सौरभ दास की टीम द्वारा स्कूलों की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किए जाने की सूचना के बाद नोएडा के जिला प्रशासन व शिक्षा विभाग से लेकर स्कूल प्रबंधन तक हलचल की स्थिति दिखाई दी। इस दौरान कुछ स्कूलों के गेट अंदर से बंद किए जाने की बात भी सामने आई है।

Noida News : दिल्ली से सटे नोएडा में मंगलवार को शिक्षा व्यवस्था को लेकर अचानक हलचल तेज हो गई। CJP (कॉकरोच जनता पार्टी) के सह-संयोजक एवं प्रवक्ता सौरभ दास अपनी टीम के साथ नोएडा पहुंचे और ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान के तहत स्कूलों की जमीनी हकीकत जांचने का सिलसिला शुरू कर दिया। सौरभ दास की टीम द्वारा स्कूलों की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किए जाने की सूचना के बाद नोएडा के जिला प्रशासन व शिक्षा विभाग से लेकर स्कूल प्रबंधन तक हलचल की स्थिति दिखाई दी। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो और पोस्ट के मुताबिक CJP की टीम स्कूलों में पहुंचकर पढ़ाई का माहौल, साफ-सफाई, शौचालय, भवन की स्थिति और बच्चों को उपलब्ध कराई जा रही मूलभूत सुविधाओं का जायजा ले रही है। इस दौरान कुछ स्कूलों के गेट अंदर से बंद किए जाने की बात भी सामने आई है। हालांकि, इन स्कूलों के प्रबंधन की ओर से गेट बंद किए जाने का कारण अभी स्पष्ट नहीं हुआ है। Noida News
सौरभ दास ने नोएडा पहुंचकर ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान के तहत स्कूल ऑडिट की शुरुआत की है। CJP का दावा है कि इस अभियान का मकसद स्कूलों में बच्चों को मिल रही सुविधाओं और शिक्षा व्यवस्था की वास्तविक स्थिति को सामने लाना है। CJP के Gen-Z दस्ते ने गढ़ी चौखंडी के प्राइमरी स्कूल का भी निरीक्षण किया। सौरभ दास ने कहा है कि नोएडा उत्तर प्रदेश के बेहतर जिलों में शामिल है और इसलिए यहां स्कूलों की स्थिति भी बेहतर होने की उम्मीद है। लेकिन टीम के निरीक्षण के दौरान जो तस्वीर सामने आएगी, उसे सार्वजनिक किया जाएगा। CJP की ओर से युवाओं से भी अपील की गई है कि वे अपने आसपास के स्कूलों की स्थिति का ऑडिट करें और स्कूलों में बच्चों को मिल रही सुविधाओं की वास्तविक तस्वीर सामने लाएं। Noida News
नोएडा के गढ़ी चौखंडी के प्राइमरी स्कूल के निरीक्षण के दौरान स्कूल के शौचालय की खराब स्थिति सामने आने के बाद सौरभ दास ने व्यवस्था पर सवाल उठाए। उन्होंने टूटे दरवाजे और गंदगी की ओर ध्यान दिलाते हुए सवाल किया कि जब बच्चों को बेहतर शिक्षा और सुविधाएं देने की बात की जाती है तो उन्हें ऐसी स्थिति वाले शौचालय क्यों उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इसी दौरान CJP टीम को यह जानकारी मिली कि स्कूल की मरम्मत के लिए बजट स्वीकृत हो चुका है। इसके बाद सौरभ दास ने सवाल उठाया कि यदि मरम्मत के लिए धन उपलब्ध कराया जा रहा है तो यह काम पहले क्यों नहीं हुआ ? Noida News
नोएडा में CJP की टीम के स्कूल निरीक्षण की खबर फैलते ही कई स्कूलों व जिला प्रशासन तथा शिक्षा विभाग में हलचल देखने को मिली। स्थानीय स्तर पर ऐसी चर्चाएं भी सामने आईं कि कुछ स्कूलों ने निरीक्षण की सूचना मिलते ही अपने गेट अंदर से बंद कर दिए।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर स्कूलों के प्रबंधन को निरीक्षण से डर किस बात का है?
क्या स्कूलों में सब कुछ ठीक है?
क्या बच्चों को पर्याप्त सुविधाएं मिल रही हैं?
क्या शौचालय और साफ-सफाई की व्यवस्था मानकों के अनुरूप है?
क्या स्कूल भवन सुरक्षित हैं?
क्या शिक्षा व्यवस्था वास्तव में उतनी बेहतर है जितना सरकारी रिकॉर्ड में दिखाई देती है?
इन सवालों के जवाब CJP के स्कूल ऑडिट के बाद सामने आने की उम्मीद है। Noida News
CJP का ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान पिछले कुछ समय से देशभर में चर्चा में है। इससे पहले सौरभ दास की टीम ने अलग-अलग राज्यों में स्कूलों का निरीक्षण किया है। दिल्ली में भी स्कूलों की स्थिति को लेकर CJP ने सवाल उठाए थे और स्कूलों में मूलभूत सुविधाओं की कमी के आरोप लगाए थे। राजस्थान में CJP द्वारा एक जर्जर सरकारी स्कूल की स्थिति सामने लाए जाने के बाद उस भवन को गिराए जाने की खबर भी सामने आई थी। हालांकि, CJP के स्कूल निरीक्षण के तरीके और अलग-अलग राज्यों में अभियान को लेकर राजनीतिक बहस भी छिड़ चुकी है। पंजाब के स्कूलों को लेकर कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने सौरभ दास से सवाल किया था कि अलग-अलग राज्यों में स्कूलों की जांच एक समान तरीके से क्यों नहीं की जा रही। Noida News
नोएडा से शुरू हुआ यह अभियान केवल गौतमबुद्ध नगर तक सीमित रहेगा या पश्चिमी उत्तर प्रदेश के दूसरे जिलों तक पहुंचेगा, यह देखना महत्वपूर्ण होगा। नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद, मेरठ, बुलंदशहर, हापुड़, बागपत, मुजफ्फरनगर और आसपास के क्षेत्रों में बड़ी संख्या में सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूल हैं। ऐसे में यदि CJP का स्कूल ऑडिट अभियान पश्चिमी उत्तर प्रदेश के दूसरे हिस्सों तक पहुंचता है तो शिक्षा विभाग के लिए यह बड़ा मुद्दा बन सकता है। Noida News
सौरभ दास की टीम यदि निरीक्षण के दौरान स्कूलों की कमियां वीडियो और दस्तावेजों के साथ सामने लाती है तो शिक्षा विभाग को उन शिकायतों पर जवाब देना पड़ सकता है। वहीं दूसरी तरफ यदि नोएडा के स्कूलों में व्यवस्थाएं बेहतर मिलती हैं तो यह प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था के लिए सकारात्मक तस्वीर भी सामने ला सकती है। फिलहाल नोएडा में CJP के स्कूल निरीक्षण अभियान ने शिक्षा व्यवस्था को लेकर नई बहस जरूर छेड़ दी है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि सौरभ दास और उनकी टीम के स्कूल ऑडिट की अंतिम रिपोर्ट में नोएडा की शिक्षा व्यवस्था की कैसी तस्वीर सामने आती है। चेतना मंच इस मामले से जुड़ी हर ताजा जानकारी पर नजर बनाए हुए है। Noida News
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