
दरअसल, इस अवैध धंधे का खुलासा तब हुआ जब बारातघर में एक तेरहवीं के कार्यक्रम के लिए हलवाई खाना बना रहे थे। हलवाइयों ने देखा कि बारात घर के पास स्थित कमरे में लगातार ठोंकने व पीटने की आवाज आ रही थी। हलवाई तथा बारात घर की बुकिंग करने वाले कार्यक्रम के आयोजकों ने जब देखा तो पता चला कि पास के कमरे में कुछ कबाड़ी पुरानी मोटर साइकिल को काटकर उसके पुर्जे अलग किए जा रहे थे। कार्यक्रम के आयोजकों ने इसकी खबर फेस-2 स्थित पुलिस को दी। बताया जाता है कि इस सोसायटी में कालातीत आरडब्ल्यूए के पदाधिकारियों के संरक्षण में यह अवैध कार्य चल रहा था। उन्होंने पुरानी बाइक किसी कबाड़ी से सांठ-गांठ कर ठेका दे दिया तथा वही कबाड़ी बारात घर के कमरे में बाइक काटकर पुर्जे अलग करने का कार्य कर रहे थे। ये सभी बाइक सोसाइटी में लावारिस खड़ी थी तथा कुछ किरायेदार इन्हें छोडक़र चले गये थे। लेकिन आरडब्ल्यूए अध्यक्ष ने पुलिस को इसकी जानकारी न देकर कबाडिय़ों को काटने का ठेका दे दिया