नोएडा के बिजनेसमैन से दस करोड़ का लोन दिलाने के नाम पर की गई चार करोड़ की ठगी
Noida News
भारत
चेतना मंच
30 Nov 2025 07:08 PM
Noida News : नोएडा के बिजनेसमैन से दस करोड़ का लोन दिलाने के नाम पर चार करोड़ की ठगी का मामला सामने आया है। बिजनेसमैन को लोन तो मिल गया, लेकिन एक साल बाद ही लोन बंद कर दिया गया और उसका खाता एनपीए कर दिया गया। जब पीड़ित ने बैंक जाकर जांच पड़ताल की, तो पूरे ठगी में बैंक के रीजनल मैनेजर समेत पूरा गैंग ठगी में शामिल होने की जानकारी हुई। जिनके चलते पीड़ित का व्यापार चौपट हो गया। जब पीड़ित ने नोएडा पुलिस से शिकायत की, लेकिन वहां पर उसकी शिकायत दर्ज नहीं की गई। जिसके बाद बिजनेसमैन ने ग्रेटर नोएडा के सूरजपुर कोर्ट के आदेश से नोएडा के थाना एक्सप्रेसवे में एफआईआर दर्ज कराई है।
नोएडा के बिजनेसमैन से ऐसे की गई चार करोड़ की ठगी
नोएडा के सेक्टर-129 में संदीप कुमार की इलेक्ट्रोनिक्स उपकरण बनाने की कंपनी है। व्यापारी को अपना धंधा बढ़ाने के लिए दस करोड़ रुपयों की आवश्यता थी। बिजनेसमैन ने लोन एजेंट सलमान नामक शख्स से संपर्क किया। पीड़ित का कहना है कि लोन एजेंट ने उसकी मुलाकात दिल्ली के रहने वाले आशीश गोगिया से कराई। एफआईआ के मुताबिक, उक्त दोनों आरोपियों ने उनकी व्यापारी की मुलाकात नोएडा की सेक्टर-18 स्थित आईसीआईसीआई बैंक के रीजनल मैनेजर संतोष सिंह और कर्मचारी प्रियंका अग्रवाल से कराई। पीड़ित को बताया गया कि उसे दस करोड़ का लोन लेने के लिए दस करोड़ कीमत की प्रापर्टी के पेपर चाहिए, तो व्यापारी ने बताया कि उनके पास इतनी प्रापर्टी के पेपर नहीं है। ऐसे में दूसरे व्यक्ति के प्रॉपर्टी के पेपर लगाकर लोन दिलाने का वायदा किया। जालसाजें ने शर्त रखी कि जिसकी प्रापर्टी के पेपर लगाए जाएंगे, उन्हें अपनी कंपनी में डायरेक्टर बनाना होगा और दस करोड़ के लोन एमाउंट से 30 प्रतिशत पैसा उसे देना होगा। इस पर पीड़ित राजी हो गया और पेपर लगाने के बाद लोन भी दस करोड़ रुपए सेंक्शन हो गया। पीड़ित चार करोड़ का कमीशन भी दे दिया। जिसके एक साल बाद लोन एनपीए कर दिया गया। जिससे पीड़ित का व्यापार चौपट हो गया।
फर्जी पेपर पर दिलाया गया दस करोड़ का लोन
पीड़ित ने बताया कि नोएडा के सेक्टर-18 स्थित बैंक में जब वह अपने लोन एकाउंट के एनपीए हो जाने की जानकारी लेने पहुंचा, तो उसे बताया गया कि जालसाजों ने जिस 300 गज के प्लॉट के पेपर लगाए हैं। वह पेपर फर्जी हैं। इसीलिए उनका लोन एनपीए कर दिया गया। जिसके बाद हैरान परेशान बिजनेसमैन पुलिस के पास पहुंचा। जहां पर उसने अपने साथ हुई जालसाजी की पूरी कहानी बताई। मगर पीड़ित की शिकायत पर एफआईआर दर्ज नहीं की गई। नोएडा के व्यापारी ने कोर्ट के आदेश पर करीब तीन साल बाद मुकद्मा दर्ज कराया है।
नोएडा की आईसीआईसीआई बैंक के कथित रीजनल मैनेजर समेत छह पर कराई एफआईआर
नोएडा के व्यापारी ने सेक्टर-18 नोएडा स्थित आईसीआईसीआई बैंक मैनेजिंग डायरेक्टर, रीजनल मैनेजर संतोष सिंह, बैंककर्मी प्रियंका अग्रवाल के अलावा प्रापर्टी के फर्जी पेपर लगाने वाले अनिल शर्मा और आशीष गोगिया समेत छह के खिलाफ एफआईआर कराई है। पीड़ित ने बताया कि सभी ने मिलकर उन्हें अपने ठगी के जाल में फंसाया और उन्हें फर्जी तरीके से दस करोड़ का लोन दिलाया गया। उसमें में सभी ने चार करोड़ का कमीशन ले लिया और फरार हो गए। इन सभी के चलते उसका खाता एनपीए हो गया।