प्रॉपर्टी खरीदने में मदद के नाम पर 25 लाख रुपये की कथित ऑनलाइन ठगी का मामला सामने आया। साइबर क्राइम थाना सेक्टर-36 में केस दर्ज कर जांच शुरू।

नोएडा। उत्तर प्रदेश के हाईटेक शहर नोएडा में साइबर ठगी के मामले लगातार चिंता बढ़ा रहे हैं। कभी बैंक अधिकारी बनकर, कभी निवेश का लालच देकर तो कभी नौकरी और केवाईसी अपडेट के नाम पर लोगों को ठगी का शिकार बनाया जा रहा है। अब प्रॉपर्टी खरीदने में मदद दिलाने के नाम पर 25 लाख रुपये की कथित ऑनलाइन साइबर ठगी का मामला सामने आया है। इस घटना ने ऑनलाइन प्रॉपर्टी डील के दौरान होने वाले साइबर फ्रॉड को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मामले में सोरव सेन, निवासी महागुन मेट्रो, सेक्टर-50, नोएडा की शिकायत के आधार पर साइबर क्राइम थाना सेक्टर-36 में मुकदमा दर्ज किया गया है। शिकायतकर्ता ने शिवेंद्र शाही नामक व्यक्ति पर प्रॉपर्टी खरीदने में मदद के नाम पर ऑनलाइन धोखाधड़ी कर करीब 25 लाख रुपये की रकम हड़पने का आरोप लगाया है। Noida News
पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार पीड़ित प्रॉपर्टी खरीदना चाहता था। इसी दौरान शिवेंद्र शाही नामक व्यक्ति ने उसे प्रॉपर्टी खरीदने में मदद करने और प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का भरोसा दिया। आरोप है कि इसी भरोसे के बीच पीड़ित से ऑनलाइन माध्यम से करीब 25 लाख रुपये की रकम ले ली गई। शिकायतकर्ता के मुताबिक कथित घटना 4 और 5 अगस्त 2025 को हुई। पुलिस दस्तावेजों में संपत्ति की कुल कीमत 25 लाख रुपये दर्ज होने का उल्लेख है। हालांकि, मामले में लगाए गए आरोपों की वास्तविकता और रकम के लेन-देन की पूरी कड़ी पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
मामले में एक महत्वपूर्ण तथ्य यह भी सामने आया है कि पीड़ित ने कथित साइबर ठगी की घटना को लेकर पहले ही साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई थी। दस्तावेजों में दो शिकायत नंबरों का भी उल्लेख किया गया है। बताया गया है कि कथित रूप से ठगी गई रकम वापस नहीं मिलने के बाद पीड़ित ने साइबर क्राइम पुलिस से संपर्क कर आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की। अब पुलिस के सामने यह पता लगाना महत्वपूर्ण होगा कि रकम किन बैंक खातों में पहुंची, ट्रांजैक्शन के दौरान किन मोबाइल नंबरों और डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल हुआ तथा इस पूरे मामले में आरोपी की वास्तविक भूमिका क्या रही।
यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब नोएडा जैसे तेजी से डिजिटल होती अर्थव्यवस्था वाले शहर में साइबर अपराध पुलिस के लिए लगातार बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। शहर में बड़ी संख्या में लोग ऑनलाइन बैंकिंग, डिजिटल पेमेंट, ऑनलाइन निवेश, ई-कॉमर्स और इंटरनेट के माध्यम से प्रॉपर्टी संबंधी जानकारी हासिल करते हैं। साइबर अपराधी इसी डिजिटल सुविधा का फायदा उठाकर लोगों को अपने जाल में फंसाते हैं। कई मामलों में अपराधी पहले पीड़ित का विश्वास हासिल करते हैं और उसके बाद अलग-अलग बहानों से बैंक खाते में रकम ट्रांसफर करा लेते हैं।
प्रॉपर्टी खरीदने के नाम पर हुई कथित 25 लाख रुपये की ठगी इसलिए भी गंभीर है, क्योंकि इसमें एक बड़ी रकम ऑनलाइन माध्यम से जुड़ी होने का आरोप है।
नोएडा और ग्रेटर नोएडा में जमीन, फ्लैट और व्यावसायिक संपत्तियों की खरीद-बिक्री का बाजार तेजी से बढ़ा है। ऐसे में बड़ी संख्या में खरीदार इंटरनेट और सोशल मीडिया के माध्यम से प्रॉपर्टी की जानकारी तलाशते हैं। यहीं साइबर ठगों के लिए अवसर पैदा होता है। फर्जी प्रॉपर्टी प्रोफाइल, गलत पहचान, आकर्षक कीमत और जल्दी सौदा पूरा करने का दबाव बनाकर लोगों से एडवांस या अन्य शुल्क के नाम पर रकम ट्रांसफर कराने की कोशिश की जा सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार किसी भी प्रॉपर्टी के लिए रकम ट्रांसफर करने से पहले खरीदार को संपत्ति के दस्तावेज, स्वामित्व, संबंधित व्यक्ति की पहचान और बैंक खाते की जानकारी की स्वतंत्र रूप से जांच करनी चाहिए।
पुलिस द्वारा दर्ज मामले की जांच अब डिजिटल लेन-देन और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे बढ़ेगी। जांच में यह पता लगाना अहम होगा कि कथित रूप से ठगी गई रकम किस-किस बैंक खाते में गई और उसके बाद उसे किन खातों में ट्रांसफर किया गया। इसके अलावा इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबर, बैंक खाते, डिजिटल भुगतान माध्यम और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की भी जांच की जा सकती है। पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि इस मामले में केवल एक व्यक्ति की भूमिका थी अथवा इसके पीछे कोई बड़ा साइबर नेटवर्क सक्रिय था।Noida News
नोएडा में प्रॉपर्टी की बढ़ती मांग के बीच सामने आया यह मामला उन लोगों के लिए चेतावनी है जो इंटरनेट या किसी अनजान व्यक्ति के माध्यम से प्रॉपर्टी खरीदने की प्रक्रिया शुरू करते हैं। बड़ी रकम का ऑनलाइन भुगतान करने से पहले केवल किसी व्यक्ति के भरोसे पर निर्णय लेना भारी पड़ सकता है। खरीदारों को प्रॉपर्टी और सामने वाले व्यक्ति की पहचान की स्वतंत्र जांच करने के साथ-साथ भुगतान की प्रत्येक प्रक्रिया का रिकॉर्ड सुरक्षित रखना चाहिए।
नोएडा में बढ़ते साइबर अपराध के बीच सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव है। यदि कोई व्यक्ति प्रॉपर्टी खरीदने, निवेश, बैंकिंग या किसी अन्य ऑनलाइन लेन-देन के नाम पर तत्काल बड़ी रकम ट्रांसफर करने का दबाव बना रहा है तो बिना स्वतंत्र सत्यापन के भुगतान करने से बचना चाहिए। साइबर ठगी की आशंका होने पर पीड़ित को तत्काल संबंधित साइबर अपराध माध्यम पर शिकायत दर्ज कराने के साथ पुलिस से भी संपर्क करना चाहिए। समय पर सूचना देने से रकम के लेन-देन को रोकने या उसकी डिजिटल कड़ी तक पहुंचने की संभावना बढ़ सकती है। Noida News
नोट: समाचार में लगाए गए आरोप शिकायत और पुलिस दस्तावेजों पर आधारित हैं। आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही होगी।
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