नोएडा में डिजिटल पेमेंट कंपनी रैपीपे फिनटेक के खाते से साइबर अपराधियों ने महज 23 मिनट में 1.56 करोड़ रुपये ट्रांसफर कर दिए। 3 अक्टूबर को सुबह 10:41 से 11:04 बजे के बीच कुल 43 संदिग्ध ट्रांजेक्शन किए गए।

Noida News : नोएडा में साइबर ठगों ने एक डिजिटल पेमेंट कंपनी को ऐसा झटका दिया है, जिसका अंदाजा शायद कंपनी को भी नहीं था। कुछ ही मिनटों के भीतर खाते से लगातार रकम निकलती रही और जब तक मामला समझ में आता, करोड़ों रुपये दूसरी जगह पहुंच चुके थे। सेक्टर-121 स्थित रैपीपे फिनटेक प्राइवेट लिमिटेड के खाते से साइबर अपराधियों ने महज 23 मिनट के भीतर करीब 1.56 करोड़ रुपये ट्रांसफर कर दिए। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि ठगी के लिए जिस रास्ते का इस्तेमाल किया गया, वह कंपनी के रोजमर्रा के काम से ही जुड़ा था। कंपनी के मुताबिक, 3 अक्टूबर की सुबह करीब 10:41 बजे से 11:04 बजे के बीच ये संदिग्ध लेनदेन हुए। अब पुलिस इस बात की पड़ताल कर रही है कि आखिर ठगों ने सिस्टम तक पहुंच कैसे बनाई और इतनी बड़ी रकम इतनी तेजी से कैसे ट्रांसफर हो गई। Noida News
साइबर ठगी की यह पूरी वारदात बेहद कम समय में अंजाम दी गई। कंपनी के खाते से सुबह 10:41 बजे पहला संदिग्ध ट्रांजेक्शन हुआ और इसके बाद अगले 23 मिनट में कुल 43 लेनदेन किए गए। इन सभी ट्रांजेक्शन के जरिए 1 करोड़ 56 लाख 68 हजार 668 रुपये अलग-अलग खातों में ट्रांसफर किए गए। कंपनी ने पुलिस को संबंधित खातों की बैंकिंग जानकारी भी उपलब्ध कराई है। Noida News
कंपनी की शुरुआती जांच में आशंका जताई गई है कि साइबर अपराधियों ने सोनभद्र के विंढमगंज निवासी फील्ड एजेंट धीरज कुमार केशरी के मोबाइल फोन या उसमें मौजूद ऐप तक अनधिकृत पहुंच बनाई और इसी के जरिए ट्रांजेक्शन किए। हालांकि कंपनी ने अपने फील्ड एजेंट पर किसी तरह की धोखाधड़ी का आरोप नहीं लगाया है। पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि अपराधियों ने मोबाइल और ऐप तक किस तरीके से पहुंच बनाई। Noida News
मामले में कंपनी की ओर से शिकायतकर्ता जितिन जयशील करकरेस ने साइबर क्राइम थाने में शिकायत दी है। कंपनी ने राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल और साइबर हेल्पलाइन 1930 पर भी शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस को उन बैंक खातों की जानकारी भी दी गई है, जिनमें रकम भेजी गई। इसमें खाता नंबर, IFSC कोड, लाभार्थियों के नाम और ट्रांजेक्शन से जुड़े रेफरेंस नंबर शामिल हैं। Noida News
DCP साइबर प्रीति यादव के मुताबिक पुलिस उन खातों की बैंकिंग हिस्ट्री, मोबाइल नंबर, UPI ID और दूसरी डिजिटल जानकारियां जुटा रही है, जिनमें रकम ट्रांसफर हुई है। संबंधित खातों को फ्रीज कराने और रकम की आगे निकासी रोकने का प्रयास भी किया जा रहा है। Noida News
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि साइबर अपराधियों ने कंपनी के फील्ड एजेंट के मोबाइल या ऐप तक पहुंच कैसे बनाई। पुलिस मोबाइल फोन, ऐप की गतिविधियों और बैंक ट्रांजेक्शन की तकनीकी जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही यह पता चल सकेगा कि मोबाइल हैक हुआ, ऐप की सुरक्षा में सेंध लगी या किसी अन्य तकनीकी तरीके से खाते तक पहुंच बनाई गई। Noida News
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