Noida News: ई-सिटी बसों की निगरानी के लिए अब ऑनलाइन ट्रैकिंग सिस्टम का इस्तेमाल किया जाएगा। जिले की तीनों अथॉरिटी और परिवहन विभाग मिलकर बसों की आवाजाही पर नजर रखेंगे। इस व्यवस्था से अधिकारियों को हर बस की पूरी जानकारी मिल सकेगी।

गौतमबुद्ध नगर में सफर करने वाले यात्रियों के लिए जल्द ही बड़ी राहत मिल सकती है। नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना क्षेत्र में चल रही ई-सिटी बस सेवा को और बेहतर बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। जिन रूटों पर यात्रियों की संख्या कम मिल रही है वहां अब बसों के रूट बदले जा सकते हैं। इसके साथ ही न्यूनतम किराया घटाकर 10 रुपये करने की योजना पर भी विचार किया जा रहा है। अधिकारियों का मानना है कि किराया कम होने और रूट में बदलाव से ज्यादा से ज्यादा लोग सिटी बस सेवा का इस्तेमाल कर सकेंगे। इससे यात्रियों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी और बसों का संचालन भी ज्यादा प्रभावी हो पाएगा।
ई-सिटी बसों की निगरानी के लिए अब ऑनलाइन ट्रैकिंग सिस्टम का इस्तेमाल किया जाएगा। जिले की तीनों अथॉरिटी और परिवहन विभाग मिलकर बसों की आवाजाही पर नजर रखेंगे। इस व्यवस्था से अधिकारियों को हर बस की पूरी जानकारी मिल सकेगी। कौन सी बस किस रूट पर चल रही है, वहां यात्रियों की संख्या कितनी है और किस रूट पर बसों का इस्तेमाल कम हो रहा है, इसका पूरा डेटा सामने आएगा। डेटा के आधार पर उन रूटों में बदलाव किया जाएगा जहां यात्रियों की संख्या कम है। इससे बसों को ऐसे इलाकों तक पहुंचाने की कोशिश होगी जहां लोगों को सार्वजनिक परिवहन की ज्यादा जरूरत है।
गौतमबुद्ध नगर में फिलहाल ई-सिटी बस सेवा 19 रूटों पर संचालित हो रही है। यह सेवा 12 जून से शुरू की गई थी और वर्तमान में कुल 100 बसें यात्रियों को सुविधा दे रही हैं। इनमें नोएडा अथॉरिटी की ओर से 50 बसें, ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी की ओर से 25 बसें और यमुना अथॉरिटी की ओर से 25 बसें चलाई जा रही हैं। इन बसों का उद्देश्य नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना क्षेत्र के लोगों को बेहतर और सस्ती सार्वजनिक परिवहन सुविधा उपलब्ध कराना है।
ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी की ओर से ई-सिटी बसों के किराए में बदलाव की तैयारी की जा रही है। योजना है कि बसों का न्यूनतम किराया घटाकर 10 रुपये कर दिया जाए। अधिकारियों को उम्मीद है कि किराया कम होने से ज्यादा लोग बस सेवा का इस्तेमाल करेंगे। खासकर नौकरीपेशा लोगों, छात्रों और रोजाना यात्रा करने वाले यात्रियों को इसका फायदा मिल सकता है। कम किराए के साथ अगर रूट भी लोगों की जरूरत के हिसाब से तय किए जाते हैं तो यह सेवा शहर की लाइफलाइन बन सकती है।
अधिकारियों के मुताबिक आने वाले समय में ई-सिटी बसों का विस्तार किया जाएगा। कोशिश है कि ज्यादा से ज्यादा सेक्टरों के साथ आसपास के कस्बों और ग्रामीण इलाकों को भी इस सुविधा से जोड़ा जाए। यमुना अथॉरिटी ने अपने रूटों में पहले ही कई गांवों को शामिल किया है जिससे यात्रियों को फायदा मिला है। अब अन्य इलाकों में भी जरूरत के हिसाब से बदलाव किए जाएंगे।
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