नोएडा में सक्रिय बिल्डर बहुत बदनाम हो चुके हैं। नोएडा में कारोबार करके अरबों रूपए कमाने वाले अनेक बिल्डर या तो जेल में बंद हैं, जेल जा चुके हैं या फिर जल्दी ही जेल जाने वाले हैं। नोएडा में काम करने वाले ज्यादातर बिल्डर नोएडा प्राधिकरण के बहुत बड़े डिफाल्टर हैं।

Noida News : नोएडा में सक्रिय बिल्डर बहुत बदनाम हो चुके हैं। नोएडा में कारोबार करके अरबों रूपए कमाने वाले अनेक बिल्डर या तो जेल में बंद हैं, जेल जा चुके हैं या फिर जल्दी ही जेल जाने वाले हैं। नोएडा में काम करने वाले ज्यादातर बिल्डर नोएडा प्राधिकरण के बहुत बड़े डिफाल्टर हैं। नोएडा प्राधिकरण ने डिफाल्टर बिल्डरों के ऊपर कानून का डंडा चलाने का फैसला किया है। इस फैसले के तहत नोएडा प्राधिकरण के दो हजार करोड़ रूपए के डिफाल्टर बिल्डरों की प्रोपर्टी को नीलाम किया जाएगा।
आपको बता दें कि नोएडा शहर में कुल 57 बिल्डर परियोजनाएं हैं। कुछ अर्सा पूर्व तक नोएडा के बिल्डरों के ऊपर नोएडा प्राधिकरण के 28 हजार करोड़ रूपए बकाया थे। डिफाल्टर हो चुके बिल्डरों से वसूली करने के लिए उत्तर प्रदेश शासन ने अमिताभ कांत समिति की रिपोर्ट के तहत कार्यवाही के निर्देश दिए थे। इस सिफारिश में यह व्यवस्था थी कि डिफाल्टर बिल्डर नोएडा प्राधिकरण के बकाए का 25 प्रतिशत भुगतान करके आगे के लिए किश्तें जारी रख सकते हैं। इस व्यवस्था के तहत 22 बिल्डरों ने कुल बकाया का 25 प्रतिशत जमा करा दिया। 14 बिल्डर ऐसे हैं जिन्होंने सहमति दी लेकिन अब तक पैसा नहीं दिया। वहीं, 15 बिल्डर वो जिन्होंने कुछ पैसा जमा किया जबकि आठ बिल्डर ऐसे हैं जिन्होंने न तो सहमति दी और न ही वो सामने आ रहे है।
नोएडा में सक्रिय जिन आठ बिल्डरों ने प्राधिकरण का पूरा बकाया हड़प रखा है उन आठ बिल्डरों की प्रोपटी को नोएडा प्राधिकरण जल्दी ही नीलाम कर देगा। इन आठ बिल्डरों के ऊपर नोएडा प्राधिकरण के दो हजार करोड़ रूपए से अधिक बकाया हैं। जिन बिल्डरों की प्रोपर्टी नीलाम की जाएगी उन बिल्डरों के नाम एमपीजी रियल्टी प्राइवेट लिमिटेड 38.92 करोड़ रुपए, एजीसी रियल्टी प्राइवेट लिमिटेड 20.80 करोड़ रुपए, मनीषा कीबी प्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड 0.38 करोड़ रुपए, आईवीआर प्राइम 659.92 करोड़ रुपए, आरजी रेजीडेंसी 70 करोड़ रुपए, गार्डेनिया इंडिया लिमिटेड 11.84 करोड़ रुपए तथा फ्यूटेक शेल्टर प्राइवेट लिमिटेड 114.71 करोड़ रुपए हैं।