नोएडा के विधायक एवं भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता पंकज सिंह ने इस पूरे मामले को उत्तर प्रदेश सरकार के सामने प्रमुखता से उठाते हुए अपील की है कि इन कॉलोनियों में रह रहे आम नागरिकों को कार्रवाई के दौरान अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।

Noida News : नोएडा के छिजारसी, चोटपुर और आसपास के डूब क्षेत्र की कॉलोनियों में अवैध बिजली कनेक्शनों के खिलाफ चल रही कार्रवाई के बीच अब आम नागरिकों की परेशानी का मुद्दा भी प्रमुखता से उठने लगा है। नोएडा के विधायक एवं भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता पंकज सिंह ने इस पूरे मामले को उत्तर प्रदेश सरकार के सामने प्रमुखता से उठाते हुए अपील की है कि इन कॉलोनियों में रह रहे आम नागरिकों को कार्रवाई के दौरान अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। पंकज सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर उत्तर प्रदेश सरकार और संबंधित अधिकारियों को टैग करते हुए इस मामले में हस्तक्षेप की मांग की है। उनका कहना है कि अवैध बिजली कनेक्शनों के खिलाफ कार्रवाई अपनी जगह है, लेकिन वर्षों से इन कॉलोनियों में रहकर अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहे सामान्य नागरिकों की समस्याओं को भी संवेदनशीलता के साथ देखा जाना चाहिए। Noida News
दरअसल, नोएडा के छिजारसी और चोटपुर क्षेत्र के डूब क्षेत्र में अवैध बिजली कनेक्शनों के खिलाफ विद्युत निगम ने बड़े स्तर पर अभियान शुरू किया है। अधिकारियों के अनुसार जांच में करीब 13 हजार अवैध बिजली कनेक्शन सामने आए हैं और अब तक 3 हजार से अधिक कनेक्शन काटे जा चुके हैं। कार्रवाई के दौरान कई ट्रांसफॉर्मर भी जब्त किए गए हैं तथा बिजली चोरी के मामलों में मुकदमे दर्ज किए गए हैं। विद्युत निगम का तर्क है कि डूब क्षेत्र में अवैध रूप से बिजली आपूर्ति और बिजली चोरी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। दूसरी ओर, स्थानीय लोगों का कहना है कि इन कॉलोनियों में बड़ी संख्या में परिवार लंबे समय से रह रहे हैं और बिजली कटने से उनके सामने रोजमर्रा की गंभीर समस्याएं खड़ी हो गई हैं। Noida News
इन कॉलोनियों में बिजली आपूर्ति बाधित होने का असर केवल घरों की रोशनी और बिजली से चलने वाले उपकरणों तक सीमित नहीं है। कई इलाकों में लोग सबमर्सिबल पंप के जरिए पानी की व्यवस्था करते हैं। बिजली कटने के बाद पानी की समस्या भी बढ़ गई है और लोगों को टैंकर या अन्य माध्यमों से पानी की व्यवस्था करनी पड़ रही है। ऐसे में स्थानीय नागरिकों का कहना है कि नियमों का पालन कराने के साथ-साथ यह भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि कार्रवाई का सीधा असर उन परिवारों पर न पड़े जो वर्षों से इन क्षेत्रों में रह रहे हैं।
इसी पृष्ठभूमि में विधायक पंकज सिंह का हस्तक्षेप महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उन्होंने सरकार के समक्ष यह विषय उठाते हुए मूल रूप से इस बात पर जोर दिया है कि कॉलोनियों में रहने वाले सामान्य नागरिकों को कार्रवाई के नाम पर अनावश्यक रूप से परेशान नहीं किया जाना चाहिए। पंकज सिंह की इस पहल को स्थानीय लोगों की समस्याओं को शासन के स्तर तक पहुंचाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि, विधायक की X पोस्ट का पूरा मूल पाठ उपलब्ध न हो पाने के कारण इस खबर में उनके बयान का वही आशय रखा गया है जिसकी पुष्टि उपलब्ध संदर्भों से होती है।
इस पूरे मामले ने नोएडा में अनधिकृत कॉलोनियों, डूब क्षेत्र में आवासीय गतिविधियों और बिजली आपूर्ति की व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। एक तरफ विद्युत निगम अवैध कनेक्शनों और बिजली चोरी के खिलाफ कार्रवाई को जरूरी बता रहा है, वहीं दूसरी तरफ हजारों परिवारों की रोजमर्रा की जरूरतों और मानवीय समस्याओं का सवाल सामने है। स्थानीय स्तर पर यह सवाल भी उठ रहा है कि यदि इन क्षेत्रों में लंबे समय से बड़ी संख्या में लोग रह रहे थे और बिजली-पानी जैसी सुविधाओं का इस्तेमाल कर रहे थे तो ऐसी स्थिति बनने से पहले संबंधित विभागों ने क्या कार्रवाई की। यही वजह है कि अब मामला केवल बिजली कनेक्शन काटने तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि आम नागरिकों की सुरक्षा, बुनियादी सुविधाओं और प्रशासनिक जवाबदेही से भी जुड़ गया है। Noida News
बिजली कनेक्शन काटे जाने के विरोध में स्थानीय संगठनों ने 6 सितंबर को महापंचायत का ऐलान किया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बिजली कटने से उनकी परेशानियां बढ़ गई हैं और वे शासन-प्रशासन के सामने अपनी समस्याएं रखना चाहते हैं। ऐसे समय में विधायक पंकज सिंह द्वारा सरकार के समक्ष आम नागरिकों की परेशानी का मुद्दा उठाए जाने से इस मामले में राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर चर्चा तेज हो गई है। अब निगाहें इस बात पर हैं कि शासन और विद्युत निगम अवैध कनेक्शनों के खिलाफ कार्रवाई जारी रखते हुए प्रभावित परिवारों की समस्याओं के समाधान के लिए क्या रास्ता निकालते हैं। नोएडा में बिजली का यह मामला अब सिर्फ अवैध कनेक्शन काटने की कार्रवाई नहीं रह गया है, बल्कि हजारों परिवारों की बुनियादी जरूरत और प्रशासनिक व्यवस्था के बीच संतुलन की बड़ी चुनौती बन गया है। Noida News
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