समय देने का फैसला भी उद्यमियों के लिए राहत भरा है। Noida News
नीति में शेयरधारिता में बदलाव की सूचना निर्धारित समय पर नहीं देने की स्थिति में लगने वाले विलंब शुल्क को भी कम किया गया है। पहले यह शुल्क 500 रुपये प्रतिदिन था, जिसे घटाकर 300 रुपये प्रतिदिन कर दिया गया है। NEA के मुताबिक, इस बदलाव से कंपनियों के पुनर्गठन और प्राइवेट लिमिटेड कंपनी को LLP में बदलने जैसी प्रक्रियाओं में भी आसानी होगी। पारिवारिक शेयरधारिता हस्तांतरण के नियमों में भी राहत दी गई है। अब सास-ससुर से पुत्रवधू को शेयर हस्तांतरण को शुल्क में छूट के लिए निर्धारित पारिवारिक संबंधों की श्रेणी में शामिल किया गया है। इससे परिवार के भीतर शेयर हस्तांतरण की प्रक्रिया पहले की तुलना में आसान होगी। Noida News
विपिन कुमार मल्हन ने कहा कि यूनिफाइड रेगुलेशन-2025 में किए गए संशोधनों से औद्योगिक निवेश और कारोबार को प्रोत्साहन मिलेगा। साथ ही, उद्यमियों पर पड़ने वाला आर्थिक और प्रक्रियागत बोझ भी कम होगा। उन्होंने प्राधिकरण के अधिकारियों से भविष्य में भी उद्योगों की जरूरतों और उद्यमियों के हितों को ध्यान में रखते हुए इसी तरह सकारात्मक निर्णय लेने की अपेक्षा जताई। Noida News
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