राज्यमंत्री की चिट्ठी सामने आने के बाद नोएडा के प्रशासनिक गलियारों में चर्चा क्यों तेज हो गई है ? क्या नोएडा की डीएम को लेकर सामने आई शिकायत पर शासन स्तर से कोई कार्रवाई होगी ? जानने के लिए पढ़ें पूरी खबर

Noida News : नोएडा की जिलाधिकारी मेधा रूपम एक बार फिर चर्चा में हैं। इस बार मामला किसी प्रशासनिक आदेश या सरकारी योजना से जुड़ा नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश सरकार के एक राज्यमंत्री की शिकायत से जुड़ा है। राज्यमंत्री कैप्टेन विकास गुप्ता ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र भेजकर डीएम मेधा रूपम के कार्यशैली और आधिकारिक संवाद को लेकर सवाल उठाए हैं। शिकायत सामने आने के बाद नोएडा के प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। Noida News
राज्यमंत्री विकास गुप्ता की ओर से मुख्यमंत्री को भेजे गए पत्र में मुख्य रूप से आधिकारिक संवाद और सरकारी कार्यक्रमों को लेकर शिकायत की गई है। शिकायत के मुताबिक, जब राज्यमंत्री सरकारी अथवा आधिकारिक कार्यों के सिलसिले में डीएम मेधा रूपम को फोन करते हैं तो कथित तौर पर कॉल रिसीव नहीं की जाती और बाद में कॉल बैक भी नहीं किया जाता। राज्यमंत्री ने सरकारी कार्यक्रमों की जानकारी और निमंत्रण को लेकर भी आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि जिले में आयोजित होने वाले सरकारी कार्यक्रमों की सूचना एवं आमंत्रण देने में उनके साथ अपेक्षित प्रशासनिक प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया जा रहा है। हालांकि, ये बातें राज्यमंत्री की शिकायत में लगाए गए आरोप हैं। इस संबंध में डीएम मेधा रूपम या जिला प्रशासन की ओर से पक्ष सामने आने पर स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी। Noida News
राज्यमंत्री ने अपनी शिकायत में अपने पुराने अनुभव का भी उल्लेख किया है। पत्र के अनुसार, जब विकास गुप्ता हापुड़ के प्रभारी मंत्री थे, उस समय मेधा रूपम वहां जिलाधिकारी के पद पर तैनात थीं। राज्यमंत्री का दावा है कि उस दौरान भी उन्हें आधिकारिक संवाद को लेकर इसी तरह की परेशानी का सामना करना पड़ा था। यदि शिकायत में किए गए दावों की पुष्टि होती है, तो यह मामला केवल नोएडा तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के बीच समन्वय को लेकर भी चर्चा का विषय बन सकता है। Noida News
मेधा रूपम हाल के दिनों में एक अन्य मामले को लेकर भी राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में रही हैं। दिल्ली विश्वविद्यालय की छात्रा आकृति चौधरी की NSA के तहत हिरासत से जुड़े मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सितंबर में हिरासत रद्द करते हुए संबंधित अधिकारियों पर सख्त टिप्पणियां की थीं और मुआवजे की राशि अधिकारियों के वेतन से वसूलने का निर्देश दिया था।
मेधा रूपम ने इस आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी। सुप्रीम कोर्ट ने 23-24 सितंबर की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट के आदेश के उन हिस्सों पर अंतरिम रोक लगाई, जिनमें डीएम के खिलाफ सख्त टिप्पणियां और उनकी सैलरी से मुआवजे की वसूली शामिल थी। । Noida News
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