नोएडा शहर में बढ़ते ट्रैफिक दबाव को कम करने के लिए प्रस्तावित नए एलिवेटेड रोड प्रोजेक्ट ने रफ्तार पकड़ ली है। मास्टर प्लान रोड नंबर-1 पर DND से सेक्टर-60 तक बनने वाले एलिवेटेड रोड की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) तैयार करने की जिम्मेदारी IIT रुड़की को दी गई है।

Noida News : नोएडा शहर में बढ़ते ट्रैफिक दबाव को कम करने के लिए प्रस्तावित नए एलिवेटेड रोड प्रोजेक्ट ने रफ्तार पकड़ ली है। मास्टर प्लान रोड नंबर-1 पर DND से सेक्टर-60 तक बनने वाले एलिवेटेड रोड की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) तैयार करने की जिम्मेदारी IIT रुड़की को दी गई है। नोएडा प्राधिकरण ने इसके लिए संस्थान को आवश्यक शुल्क का भुगतान कर दिया है, जिसके बाद परियोजना की तकनीकी प्रक्रिया आगे बढ़ गई है। Noida News
प्रस्तावित एलिवेटेड रोड की लंबाई में पहले ही करीब डेढ़ किलोमीटर का विस्तार किया जा चुका है। अब यह कॉरिडोर सेक्टर-3 से शुरू होकर सेक्टर-60 में एमपी-2 एलिवेटेड रोड के पास जाकर जुड़ेगा। करीब 5.43 किलोमीटर लंबे इस 6 लेन एलिवेटेड रोड के निर्माण का उद्देश्य दिल्ली से नोएडा के प्रमुख औद्योगिक और आईटी क्षेत्रों तक आवागमन को आसान बनाना है। इसके बनने के बाद वाहन चालकों को शहर के अंदरूनी हिस्सों में लगने वाले जाम से काफी राहत मिलने की उम्मीद है। Noida News
नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों के अनुसार, यह एलिवेटेड रोड सेक्टर-3, सेक्टर-10, सेक्टर-12, सेक्टर-22 तिराहा, सेक्टर-57 होते हुए सेक्टर-60 तक पहुंचेगा। इस परियोजना में सबसे महत्वपूर्ण तकनीकी बिंदु सेक्टर-12/22 का तिराहा है। यहां से एलिवेटेड रोड को जोड़ने के लिए कर्व डिजाइन करना होगा। अधिकारियों के मुताबिक, यदि यहां सीधे मोड़ दिया गया तो यह लगभग 90 डिग्री का हो सकता है, जिससे यातायात प्रभावित हो सकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए IIT रुड़की बेहतर डिजाइन विकल्प तैयार करेगी, ताकि वाहनों की आवाजाही सुचारू बनी रहे। फिलहाल इस मार्ग पर सुबह और शाम के समय भारी ट्रैफिक जाम की स्थिति बनती है। खासतौर पर सेक्टर-3 रजनीगंधा अंडरपास से सेक्टर-12-22-56 तिराहे तक वाहनों का दबाव अधिक रहता है।
शाम के पीक आवर में यहां वाहन धीमी गति से चलते नजर आते हैं। आने वाले वर्षों में नोएडा में बढ़ती आबादी और औद्योगिक गतिविधियों के कारण इस मार्ग पर ट्रैफिक और बढ़ने की संभावना है। प्रस्तावित एलिवेटेड रोड बनने के बाद सेक्टर-3 से सेक्टर-60 तक का सफर काफी कम समय में पूरा हो सकेगा। वर्तमान में जहां इस दूरी को तय करने में करीब आधा घंटा तक लग जाता है, वहीं नई सुविधा के बाद यह समय घटकर लगभग 10 मिनट तक आने की उम्मीद है। Noida News
इस परियोजना पर शुरुआती अनुमान के अनुसार करीब 700 करोड़ रुपये खर्च होने की संभावना है। IIT रुड़की पहले परियोजना की व्यवहारिकता (फिजिबिलिटी) का अध्ययन करेगी और इसके बाद डिजाइन व DPR तैयार करेगी। अधिकारियों का कहना है कि अंतिम लागत DPR तैयार होने के बाद ही स्पष्ट होगी। रिपोर्ट तैयार होने और मंजूरी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद एलिवेटेड रोड के निर्माण का काम आगे बढ़ाया जाएगा। Noida News
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