बारिश के बाद जगह-जगह जमा पानी ने गौतमबुद्ध नगर में डेंगू के खतरे को बढ़ा दिया है। मच्छरों के प्रजनन स्थलों की लगातार मिल रही शिकायतों के बीच स्वास्थ्य विभाग ने नोएडा और ग्रेटर नोएडा की हाईराइज सोसाइटियों में निगरानी और जांच तेज कर दी है।

Noida News : मानसून के दौरान बारिश के बाद जगह-जगह जमा पानी ने गौतमबुद्ध नगर में डेंगू के खतरे को बढ़ा दिया है। मच्छरों के प्रजनन स्थलों की लगातार मिल रही शिकायतों के बीच स्वास्थ्य विभाग ने नोएडा और ग्रेटर नोएडा की हाईराइज सोसाइटियों में निगरानी और जांच तेज कर दी है। अब तक जलभराव और मच्छरों के लार्वा मिलने के मामलों में 15 सोसाइटियों को नोटिस जारी किए जा चुके हैं। बारिश के साथ अस्पतालों की ओपीडी में भी बुखार, सर्दी-जुकाम, शरीर में दर्द और कमजोरी की शिकायत लेकर पहुंचने वाले मरीजों की संख्या बढ़ी है। स्वास्थ्य विभाग के सामने इस समय डेंगू और सामान्य वायरल बुखार के लक्षणों में अंतर कर समय पर जांच सुनिश्चित करना भी बड़ी चुनौती है। Noida News
स्वास्थ्य विभाग की टीमें हाईराइज सोसाइटियों के बेसमेंट, पार्किंग, निर्माणाधीन हिस्सों, छतों, गमलों, कूलर, पानी की टंकियों और अन्य संभावित स्थानों का निरीक्षण कर रही हैं। जहां लंबे समय तक पानी जमा मिला या मच्छरों के लार्वा पाए गए, वहां सोसाइटी प्रबंधन और संबंधित जिम्मेदार लोगों को नोटिस जारी किया जा रहा है।
विभाग इससे पहले भी जलभराव और लार्वा मिलने पर सोसाइटियों के खिलाफ कार्रवाई कर चुका है। अक्टूबर 2025 में नोएडा की चार सोसाइटियों को इस तरह की स्थिति मिलने पर नोटिस दिए गए थे। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक डेंगू फैलाने वाला एडीज एजिप्टी मच्छर केवल गंदे पानी में ही नहीं, बल्कि साफ और लंबे समय तक जमा रहने वाले पानी में भी पनप सकता है। घरों और सोसाइटियों में रखे गमलों की ट्रे, कूलर, बाल्टी, पानी की टंकी, पुराने टायर और निर्माण सामग्री में जमा पानी भी मच्छरों के प्रजनन का कारण बन सकता है। इसी वजह से स्वास्थ्य विभाग ने लोगों और सोसाइटी प्रबंधन से छोटे से छोटे जलभराव को भी नजरअंदाज नहीं करने की अपील की है। जुलाई 2026 में भी बरौला, सूरजपुर, कासना और सेक्टर-50 समेत कई इलाकों में डेंगू के मामलों और मच्छरों के प्रजनन स्थलों को देखते हुए निगरानी बढ़ाई गई थी। Noida News
हाईराइज सोसाइटियों में बड़ी संख्या में परिवार रहते हैं। ऐसे में किसी एक परिसर में मच्छरों के प्रजनन स्थल बने रहने से बड़ी आबादी के प्रभावित होने का खतरा रहता है। स्वास्थ्य विभाग ने सोसाइटी प्रबंधन और एओए को नियमित सफाई, जलभराव खत्म करने और एंटी-लार्वा गतिविधियों पर ध्यान देने के निर्देश दिए हैं।
खास तौर पर बेसमेंट और कॉमन एरिया में पानी जमा होने की स्थिति को लेकर सतर्कता बरतने को कहा गया है। विभाग का जोर इस बात पर है कि मच्छरों के पनपने की जगह को शुरुआती स्तर पर ही खत्म किया जाए। Noida News
बारिश के मौसम में वायरल संक्रमण के साथ डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है। डेंगू के शुरुआती लक्षण कई बार सामान्य वायरल बुखार जैसे दिखाई दे सकते हैं। तेज बुखार, सिरदर्द, शरीर और मांसपेशियों में दर्द, कमजोरी तथा उल्टी जैसी शिकायत होने पर चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है। Noida News
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से घर और आसपास पानी जमा नहीं होने देने की अपील की है। कूलर का पानी नियमित रूप से बदलने, गमलों और उनकी ट्रे की सफाई करने तथा छत और बालकनी में जलभराव रोकने पर विशेष ध्यान देने को कहा गया है। सोसाइटी प्रबंधन को भी बेसमेंट, पार्किंग और कॉमन एरिया की नियमित निगरानी करने के साथ मच्छररोधी गतिविधियां तेज करने के निर्देश दिए गए हैं। Noida News
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