नोएडा कमिश्नरेट में व्यापक फेरबदल, अहम विभागों की जिम्मेदारी बदली
कमिश्नरेट का जोर साफ तौर पर स्पेशलाइज्ड पुलिसिंग पर दिख रहा है, ताकि नोएडा में बढ़ती चुनौतियों के हिसाब से काम की रफ्तार और जवाबदेही दोनों बढ़ाई जा सके। कमिश्नरेट सूत्रों के मुताबिक, यह कदम प्रशासनिक मजबूती के साथ-साथ जनहित में सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने के उद्देश्य से उठाया गया है।

Noida News : नोएडा-ग्रेटर नोएडा में पुलिसिंग को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए गौतमबुद्ध नगर पुलिस कमिश्नरेट में बड़ा प्रशासनिक बदलाव किया गया है। नोएडा पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने ट्रैफिक, महिला सुरक्षा, साइबर, नॉरकोटिक्स और FRRO जैसे संवेदनशील व हाई-प्रायोरिटी विभागों में अधिकारियों की जिम्मेदारियों में फेरबदल करते हुए नई तैनाती की है। कमिश्नरेट का जोर साफ तौर पर स्पेशलाइज्ड पुलिसिंग पर दिख रहा है, ताकि नोएडा में बढ़ती चुनौतियों के हिसाब से काम की रफ्तार और जवाबदेही दोनों बढ़ाई जा सके। कमिश्नरेट सूत्रों के मुताबिक, यह कदम प्रशासनिक मजबूती के साथ-साथ जनहित में सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने के उद्देश्य से उठाया गया है। खासतौर पर नोएडा में ट्रैफिक दबाव, महिला सुरक्षा से जुड़े मामलों और साइबर अपराध की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए विभागों को नए सिरे से व्यवस्थित किया गया है।
किस अधिकारी को मिली कौन-सी जिम्मेदारी?
नोएडा पुलिस कमिश्नरेट की नई तैनातियों में जिम्मेदारियों का साफ बंटवारा किया गया है। शैलेन्द्र कुमार सिंह (IPS) को DCP ट्रैफिक के साथ DCP लाइन्स और DCP RTC का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है, जिससे नोएडा में ट्रैफिक मैनेजमेंट के साथ-साथ फील्ड ऑपरेशन और सपोर्ट सिस्टम पर एक साथ पकड़ मजबूत होगी। वहीं अनुकृति शर्मा (IPS) को DCP महिला सुरक्षा की कमान मिली है। इसी तरह शैव्या गौयल (IPS) को DCP FRRO बनाया गया है और उनके पास साइबर, नॉरकोटिक्स तथा इंटेलिजेंस एवं सिक्योरिटी का चार्ज भी रहेगा। इसका सीधा संदेश यह है कि नोएडा में साइबर ठगी, नशा तस्करी और सुरक्षा इनपुट जैसे हाई-इम्पैक्ट सेक्टर अब एक ही कमांड के तहत ज्यादा संगठित तरीके से संचालित होंगे। दूसरी ओर मनीषा सिंह (PPS) से ट्रैफिक का प्रभार हटाकर उन्हें ADCP नोएडा के तौर पर जिम्मेदारी दी गई है। जबकि पूनम मिश्रा (PPS) को ADCP (मुख्यालय) की अहम भूमिका के साथ ADCP जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट का भी चार्ज सौंपा गया है।
क्यों अहम है यह फेरबदल?
नोएडा जैसे तेजी से बढ़ते शहर में ट्रैफिक, महिला सुरक्षा, साइबर अपराध और नॉरकोटिक्स जैसी चुनौतियां लगातार बढ़ रही हैं। ऐसे में विभागवार जिम्मेदारियों का यह नया बंटवारा स्पेशलाइज्ड मॉनिटरिंग, तेज निर्णय और बेहतर जवाबदेही तय करने की दिशा में देखा जा रहा है। Noida News
Noida News : नोएडा-ग्रेटर नोएडा में पुलिसिंग को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए गौतमबुद्ध नगर पुलिस कमिश्नरेट में बड़ा प्रशासनिक बदलाव किया गया है। नोएडा पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने ट्रैफिक, महिला सुरक्षा, साइबर, नॉरकोटिक्स और FRRO जैसे संवेदनशील व हाई-प्रायोरिटी विभागों में अधिकारियों की जिम्मेदारियों में फेरबदल करते हुए नई तैनाती की है। कमिश्नरेट का जोर साफ तौर पर स्पेशलाइज्ड पुलिसिंग पर दिख रहा है, ताकि नोएडा में बढ़ती चुनौतियों के हिसाब से काम की रफ्तार और जवाबदेही दोनों बढ़ाई जा सके। कमिश्नरेट सूत्रों के मुताबिक, यह कदम प्रशासनिक मजबूती के साथ-साथ जनहित में सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने के उद्देश्य से उठाया गया है। खासतौर पर नोएडा में ट्रैफिक दबाव, महिला सुरक्षा से जुड़े मामलों और साइबर अपराध की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए विभागों को नए सिरे से व्यवस्थित किया गया है।
किस अधिकारी को मिली कौन-सी जिम्मेदारी?
नोएडा पुलिस कमिश्नरेट की नई तैनातियों में जिम्मेदारियों का साफ बंटवारा किया गया है। शैलेन्द्र कुमार सिंह (IPS) को DCP ट्रैफिक के साथ DCP लाइन्स और DCP RTC का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है, जिससे नोएडा में ट्रैफिक मैनेजमेंट के साथ-साथ फील्ड ऑपरेशन और सपोर्ट सिस्टम पर एक साथ पकड़ मजबूत होगी। वहीं अनुकृति शर्मा (IPS) को DCP महिला सुरक्षा की कमान मिली है। इसी तरह शैव्या गौयल (IPS) को DCP FRRO बनाया गया है और उनके पास साइबर, नॉरकोटिक्स तथा इंटेलिजेंस एवं सिक्योरिटी का चार्ज भी रहेगा। इसका सीधा संदेश यह है कि नोएडा में साइबर ठगी, नशा तस्करी और सुरक्षा इनपुट जैसे हाई-इम्पैक्ट सेक्टर अब एक ही कमांड के तहत ज्यादा संगठित तरीके से संचालित होंगे। दूसरी ओर मनीषा सिंह (PPS) से ट्रैफिक का प्रभार हटाकर उन्हें ADCP नोएडा के तौर पर जिम्मेदारी दी गई है। जबकि पूनम मिश्रा (PPS) को ADCP (मुख्यालय) की अहम भूमिका के साथ ADCP जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट का भी चार्ज सौंपा गया है।
क्यों अहम है यह फेरबदल?
नोएडा जैसे तेजी से बढ़ते शहर में ट्रैफिक, महिला सुरक्षा, साइबर अपराध और नॉरकोटिक्स जैसी चुनौतियां लगातार बढ़ रही हैं। ऐसे में विभागवार जिम्मेदारियों का यह नया बंटवारा स्पेशलाइज्ड मॉनिटरिंग, तेज निर्णय और बेहतर जवाबदेही तय करने की दिशा में देखा जा रहा है। Noida News















