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नोएडा में हुआ 52 हजार करोड़ रूपए का सबसे बड़ा घोटाला फाइलों में कहीं दब गया है। नोएडा प्राधिकरण की पूरी जांच करके भारत के नियंत्रक एंव महालेखा परीक्षक (CAG) ने सरकार को सौंपी थी। CAG ने यह रिपोर्ट दिसंबर-2021 में सरकार को सौंप दी थी।

Noida News : नोएडा में हुआ 52 हजार करोड़ रूपए का सबसे बड़ा घोटाला फाइलों में कहीं दब गया है। नोएडा प्राधिकरण की पूरी जांच करके भारत के नियंत्रक एंव महालेखा परीक्षक (CAG) ने सरकार को सौंपी थी। CAG ने यह रिपोर्ट दिसंबर-2021 में सरकार को सौंप दी थी। दुर्भाग्यपूर्ण ही कहा जाएगा कि नोएडा में हुए 52 हजार करोड़ रूपए के घोटाले का यह मामला लगातार फाइलों में दबकर रह गया है। नोएडा के लोग सवाल कर रहे हैं कि क्या नोएडा प्राधिकरण में हुए इस महा घोटाले में कोई कार्यवाही होगी? Noida News
आपको बता दें कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नोएडा प्राधिकरण में हुए घपले तथा घोटाले की जांच CAG से कराने की घोषणा की थी। वर्ष-2017 में उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के दौरान गाजियाबाद की एक जनसभा में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा था कि उत्तर प्रदेश में भाजपा की सरकार बनते ही नोएडा में हुए घोटालों की जांच CAG से कराई जाएगी। वर्ष-2017 में उत्तर प्रदेश में भाजपा की सरकार बनते ही नोएडा प्राधिकरण के घोटालों की जांच की जिम्मेदारी CAG को दे दी गई थी। CAG ने लम्बी जांच करके अपनी जांच रिपोर्ट सरकार को सौंप दी थी। अपनी रिपोर्ट में CAG ने कहा था कि नोएडा प्राधिकरण में 52 हजार करोड़ रूपए का घोटाला हुआ है। वर्ष-2021 से CAG की रिपोर्ट सरकार की फाइलों में धूल खा रही है। Noida News
नोएडा प्राधिकरण में हुए 52 हजार करोड़ रूपए के इस घोटाले का समय वर्ष-2005 से वर्ष-2017 के बीच का है। CAG ने नोएडा प्राधिकरण द्वारा वर्ष-2005 से 2017 के बीच लिए गए फैसलों में 52 हजार करोड़ रूपए के घोटाले को सिलसिलेवार ढंग से अपनी रिपोर्ट में लिखा है। समझा जा रहा था कि भारत सरकार के द्वारा कराई गई CAG की जांच के आधार पर घोटालेबाज अफसरों के विरूद्ध ठोस कार्यवाही की जाएगी। नतीजा इस सोच के विरूद्ध साबित हुआ। वर्ष-2021 से नोएडा में हुआ इतना बड़ा घोटाला फाइलों में दब कर रह गया है। Noida News
नोएडा में हुए इतने बड़े घोटाले के मास्टर माइंड का खुलासा चेतना मंच ने अपनी खबरों में किया था। चेतना मंच ने उजागर किया था कि नोएडा प्राधिकरण में हुए सबसे बड़े घोटाले का मास्टर माइंड सरदार मोहिंदर सिंह नाम का IAS अधिकारी है। सरदार मोहिंदर सिंह वर्ष-2010 से लेकर वर्ष-2017 तक नोएडा प्राधिकरण में CEO के पद पर तैनात रहा है। उत्तर प्रदेश के इस IAS अधिकारी सरदार मोहिंदर सिंह को सबसे अधिक भ्रष्ट अधिकारी माना जाता है। सरदार मोहिंदर सिंह की देखरेख में ही नोएडा प्राधिकरण में पूरे 52 हजार करोड़ रुपए का घोटाला हुआ है। Noida News
सरदार मोहिंदर सिंह नोएडा प्राधिकरण में 14 दिसंबर 2010 को तैनात हुए थे। नोएडा में आते ही मोहिंदर सिंह ने अपने राजनैतिक आका तैयार कर लिए थे। अपने राजनैतिक आकाओं को अरबों रूपयों की कमाई करवाने के मकसद से सरदार मोहिंदर सिंह ने एक “खेल” शुरू किया था। खेल यह था कि नोएडा प्राधिकरण की हजारों करोड़ मूल्य रूपये की जमीन मात्र 10 प्रतिशत धनराशि जमा कराकर कोई भी बिल्डर आवंटित करा सकता था। शर्त यह थी कि जमीन की कीमत का 25 प्रतिशत (सैकड़ों करोड़) मोहिंदर सिंह तथा उसके राजनीतिक आकाओं को नगद भेंट करना होता था। इसी “खेल” के दौरान नोएडा प्राधिकरण के डिफाल्टर बिल्डर आम्रपाली, सुपरटेक, लॉजिक्स तथा थ्री-सी जैसे बिल्डरों को नोएडा प्राधिकरण की 10 हजार करोड रूपए से भी अधिक की जमीन आवंटित की गई थी। बिल्डरों ने इस आवंटन के बदले लाखों करोड़ रूपए की रिश्वत मोहिंदर सिंह तथा उसके आकाओं को दी थी। मोटी रिश्वत देने के कारण बिल्डरों ने नोएडा प्राधिकरण का बकाया चुकाने का प्रयास कभी किया ही नहीं। इस प्रकार नोएडा प्राधिकरण में हजारों करोड़ रूपए का “खेला” हो गया। Noida News
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