
Noida News : नोएडा में औद्योगिक विकास और निवेश के मार्ग में नोएडा प्राधिकरण में फैला भ्रष्टाचार रोडा बना हुआ है। प्राधिकरण में उद्यमी को कोई भी काम करवाने के लिए महीनों का इंतजार करना पड़ता है।
एमएसएमई इंडस्ट्रियल एसोसिएशन ने नोएडा प्राधिकरण में फैले भ्रष्टाचार की शिकायत उप्र के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से की है। एसोसिएशन के गौतमबुद्धनगर जिलाध्यक्ष सुरेन्द्र नाहटा ने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में कहा है कि सुपरटेक ट्वीन टॉवर मामले में सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी की "प्राधिकरण भ्रष्टाचार में आंकठ डूबा है" ने जग जाहिर कर दिया था कि प्राधिकरण के अधिकारी व कर्मचारी किस हद तक भ्रष्टाचार में डूबे हैं। प्राधिकरण में बैठे सिफारिशी भ्रष्ट कर्मचारियों तथा अधिकारी सरकार के सभी प्रयासों पर पानी फेर रहे हैं।
सुरेन्द्र नाहटा ने आरोप लगाया है कि प्राधिकरण में दलालों व बिना सुविधा शुल्क के कोई काम नहीं होता है। फाइल भी एक टेबल से दूसरी टेबल तक नहीं जाती। दलालों पर सख्ती का बीते वर्ष ड्रामा करके प्राधिकरण ने खूब वाहवाही लूटी थी, लेकिन आज भी दलालों के दखल के बिना प्राधिकरण में समय से कोई काम नहीं होता।
एसोसिएशन के अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री को पत्र में बताया कि सेक्टर-9 में भूखंड संख्या जी-66 तथा सेक्टर-10 में भूखंड संख्या ए-20 पर नये उद्योग लगाने के लिए उद्यमी ने प्राधिकरण में ट्रांसफर मेमोरेंडम (टीएम) के लिए आवेदन किया है। लेकिन महीने भर बाद भी उन्हें टीएम नहीं मिला। प्राधिकरण के औद्योगिक विभाग में बैठे अधिकारी व कर्मचारी खुली मनमानी कर रहे हैं।
प्राधिकरण में फैले भ्रष्टाचार पर हमला करते हुए श्री नाहटा ने कहा कि प्राधिकरण पहले उद्यमी को भूखंड देता है फिर गलत उपयोग का नोटिस भेजा जाता है और फिर मोटी रकम लेकर ठीक कर दिया जाता है। कई उद्योगों को फंक्शनल न होने के भी नोटिस भेजे गए हैं।
सुरेन्द्र नाहटा ने संस्था के पदाधिकारियों के साथ मुख्यमंत्री से मिलने का समय मांगा है ताकि कई अन्य समस्याओं को उनके समक्ष रखा जा सके।